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आपको कोई नहीं बदल सकता है सिवाय आपके

आपको कोई नहीं बदल सकता है सिवाय आपके

सिर्फ आप ही खुद को बदल सकते हैं और कोई भी नहीं… भले ही आप इस लाइन को पढ़कर इस बात पर ज्यादा यकीन ना करें लेकिन इस वाक्य को पढ़कर आपको इस बात पर विश्वास जरुर हो जायेगा।

एक बार एक आदमी अपनी शराब पीने की आदत से बहुत परेशान था वो एक संत के पास गया और पूछा – महाराज मैं क्या करुँ ये शराब मुझे छोड़ ही नहीं रही है। मैने काफी कोशिश की छोड़ने की लेकिन ये मुझसे दूर होने का नाम ही नहीं ले रही है। संत ने उस समय कुछ नहीं कहा। और उस आदमी को केवल इतना आदेश दिया की सामने जो पेड़ दिख रहा है उसके चारों ओर से चिपटकर खड़े हो जाओ। उस आदमी ने ठीक वैसा ही किया। एक दिन हुआ, दो दिन हुआ, तीसरा दिन हुआ लेकिन संत ने उस आदमी को कुछ नहीं कहा…वो आदमी उनके आदेश का पालन करते हुए जस का तस पेड़ के चारों ओर सटकर खड़ा रहा।

जब वह आदमी थक गया तो उसने संत से कहा महाराज आप मुझे कब हटने के लिये कहेंगे इस पेड़ से। महाराज नें शांति से कहा कि- क्या इस पेड़ ने तुम्हें पकड़ा हुआ है…उस आदमी ने कहा नहीं, इस पेड़ ने मुझे नही पकड़ रखा है बल्कि मैने ही इसे पकड़ा हआ है आपके कहने पर। फिर संत ने कहा कि यही बात मै तुम्हें समझाने की कोशिश कर रहा हूँ कि शराब की लत ने नहीं बल्कि तुमने ही उसे पकड़ा हुआ है। जैसे मैंने तुम्हें आदेश दिया की इस पेड़ को पकड़ लो वैसे ही तुम्हारा मन तुम्हें आदेश देता है की शराब को मत छोड़ो इसे पकड़े रहो। लेकिन ये गलत है कि तुम अगर ये कहते हों कि शराब ने तुम्हें पकड़ा हुआ है। इसने तुम्हें नहीं बल्कि तुमने इसे पकड़ा हुआ है। जब तक तुम खुद नहीं चाहोगे पेड़ से अलग नहीं हो सकते हो।

इसी तरह से अगर आप खुद को बदलना चाहते हो तो ये आपके अलावा और कोई नहीं है जो आपके अंदर बदलाव ला सके। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की कोई आपको हँसाने की कोशिश कर रहा है जब तक कि आप खुद हँसना ना चाहें। अगर आप खुद हँसना चाहते हैं खुश रहना चाहते हैं तभी सामने वाले की हँसाने की कोशिश कामयाब हो सकती है अन्यथा नहीं।

तो अगर आप खुद को कामयाब, खुश और हेल्थी रखना चाहते हैं तो आपको खुद के अंदर की आवाज सुननी होगी। किसी ने सही कहा है कि शांति आपके भीतर है इसे बाहर तलाशना बेकार है। अगर आप अंदर से शांत हैं तो कोई फर्क नहीं पड़ता की बाहर कितनी अशांति है या कितना शोर है। एक प्यार में पागल इंसान को पूरी दुनिया अच्छी लगती है क्योंकि उसका दिल प्यार में डूबा हुआ है तो वहीं गुस्से से भरे दिल को पूरी दुनिया गलत लगती है क्योंकि उसके अंदर ही काफी सारा गुस्सा भरा हुआ है। तो यहाँ पर ये बात समझने की जरुरत है कि ये सिर्फ और सिर्फ आप ही हैं जो खुद की लाइफ बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी..

About the author

Nandini Singh

नंदिनी सिंह ट्रेंडिंगऑवर में एडिटोरियल प्रड्यूसर हैं|

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