अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का रखें खास ख़याल (खान-पान)

Diet for Pregnancy: यूँ तो माँ बनने वाली हर महिला अपने होने वाले बच्चे का पूरा ख़याल रखती है | वो खुद से ज्यादा अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का खयाल रखती है | ये काफी हद तक सही माना गया है | लेकिन ये वैज्ञानिक रूप से बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि कोई भी माँ अपने बच्चे का सही मायने में अच्छी देखभाल व् सुरक्षा तभी कर सकती है जब वो खुद का पूरा ख़याल रखे | उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की देखभाल का पूरा जिम्मा उसकी खुद की सही देखभाल व् सुरक्षा से जुड़ा हुआ है |

इसलिए हर होने वाली माँ को अपने होने वाले बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए खुद का खान-पान और देखभाल का जिम्मा पहले उठाना होगा | और इसके लिए पौष्टिक आहार पर्याप्त मात्रा में होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि गर्भस्थ शिशु का विकास उसकी माँ के आहार (Diet for Pregnancy) पर निर्भर होता है | आईये डालते हैं एक नज़र खास ख़याल रखने वाली इन ख़ास बातों पर पेश है एक रिपोर्ट…

Diet for Pregnancy:

गर्भावस्था में महिला को आहार में कौन सी खाने-पीने की चीजें लेनी चहिए और कितनी मात्रा में लेनी चाहिए इस बात का ख़ास ख़याल रखें | सामान्यतः  प्रत्येक महिला को प्रतिदिन 2100 कैलोरी  का आहार करना चाहिए। जबकि फ़ूड एंड न्यूट्रीसन बोर्ड  के अनुसार एक गर्भवती महिला को आहार के माधयम से 300 कैलोरी अतिरिक्त लेनी ही चाहिए। यानि सामान्य महिला की अपेक्षा गर्भवती महिला को 2400 कैलोरी युक्त  आहार लेना चाहिए और विटामिंस एवं मिनरल्स थोड़ी अधिक मात्रा में लेने चाहिए | जैसे की :
1) प्रोटीन (Proteins) 

  • गर्भवती महिला को आहार मे प्रतिदिन 60 से 70 ग्राम प्रोटीन  लेना चाहिए।
  • आखिरी 6 महीनों के दौरान करीब 1 kg  प्रोटीन  की जरुरत होती है।
  • प्रोटीन युक्त आहार में मूंगफली, पनीर, काजू, बदाम, दलहन, मांस, मछली, अंडे इत्यादि शामिल हैं।

2) कैल्शियम (Calcium)

  • गर्भवती महिला को आहार मे प्रतिदिन 1500 -1600 मिलीग्राम कैल्शियम की मात्र  देनी चाहिए। क्योंकि गर्भ के दौरान माँ की हड्डियाँ कैल्शियम खोने लगती हैं  जिसकी पूर्ति के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है जो बच्चे की हड्डियों को भी मजबूत बनाती हैं |

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  • कैल्शियम युक्त आहार में दूध और दूध से बने व्यंजन, दलहन, मक्खन, पनीर, दही मेथी, बीट, अंजीर, अंगूर, तरबूज, तिल, उड़द, बाजऱा, मांस इत्यादि का समावेश होता है।

3) फोलिक एसिड (Folic Acid)

  • पहले तीन महीने वाली महिलाओं को प्रतिदिन 4 mg फोलिक एसिड लेंने की  जरुरत होती है। दूसरी और तीसरी तिमाही मे 6 mg फोलिक एसिड  लेना आवश्यक है।
  • पर्याप्त मात्रा में  फोलिक एसिड लेने से गर्भपात का खतरा नहीं रहता है
  • फोलिक एसिड युक्त आहार में दालें, राजमा, पालक, मटर, मक्का, सरसों का साग, हरी पत्तेदार सब्जियां भिंड़ी, सोयाबीन, काबली चने, स्ट्रॉबेरी, केला, अनानास, संतरा, दलीया, इत्यादि होता है।

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4) पानी (Water)

  • गर्भवती महिला हो या कोई भी अन्य व्यक्ति, पानी हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं को अपने शरीर की बढ़ती हुईं आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर पानी जरुर पीना चाहिए।
  • हमेशा ध्यान रखें ज्यादा से ज्यादा पानी पियें और सुरक्षित और साफ पानी ही पियें | हो सके तो फ़िल्टर व् RO का पानी ही इस्तेमाल करें |

