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गोमुखासन योग कर बचे विभिन्न तरह के सेक्स विकारों से( Gomukhasana yoga in hindi)

anjaneya yoga in hindi

गोमुखासन योग कर बचे विभिन्न तरह के सेक्स विकारों से( Gomukhasana yoga in hindi): अमूमन सेक्स सम्बंधित विकारों के जन्म लेने पर हमारे पास दो ही उपाय बच पाते हैं | एक या तो लोक लाज के डर से बात को दबा देना या फिर दूसरी कि रोग का सही जानकारों द्वारा सही इलाज़ न मिल पाना | ऐसे दोनों ही परिस्थित्ति में नुकसान हमारा ही होता है | आज पुरुषों एवं महिलाओं में  सेक्स सम्बंधित विकार दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं | बात चाहे अंडकोष में वृधि की हो या फिर वीर्य का पतला होना.. चाहे धात रोग की समस्या हो या फिर हर्निया अथवा गठियाँ का इलाज़ ढूँढना |

समाज में सेक्स को हौवा समझने की वजह से हम में से ज्यादातर लोग इन बातो को तवज्जो नहीं देते | ऐसे में योग एवं मैडिटेशन का प्रयोग हमे काफी फायदा पहुँचा सकता है | अपने योग सीरीज के इस चरण में हम आपके सामने लेकर आये हैं गोमुखासन योग … हालाँकि इस आसन को करते वक़्त हमारे शरीर की आकृति गाय समान हो जाती है इसी वजह से इस आसन को गोमुखासन के नाम से जाना जाता है | पेश है एक रिपोर्ट…

गोमुखासन योग  कैसे करें.

(1) सबसे पहले दण्डासन की अवस्था में बैठ जाये | अब अपने बाये पैर को मोड़ कर एड़ी को दाये नितम्ब के पास रखें तथा दाहिने पैर को बाये पैर के ऊपर एक दूसरे से स्पर्श कराते हुए रखें |

(2) दोनों जाँघों को एक दूसरे के ऊपर रख त्रिकोणाकार बना लें | फिर श्वास भरते हुए दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर दाहिने कंधे को पीछे पीठ पर ले जाये |

(3) अब बाये हाथ को पेट के पास से पीठ के पीछे लेकर दाहिने हाथ के पंजे को पकड़ें | ध्यान दें इस दौरान गर्दन एवं कमर को सीधा बनाये रखें | एक ओर से इस आसन को करने के बाद कुछ देर के पश्चात पुनः दूसरी ओर से दोबारा इसी आसन को दोहरायें |

गोमुखासन योग  के फायदे..

(1) इस आसन के नियमित प्रयोग से हाथ, पैर एवं रीढ़ की हड्डियों में खिचाव आता है जिससे वो मजबूत बनती है |

(2) इस आसन से कंधे एवं पीठ की अकड़न को भी काफी हद तक दूर किया जा सकता है | साथ ही ये आसन छाती को चौड़ा कर फेफड़ो की शक्ति को बढ़ाता है | जिससे की श्वास सम्बंधित विकार दूर होते हैं |

(3) अंडकोष में वृधि, धात रोग, कब्ज़, हर्निया, लीवर, किडनी, मधुमेह, बहुमूत्र एवं अन्य प्रकार के स्त्री रोगों में ये आसन काफी लाभदायक सिद्ध होता है |

गोमुखासन योग करते वक़्त बरते ये सावधानी..

  • यदि हाथ, पैर एवं रीढ़ की हड्डियों में दर्द रहता है तो इस आसन को करने का प्रयास न करें | ध्यान दें पहली ही बार जोर जबरदस्ती कर पीठ के पीछे पंजो को पकड़ने की कोशिश न करें |

योग से जुड़े ऐसे ही अन्य योगासन के लिए हमारे योग सीरीज वाले पेज पर बने रहे.

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Shivani A

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