व्रिश्चकासन से दूर करे मूत्र सम्बंधित समस्त विकार( wrischakasana yoga in hindi)

व्रिश्चकासन से दूर करे मूत्र सम्बंधित समस्त विकार( wrischakasana yoga in hindi): अमूमन ख़राब किडनी अथवा सुगर से पीड़ित व्यक्तियों में बार-बार मूत्र की समस्या काफी आम देखी जाती है | ऐसे लोगो में किसी सफ़र के दौरान तो मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं | ध्यान दें उचित खानपान एवं जीवन में योग के समावेश से इन विकारों से काफी अच्छी तरह से बचा जा सकता है | इस आसन को करते वक़्त किसी व्यक्ति की आकृति बिलकुल बिच्छु (व्रिश्चक) की तरह हो जाती है | इसलिए इस आसन को व्रिश्चाकासन के नाम से जाना जाता है |

हालाँकि शीर्षासन एवं अन्य आसन की तरह इस आसन के लिए भी शुरुवात में किसी ट्रेनर कि जरुरत पर सकती है मगर यकीन  मानिये एक बार इस आसन के अभ्यास की आदत लग जाने पर ये आसान आपके शरीर के ढेरों विकारों को दूर करने में सक्षम है | पेश है एक रिपोर्ट…

व्रिश्चकासन योग कैसे करें:

(1) शुरुवात में आपको किसी ट्रेनर की जरुरत पड़ सकती है | ट्रेनर के अभाव में किसी दीवार के पास समतल भूमि पर आसन बिछाकर भी इस आसन को किया जा सकता है |

(2) सबसे पहले दोनों हाथों में कुछ अंतर रखते हुए उनकी हथेलियों को कोहनी समेत जमीन पर टिका दें | वहीँ दूसरी ओर दोनों घुटनों को भूमि पर टिकाकर  किसी चौपाये की तरह आकृति बना लें |

(3) अब सर को हाथों के बीच टिकाकर पैरों को ऊपर ले जाकर सीधा करते हुए घुटनों से मोड़कर दीवार से टिका दें | अर्थात कोहनियों और हथेलियों के बल पर शीर्षासन करते हुए दोनों पैरों के पंजे को दीवार से टिका दें |

(4) अब सर को हलके-हलके उठाने का प्रयत्न करें | तो वहीँ दूसरी ओर पैरों को दीवार के सहारे जहाँ तक संभव हो नीच सर की और खिसकाते जाये |

व्रिश्चकासन योग  के फायदे:

(1) इस आसन को करने से कोहनी, रीढ़, कंधे, गर्दन, छाती एवं पेट की मांसपेशियों पर एक साथ खिचाव आता है जिससे की वो सदृढ़ एवं लचीले बन पाते हैं |

(2) ये कब्ज, एसिडिटी, अपचन एवं पाचन सम्बंधित अन्य विकारों को दूर कर नेचुरल तरीके से आपके पाचन को सुधारता है जिससे कि भूख बढती है |

(3) इसके नियमित अभ्यास से मूत्र सम्बंधित विकार दूर होती है एवं चेहरे में भी बेहतर रक्त संचार की वजह से एक नयी ताजगी एवं कांति पैदा होती है |

व्रिश्चकासन योग  करते वक़्त बरते ये सावधानी:

  • ध्यान दें इस आसन को करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें साथ ही जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, हर्निया, हार्ट डिजीज तथा अल्सर की समस्या है वे कृपया इस आसन से परहेज करें |

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व्रिश्चकासन योग कैसे करे
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