वृक्षासन योग के प्रयोग से बढ़ाये अपना खोया आत्म विश्वास(Wrikshasan yoga in hindi)

वृक्षासन योग के प्रयोग से बढ़ाये अपना खोया आत्म विश्वास(Wrikshasan yoga in hindi): दुनिया में यदि सबसे बड़ी कोई दौलत है तो वो है मानसिक शांति एवं आत्म विश्वास | परन्तु अमूमन आज के इस भागमभाग भरे संसार में हम अपने कार्य एवं सफलता के पीछे इतने मशगुल हो जाते हैं कि कोई काम सफल नहीं होने पर हम डिप्रेस्ड हो जाते हैं |

आत्म-विश्वास में आई कमी कई मायने में हमे नुकसान पहुँचा सकती है | बड़े बुजुर्ग भी कह गए हैं कि “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत ” ऐसे में वृक्षासन का प्रयोग मानसिक सुदृढ़ता बढ़ा आत्म विश्वास बढाता है | इस आसन को करते वक़्त शरीर की संरचना वृक्ष समान हो जाती है इसलिए इस आसन को वृक्षासन कहते हैं | पेश है एक रिपोर्ट..

  वृक्षासन योग कैसे करें..

(1) इस आसन को करने से पहले सावधान की मुद्रा में आ जाये फिर दोनों पैरों को एक दूसरे से कुछ दूर रखते हुए खड़े रहें और फिर हाथों को सर के ऊपर उठाते हुए सीधा कर हथेलियों को मिला दें |

(2) इसके पश्चात दाहिने पैर को घुटनों से मोड़ते हुए इसके तलवे को बाये जांघ पर टिका दें |

(3) इसी स्थिति के दौरान दाहिने पैर की एडी गुदाद्वार के नीचे टिका दें |

(4) अब बाये पैर पर संतुलन बनाये हुए हथेलियों, सर और कंधे को एक सीध में बनाये रखने की कोशिश करें |

वृक्षासन योग के फायदे..

(1) इस आसन के निरंतर अभ्यास से शरीर और मन में नई स्फूर्ति एवं उर्जा का संचार होता है |

(2) मन में संतुलन एवं शांति देता ये योग आपकी एकाग्रता एवं आत्म विश्वास को एक नयी शक्ति प्रदान करता है |

(3) इससे पैरो में स्थिरता आती है जिससे की पैर मजबूत होते है साथ ही इस आसन के नियमित प्रयोग से कमर और कूल्हों के आस-पास जमी चर्बी कम होती है तथा तोंद भी कम होती है |

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वृक्षासन योग
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