तोलांगुलासन योग करेगी संतुलित बल का प्रवाह(Tolangulasana yoga in hindi)

तोलांगुलासन योग करेगी संतुलित बल का प्रवाह(Tolangulasana yoga in hindi): बाज़ार में किसी वस्तु विशेष को तौलते वक़्त आपने ध्यान दिया होगा की तराजू का कांटा बीच में स्थिर हो जाता है | ये दिखाता है कि दोनों तरफ का भार संतुलित है | तोलांगुलासन के माध्यम से भी शरीर का सम्पूर्ण भार नितंब में केन्द्रित कर दिया जाता है जिससे कि शरीर कि आकृति तराजू सामान बन जाती है | इसी वजह  से शायद इस आसन का नाम तोलांगुलासन पड़ा | इस आसन से न सिर्फ मोटापा कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है बल्कि शरीर के भार को भी संतुलित बनाये रखने में सहायता मिलती है | पेश है एक रिपोर्ट..

तोलांगुलासन कैसे करें

(1) इस आसन को करने से पहले सर्वप्रथम दण्डासन की अवस्था में बैठ जाये | अब सम्पूर्ण शरीर के भार को अपने नितम्ब में देने की कोशिश करें |

(2) अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए पीछे झुके एवं हाथ पैरों को भूमि से थोड़ा ऊपर उठाने की कोशिश करें |

(3) कुछ देर तक रुकने के बाद दोबारा दण्डासन की अवस्था में लौटे एवं कुछ देर तक विश्राम करने के बाद शरीर को दोबारा इस आसन के लिए अभ्यस्त करें |

तोलांगुलासन के फायदे :

(1) इस आसन के नियमित प्रयोग से शरीर के भार को संतुलित बनाये रखने में सहायता मिलती है साथ ही शरीर में एक नयी उर्जा का संचार होता है |

(2) तोलांगुलासन के प्रयोग से पेट की मांसपेशियों में खिचाव आता है जिससे की पेट के एब्स मजबूत होते हैं साथ ही तोंद घटाने में भी इससे काफी मदद मिलती है |

(3) इस आसन से हाथ एवं पैर की मांसपेशियों में खिचाव आता है एवं स्नायुं तंत्र की कोशिकाएँ भी सक्रिय हो जाती है जिससे की शरीर का मानसिक विकास होता है |

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Tredinghour

THNN (Trendinghour News Network).

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