इस स्वाधीनता दिवस करे इस वीरांगना के त्याग एवं बलिदान को सलाम

Amazing Facts About Iron Lady Irom Chanu Sharmila in Hindi साल 2006 में एक मूवी आई थी “ रंग दे बसंती:. यूँ तो युवाओं को केंद्र में रख रची बनाई गयी इस मूवी के हर डायलाग एक से बढ़कर एक थे परन्तु जो डायलाग मुझे सबसे ज्यादा पसंद है वो है “ ज़िन्दगी जीने के दो ही तरीके हैं एक तो जो हो रहा है उसे होने दो और दूसरा उठो तथा साहस रखे उसे बदलने की” | खैर यूँ तो हमारे समाज में ऐसे लाखों आइडल हुए हैं जिन्होंने कठिन एवं विषम परिस्थितियों में भी समाज को जीने की एक नयी वजह दी है परन्तु उन नायकों में Irom Chanu Sharmila (इरोम शर्मीला) का अपना अलग महत्व है |

सालो से लाखो लोगों को एक बेहतर भविष्य देने के लिए सिस्टम से लड़ रही मणिपुर की 44 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम चानू शर्मिला ने मंगलवार (9 August) को 16 साल से जारी अपना अनशन तोड़ दिया। यहाँ बताते चले की मणिपुर सहित सातों नार्थईस्ट स्टेट एवं कश्मीर में बेहतर विधि व्यवस्था बनाये रखने हेतु आर्म्ड फाॅर्स को विशेष बल(AFSPA) कानून दिया गया है जिसके फलस्वरूप वहाँ के आम लोगो की प्राइवेसी में खासा असर परा है | साल 2000 को इसी के खिलाफ अनसन में गयी आयरन लेडी ने गतः 9 अगस्त को अनशन तोड़ते हुए राजनीती में प्रवेश कर मणिपुर की सीएम बन लोगों की सेवा करने की इच्छा जाहिर की है, हालाँकि उनके इस निर्णय को उनके ही समाज के लोगो द्वारा आलोचनाओं का भी सामना करना पर रहा है | ऐसे में यदि आगामी चुनाव में आयरन लेडी हार जाती है तो अफ़सोस हमें डर है की वे कही इतिहास बनकर न रह जाये | आइये जानते है इरोम शर्मीला जी के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में :

Facts About Iron Lady Irom Chanu Sharmila :

(1) 14 मार्च 1972 को मणिपुर में जन्मी इरोम अपने 9 भाई-बहनों में सबसे छोटी है | बचपन से ही समाज के दकियानूसी से संघर्षरत शर्मीला को बचपन से ही पढने का मन नहीं था | उन्होंने 12वी तक की पढाई की है |

(2) समाज के लिए कुछ करने की भावना रखने वाली इरोम ने कभी एक स्कूल की मदद करने हेतु मुर्गियां भी पाली थी | उनसे मिले अन्डो को बेचकर वे स्कूल को दान कर देती थी |

(3) युवा इरोम हमेसा न्याय के साथ बनी रहती | कही भी कोई धरना हो अथवा अन्याय के खिलाफ आवाज ही बुलंद क्यूँ न करनी हो शर्मीला में लोगो को हमेसा दूसरों के लिए कुछ कर गुजरनी की भावना दिखी |

(4) युवा अवस्था में इरोम को बाइक चलाने का बेहद शौक था| वे कभी भी टिपिकल लड़कियों के तरह घर के चौका बर्तन में खुद को नहीं उलझाना चाहती थी | यही वजह है की युवा अवस्था में ही वे एक स्थानीय समाचार पत्र से जुडी ताकि जनता के आवाज़ को दूर बैठी सरकार तक पहुँचाया जा सके |

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(5) साल 2000 में राज्य में लगे AFSPA कानून के वजह से कई निर्दोषों की सेना द्वारा हत्या से क्षुब्द शर्मीला ने उसी दिन से राज्य से AFSPA हटाने हेतु अमरण अनसन की घोषणा की थी | बतौर शर्मीला “जब तक राज्य से ये विशेष कानून नहीं हटा दिया जाता तब तक न तो वे अपने बालो को कंघा करेगी और न ही खाना खाएगी” |

(6) मानव अधिकारों के लिए लड़ने की वजह से उन्हें साल 2014 में वीमेन डे के मौके पर MSN द्वारा करवाए गए एक पोल के जरिये भारत का टॉप वीमेन आइकॉन चुना गया था | यही नहीं अनशन के दौरान इरोम को जिस हॉस्पिभटल में रखा गया था वहा अब उनका पर्सनल रूम बन चुका है। दुनियाभर से उनके संकल्प में समर्थन हेतु आये well wishes और गिफ्ट इसे कमरे में रखे गए है |

(7) अनसन के दौरान ही इरोम डेसमंड कूटीन्यो नामक ब्रिटिश मूल के एक लड़के से मिली एवं दोनों एक दुसरे को दिल दे बैठे | हालाँकि अपने वचन के वजह से पहले इरोम अपने रिश्ते को ले उतना गंभीर नहीं थी परन्तु अब इरोम ने खुद 53 वर्षीय डेसमंड से विवाह की इच्छा जाहिर की है.

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(8) आज अपनों के ही बीच अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही इरोम विदेशो में एक जाना पहचाना नाम है | इरोम को अपने त्याग एवं जनहित आन्दोलन के लिए साल 2007 में Gwangju Prize, साल 2010 में प्रथम Mayillama Award, साल 2013 में एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा Prisoner of conscience तथा Asian Human Right Commission द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिया गया है |

खैर अपने त्याग एवं बलिदान के फलस्वरूप लोगों में आयरन लेडी के नाम से मशहुर इरोम को समस्त ट्रेंडिंगऑवर टीम के तरफ से भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाये | आशा करते है इरोम का त्याग शदियों तक युवा पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शन का काम करेगी |

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