झूलन-दुलकन योग से करे रीढ़ की हड्डियों को मजबूत( jhulan dhulkan yoga in hindi)

झूलन-दुलकन योग से करे रीढ़ की हड्डियों को मजबूत( jhulan dhulkan yoga in hindi): बचपन में हम अक्सर वो सब कुछ कर पाते हैं | जिसकी कामना बड़े होने के बाद हमे अकल्पनीय लगने लगती है | ऐसे ही एक आसन है झुलन-ढुलकन आसन | आप में से कईयो ने शायद इस आसन का नाम भी न सुना हो |

परन्तु ये सच है कि हम में से अधिको ने बचपन में इसे बहुत बार किया है | हालाँकि इसमें कोई दो  राय नहीं की शरीर का आधार रीढ़ एवं कमर कि हड्डी होती है | झूलन-ढुलकन आसन के नियमित प्रयोग से  रीढ़ कि हड्डी एवं जोड़ पहले से ज्यादा लचकदार एवं मजबुत बनते है |

झूलन-दुलकन आसन करने कि विधि

(1) सबसे पहले पीठ के बल लेट जाये तथा दोनों पैरो को मोड़ते हुए वक्ष तक लेकर आएँ | ध्यान दें दोनों हाथो कि अँगुलियों को आपस में फांसकर घुटनों के पास पैरो को कसकर पकड़ें |

(2) अब शरीर को क्रमशः दाहिने और बायीं और लुढकाते हुए पैर के बगल के हिस्सों को जमीन पर स्पर्श कराये | अभ्यास काल में साँस लेते एवं बाहर छोड़ते रहें |

(3) ध्यान दें सम्पूर्ण शरीर का भार धीरे-धीरे अपने मेरुदंड में देने कि कोशिश करें  एवं आगे की और लुढ़कते समय पैरों पर बैठने कि स्थिति में आने का प्रयत्न करें |

झूलन-दुलकन आसन के फायदे

(1) इस आसन के निरंतर अभ्यास से मेरुदंड की हड्डी मजबूत बनती है एवं रीढ़ की हड्डियों में खिचाव ला ये शरीर को लचीला बनाता है |

(2) इस आसन के नियमित प्रयोग से पीठ, कमर एवं नितम्ब की चर्बिया कम होती हैं | साथ ही इन अंगो कि मालिश कर ये इन्हें और भी मजबूत बनाती है |

झूलन-दुलकन आसन सावधानी

(1)ध्यान दें इस आसन से रीढ़ की हड्डियों पर अच्छा खासा जोर पड़ता है, अतः मोटा कम्बल बिछाकर इस आसन का प्रयोग करें |

(2) जिन लोगों को पहले से ही कमर अथवा पीठ दर्द कि शिकायत है वो कृपया इस आसन से परहेज करें |

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THNN (Trendinghour News Network).

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