पेट के विकारों से छुटकारा दिलाएगा मंडूकासन योग( mandukasana yoga in hindi)

पेट के विकारों से छुटकारा दिलाएगा मंडूकासन योग( mandukasana yoga in hindi): अक्सर खान-पान के प्रति हम भारतीयों की अच्छी खासी दिलचस्पी रहती है | हम में से यहाँ कई लोगों से यदि उनके जीने का मकसद पूछा जाये तो बहुतों का उत्तर आता है “ यार मैं तो खाने के लिए जीता हूँ… जरा सोचिये खान-पान के प्रति इतना प्यार और एक स्वस्थ्य जीवन शैली का अभाव आखिर हमारे पाचन तंत्र पर क्या असर डालेगा..?

ऐसे में मंडूकासन योग पेट सम्बंधित तमाम विकारों को दुर कर आपके पाचन तंत्र को एक बार फिर से दुरुस्त बनाता है |  साथ ही डायबिटीज जैसी समस्याओं में भी ये आसन हमारी काफी मदद करता है | पेश है एक रिपोर्ट…

मंडूकासन योग कैसे करें 

(1) सबसे पहले दण्डासन में बैठते हुए बज्रासन की अवस्था को अपनाएं | अब दोनों हाथो कि मुट्ठी को बंद करलें | ध्यान दें मुट्ठी बंद करते वक़्त अंगूठे की अँगुलियों से अन्दर दबाएँ |

(2) अब दोनों मुट्ठियों को नाभि के दोनों और लगाकर साँस बाहर निकालें | अब सामने झुकते हुए ठोड़ी को जमीन पर टिका दें |

(3) थोड़ी देर तक इसी आसन में बैठे रहें एवं पुनः कुछ देर बाद बज्रासन की मुद्रा को अपना लें | कुछ देर तक इसी आसन में बने रहें | निरंतर अभ्यास से अभ्यास काल को बढ़ाने की कोशिश करें |

मंडूकासन योग के फायदे.

(1) ये आसन डायबिटीज पीड़ित के लिए एक रामबाण का काम करती है | दिन में 3-4 बार इसके अभ्यास से मधुमेह के रोग में काफी फायदा पहुँचता है  |

(2) इस रोग से पेट के अन्य विकार जैसे कि कब्ज, अपचन, गैस, भूख न लगना इत्यादि विकारों से छुटकारा मिलता है |

(3) मलाशय, लीवर, किडनी, पैंक्रियास इत्यादि अंगो को सुदृढ़ बना ये पेट के अन्य विकारों को दुर करता है एवं हमारे पाचन तंत्र को एक नया आयाम देता है |

मंडूकासन योग  सावधानी

(1) पेट सम्बंधित किसी भी बीमारी से जूझ रहे लोगों से अनुरोध है कि इस आसन को न करें |

(2) आसन करते वक़्त ध्यान दें कि दोनों मुट्ठी अच्छी तरह से नाभि के आस-पास टिकी हो|

(3) स्लीप डिस्क एवं कमर के दर्द से जूझ रहे पीड़ित इसे डॉक्टर के परामर्श के बाद ही करें |

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