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एयरलिफ्ट, ऩीरजा और अलीगढ़ में क्या है काॅमन

neerja, ailift and aligarh movie poster

क्या आप बता सकते हैं कि अभी हाल ही में रिलीज हुई एयरलिफ्ट, ऩीरजा और अलीगड मूवीज में क्या समानता है….जी हाँ.. आप सही है अगर आपका जवाब है कि तीनों ही फिल्में सत्य घटनाओं पर आधारित हैं.. ये बडा ही सुखद एहसास है कि हमारा सिनेमा अब काल्पनिक दुनिया से निकलकर सत्य-आधारित घटनाओं पर भी रोशनी डालने में दिलचस्पी दिखा रहा हैं। भले ही हम सिनेमा का रुख केवल इसलिए करते है कि वो हमारा मनोरंजन करता है..लेकिन इस बात से भी कतई इनकार नहीं किया जा सकता है कि सिनेमा अपने कंधों पर इस बात की जिम्मेदारी लेकर चलता है कि समाज को कुछ नया दिखाये…और ये तीन फिल्में इस बात पर खरी उतरती है…

एयरलिफ्ट जहां एक तरफ एक ऐसे भारतीय की कहानी बयां करती है जो अपने बिजनेस और परिवार के अलावा कुछ नहीं सोचता लेकिन वक्त आने पर वहीं व्यक्ति किस कदर बदल जाता है….यह इस फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। तो वहीं नीरजा भी एक ऐसी लडकी की कहानी है जो शायद इस फिल्म के पहले किसी को पता भी नहीं थी….तो वहीं हालिया रिलीज अलीगढ़ भी सत्य घटना पर आधारित फिल्म हैं…..आजतक जो लोग यह कहते नहीं थक रहे थे कि बाँलीवुड में कहानियों का अकाल पड गया है वहीं अब इन फिल्मों की तारीफ करते नहीं थकते ।

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खैर….वजह…चाहें जो भी हो.. ऐसी फिल्में हमारे सिनेमा को एक ऩई वजह देती है..जो कहानियो किताबों के पन्नों या फिर कुछ लोगों की जिंदगीं तक ही सिमट कर रह जाती थी…वहीं अब जोरदार तरीके से मूवीज हाल में अपनी दस्तक दे रही है….अगर हम गौर करें तो पिछले कुछ समय तक यह सोच बनी हुई थी कि सत्य-आधारित घटनाएं शायद ही सिनेमा दर्शकों को टिकट खिडकी तक खींच पाये लेकिन अब ये बातें गुजरे जमाने की हो गई है….अगर कहानी में दम हों और बेहतर तरीके से फिल्मायी गई हो तो दर्शक भी इन फिल्मों को देखने से गुरेज नहीं करते है|

अगर हम बात करें पिछली फिल्मों की जैसे Wake Up Sid, A Wednesday, Rang De Basanti और Wazir…इन फिल्मों ने भी दर्शकों के दिल को बहुत गहराई से छुआ…..ऐसी फिल्में आपको किसी दूसरी दुनिया में नहीं ले जाती हैं बल्कि आपके जीवन के इर्द-गिर्द की परिस्थितियों, सवाल और असमंजस को दर्शाती है और यदि कहानी का सुखद अंत होता है तो दर्शक को इस बात का एहसास दिलाती है कि कहीं न कहीं परिस्थितियों का सामना करना इतना भी मुश्किल नहीं है।

वैसे आने वाले टाइम में काफी सारी फिल्में कतार में हैं….लेकिन अगर हमें सत्य-आधारित घटनाओं से प्रेरित मूवीज देखने को मिलती हैं……तो यह सिनेमा की तरफ अपनी जिम्मेदारिंयों के प्रति एक सकारात्मक कदम माना जाएगा….और हमें भी इस तरह के प्रयासों की भरसक सराहना करनी चाहिये…अगर आपने हालिया रिलीज इन तीनों में से एक भी मूवी नहीं देखी है तो इन्हें देखियगा जरुर..और आपकी ऐसी कौन सी फेवरेट मूवी है और क्यों…हमारे साथ अपने विचारों को साझा करना ना भूले….हमें आपके फीडबैक का इंतजार रहेगा…और हाँ…बने रहिये हमारे साथ कुछ और नये और ताजा-तरीन अपडेट्स के लिये….

 

 

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About the author

Nandini Singh

नंदिनी सिंह ट्रेंडिंगऑवर में एडिटोरियल प्रड्यूसर हैं|

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