5)  विटामिन (Vitamins)

  • गर्भावस्था के दौरान विटामिंस की जरुरत बढ़ जाती है।
  •  एक गर्भवती महिला का खाना ऐसा होना चाहिए जो सभी जरूरी मिनरल्स के साथ-साथ विटामिन्स की भी जरूरत को पूरा करे |
  • हरी सब्जियाँ, दलहन, दूध आदि से विटामिन्स  उपलब्ध हो जाते हैं।

6) आयोडीन (Iodine)

  • गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 200-220 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरुरत होती है जिसकी पूर्ति भी आवश्यक रूप से होनी चाहिए |
  • आयोडीन शिशु के दिमागी विकास के लिए बहुत आवश्यक है इससे बच्चे में मानसिक रोग व् वजन बढ़ने जैसी समस्यायें उत्पन्न नहीं होती हैं |
  • आयोडीन युक्त नमक अपने खाने में मिलकर खाएं ये सबसे सरल उपाय है आयोडीन की मात्रा को अपने आहार में शामिल करने का |

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7) जिंक (Zinc)

  • गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 15-20 mg जिंक को अपने आहार में शामिल करना चाहिए ।
  • क्योंकि जिंक की कमी से भूख न लगने जैसी समस्यायें पैदा होती हैं जिससे शारीरिक विकास में रूकावट आती है |
  • पर्याप्त मात्रा में शारीर को जिंक देने के लिए हरी सब्जियाँ ज्यादा से ज्यादा खाएं |

गर्भवती महिलाओं को आहार संबंधी निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए |

  1. गर्भवती महिला को हर 4 घंटे में कुछ न कुछ खाने (Diet for Pregnancy) की कोशिश करनी चाहिए।
  2. वजन बढ़ने की चिंता नहीं करनी चाहिए बल्कि अच्छी तरह से खाने की ओर ध्यान देना चाहिए।
  3. मदिरापान/धूम्रपान न करें।
  4. कैफीन युक्त दवाओं का सेवन न करें | क्योंकि कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन करने से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है |
  5. गर्भवती महिलाओं को गर्म मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए।
  6. Anaemia से बचने के लिए शरीर में खून की कमी न होने दें इसके लिए आयरन युक्त भोजन करें जैसे पालक, हरे पत्ते वाली साग सब्जियां खायें और अंकुरित डालें |
  7. विशेष ध्यान रहे इस बात का कि गर्भावस्था के सम्पूर्ण काल के दौरान गर्भवती महिला का वजन 10 से 12 किलो ही बढ़ना चाहिए।
  8. गर्भवती महिला को  उपवास कभी भी नहीं रखना चाहिए।
  9. गर्भवती महिला को  सूप और जूस जरुर लेना चाहिए। भोजन के दौरान इनका सेवन करना फायदेमंद है । लेकिन ये सब घर का बना हो बाज़ार का नहीं |
  10. गर्भवती महिला को फ़ास्ट फ़ूड,  ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा तिखा और मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर डॉक्टर से जांच अवश्य करायें

  • गर्भवती महिलाओं को अपने डॉक्टर की सलाह अनुसार Thyroid Profile की जॉंच जरुर  करानी चाहिए।

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  • अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार Vitamin  और Iron  की गोलियाँ नियमित समय पर लेनी चाहिए।
  • समय-समय पर सोनोग्राफी भी करानी चाहिए जिससे के बच्चे के हो रहे सही विकास पर ध्यान रखा जा सके | बच्चे के शारीरिक विकास में कोई बढ़ा आये तो उसकी जांच की जा सके |

इन सभी बातों का खास खयाल अगर माँ रखेगी तो उसका बच्चा अवश्य हि स्वस्थ और तंदुरुस्त पैदा होगा | और माँ की सेहत भी अच्छी बनी रहेगी | खान-पान (Diet for Pregnancy) के साथ अपनी सेहत का ख़याल रखना बेवजह टेंशन न लेना या चिंता न करना माँ और शिशु दोनों की सेहत के लिए अच्छा है |

Dr. Priya Shree

डॉक्टर हूँ, अब राइटर हो रही हूँ। क्लोमिस्ट ट्रेंडिंग ऑवर|

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