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‘नोटबंदी’ आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है : अरविंद केजरीवाल

arvind kejriwal

फाइल फ़ोटो, अरविन्द केजरीवाल

नई दिल्ली : आज फेसबुक लाइव के जरिये लोगों से रूबरू होते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी को 8 लाख करोड़ रुपये का घोटाला बताया है। श्री केजरीवाल ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के जरिए 8 लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है जो कि आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों तथा बैंक के बड़े डिफाल्टर के कर्ज माफ करने के लिए केंद्र सरकार ने पुराने नोट बंद किए हैं। अब बैंकों के पास आम आदमी द्वारा जमा किये रुपए से पर्याप्त धन आ गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ देश की जनता लाइन में खड़ी है, दूसरी तरफ मोदी सरकार करोड़पतियों की मदद कर रही है। अरविन्द केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दुकानदारों और व्यापारियों को परेशान कर रही है। आगे उन्होंने कहा कि वह दिल्ली के कई बाजारों में गए थे, सब जगह इनकम टैक्स वाले घूम रहे हैं, छोटे-छोटे दुकानों पर ठप्पा लगाया जा रहा है, शरद पवार, जनार्दन रेड्डी पर ठप्पा क्यों नहीं लगा रहे।

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उन्होंने ने कहा कि 3 दिन पहले एसबीआई ने 63 उद्योगपतियों के लोन माफ कर दिए। मोदी सरकार ने विजय माल्या के 1200 करोड़ रुपये माफ कर दिए। केजरीवाल ने केंद्र पर माल्या को भगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने माल्या को रात में हवाई जहाज में बैठाकर भगा दिया, वहीं ग्रीन पीस एनजीओ की प्रमुख को पुलिस ने हवाई जहाज से उतार लिया। केजरीवाल ने सवालिया लहजे में पूछा कि जिन लोगों का कर्ज माफ किया जा रहा है, उनके साथ मोदी सरकार का क्या रिश्ता है मोदी जी देश को बताये।

केजरीवाल ने कहा कि जिनके पास ब्लैक मनी है उनकी सेटिंग चल रही है, परेशानी तो आम अवाम को रही है। उन्होंने कहा कि लाइन में खड़े लोगों को हार्ट अटैक आ रहे हैं, काले धन वालों को नहीं वे मर रहे हैं। केजरीवाल ने बैंकों और ब्लैक मनी वालों के बीच सेटिंग का भी आरोप लगाया। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों से काले धन वालों ने सेटिंग कर ली है, नोटों की सीधी होम डिलिवरी हो रही है। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये के नए नोट आने के बाद भी घूसखोरी की घटनाएं कम नहीं हो रही है ये आगे और बढ़ेगी। उन्होंने सवाल किया कि अगर बैंक 4 हजार रुपये ही बदल रहे हैं तो लोग 3-3 लाख रुपये की रिश्वत दो हजार के नए नोटों में कैसे दे रहे हैं।

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