Dharm

जब हनुमान से लड़ पड़े प्रभु राम

Lord Rama Battled With Hanuman in Hindi

Lord Rama Battled With Hanuman in Hindi : राम के प्रति हनुमान की भक्ति से हम सब भली भांति परिचित हैं | परन्तु क्या आपको पता है कि एक बार अपने गुरु का अनादर होते देख प्रभु राम ने हनुमान को सजा में मृत्युदंड दे देने की सोची थी..

Lord Rama Battled With Hanuman in Hindi :

जी हाँ ये सच है.. बात उस समय की है जब नारद मुनि प्रभु राम के प्रति भक्त हनुमान की भक्ति देखने हेतु एक स्वांग रचते हैं | एक बार समस्त ऋषि मुनियों में नारद जी हनुमान को गुरु विश्वामित्र को इस बात से अभिवादन नहीं करने की सलाह देते हैं कि विश्वामित्र मुनि तो कभी राजा थे एवं आपको केवल ब्राह्मणों का ही अभिवादन करना चाहिए |

नारद मुनि की बात मान वीर हनुमान द्वार में बैठे समस्त मुनियों का हाथ जोड़ अभिवादन एवं प्रणाम करते हैं परन्तु मुनि विश्वामित्र को प्रणाम न कर उनका अनादर करते हैं इस बात से प्रभु राम काफी ज्यादा रोष में आ जाते हैं चूँकि मुनि विश्वामित्र प्रभु राम के गुरु थे एवं अपने भक्त के द्वारा अपने गुरु के इस अपमान का बदला लेने हेतु प्रभु राम हनुमान को मृत्युदंड देने की सोचते हैं |

बात इतना आगे तक बढ़ जाती है कि फैसला रणभूमि तक पहुँच जाती है | प्रभु राम लगातार हनुमान पर अपने अस्त्रों का प्रयोग करते रहते हैं | परन्तु राम नाम का जाप उन्हें हर परेशानियों से बचा जाता है अंत में बाध्य हो वे हनुमान पर ब्रह्मास्त्र चलाने का सोचते हैं परन्तु राम नाम का जाप हनुमान जी को इस ब्रह्मात्र से भी बचा देता है | ऐसे में अपनी गलती का एहसास कर नारद जी प्रभु राम को जाकर सब कुछ सच बता देते हैं | और इस तरह राम एवं हनुमान के बीच की गलतफैमियां दूर हो जाती हैं ..

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है. रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो. हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है.

अपने धरम एवं संस्कृति से जुड़े ऐसे ही मजेदार बाते जानने के लिए हमारे धरम एवं संस्कृति पेज पर बने रहे.

About the author

Shivani A

Leave a Comment