बाघा बॉर्डर जाने की सोच रहे है तो इस लेख को पढना न भूले

Wagah Border Travel Guide in Hindi: चेहरे पर तिरंगे का निशान और हाथों में भारतीय ध्वज लिए लाखों की भीड़ अमूमन देखने को नहीं मिलती| मेरा एक दोस्त हमेसा कहा करता था कि ” भाई यदि तुझे सच में देशभक्ति देखनी हैं तो इंडिया में यह दो ही जगह संभव हैं एक या तो किसी क्रिकेट स्टेडियम में या दूसरी बाघा बॉर्डर में”| जी हाँ बाघा बॉर्डर..अमृतसर से कुछ ही दूर स्थित बाघा बॉर्डर एवं वहां की Flag Lowering Ceremony हर दिन लाखों देसी एवं विदेशी शैलानियों को अपने ओर आकर्षित करती हैं|यदि आप भी कभी ऐसे जलसे का हिस्सा बन चुके हैं तो आपको यह पता ही होगा कि निश्चित रूप से वो यादे आपको जीवन भर याद रहने वाली हैं|

इससे पहले कि हम आपको बाघा बॉर्डर के बारे में और कुछ बताये आप खुद ही वहाँ के जश्न की एक झलक देख ले|

कैसा लगा परेड देखकर…??

कही आप भी इस विडियो को देखकर वहां जाने का मन तो नहीं बना रहे न..अगर बना रहे हैं तो यह लेख खास आपके लिए ही हैं| मैंने भी वीडियोस एवं टीवी में बाघा बॉर्डर की तारीफे सुन वहाँ जाने का मन बनाया था| मगर मुझे क्या पता था कि वहाँ जाकर मुझे भी हजारों लोगों के तरह खाली हाथ ही लौटना परेगा|

आजकल की पढ़ी-लिखी जनता कही भी जाने से पहले वहां के बारे में सब कुछ रिसर्च करना ही बेहतर समझती हैं|कहा जाये, क्या खाए, टाइमिंग, टूरिस्ट आकर्षण इत्यादि सारे सब्जेक्ट्स में रिसर्च करने के बाद भी कभी-कभी किस्मत धोका दे जाये और आप अपने मंसूबों में नाकामयाब हो जाये तब कैसा लगता हैं ये कोई मुझसे पूछे| और ऐसा सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ बल्कि हर दिन हजारों लोग चाहे वो देश के किसी भी प्रान्त से क्यूँ न आये हो उनके साथ ऐसा ही हो रहा हैं|

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दरअसल बाघा बॉर्डर की सेरेमनी एवं परेड देखने के लिए हर रोज़ लाखों लोग देश के कोने-कोने से वहां पहुचते हैं परन्तु स्टेडियम की कैपेसिटी कम होने के वजह से पहुंचे भीड़ की लगभग आधी आबादी को भीतर जाने का मौका ही नहीं मिल पाता| इन बेचारों को यह तो पता होता हैं की Flag Lowering Ceremony कब होने वाली हैं परन्तु वक़्त रहते नहीं पहुँच पाने के वजह से  इन्हें अन्दर जाने से रोक दिया जाता हैं| इसके बाद इस भीड़ के पास दो ही रास्ता बचती हैं या तो निराश मन से घर लौट आने की या तो वही बाहर लगे बड़े स्क्रीन में परेड को लाइव देखने की|जरा सोचिये इतना दूर जाने के बाद भी यदि स्क्रीन में ही देखना परे तो कैसा लगेगा|

Crowd outside Wagah Border
Crowd outside Wagah Border

ये उस भीड़ का 1/4 हैं जो अन्दर एंट्री नहीं मिल पाने के वजह से वापस लौट चुकी थी| जरा सोचिये इस परेड को देखने के लिए लोग कहाँ-कहाँ से आते हैं| अमृतसर से अटारी जाते वक़्त रास्ते में सब यही सोचते जाते हैं कि आज परेड देखेंगे, देशभक्ति के गीतों में थिरकेंगे एवं अपने भारतीय होने का जश्न मनाएंगे| ठीक उसी तरह जैसा की टीवी में दिखाया जाता हैं| अन्दर जाते वक़्त वे बाहर गेट से तिरंगा खरीदते हैं, हाथों में टेटू बनाते हैं मगर अंत में नतीजा क्या निकलता हैं..?

बॉर्डर के बाहर अपनी माँ के साथ खड़ा एक बच्चा
बॉर्डर के बाहर अपनी माँ के साथ खड़ा एक बच्चा

बुरा तो मुझे भी बहुत लगा इतने पास पहुँच कर भी उसका हिस्सा न बन पाने का|परन्तु जब अपने निराशा पर काबू पा मैंने वहाँ मौजूद BSF Officers से इस नाकामयाबी की वजह जाननी चाही तो उन्होंने बड़े प्यार से हमारे दर्द को समझते हुए हमे साफ़ लफ्जो में कहा कि “देखो भैया भीड़ ज्यादा होने के वजह से सबको स्टेडियम में जाने का मौका नहीं मिल पाता| हालाँकि सरकार इस बात को समझते हुए यहाँ लाखों की क्षमता वाली एक विशाल स्टेडियम का भी निर्माण करा रही हैं परन्तु जब तक ऐसा नहीं हो जाता तब तक दर्शकों को तो थोड़ी बहुत परेशानी झेलने ही परेगी| यहाँ सबकुछ ” First Come First Serve” के हिसाब से होती हैं अगर आपको भी परेड देखना हैं तो कल 2 बजे तक यहाँ पहुँच जाना|”

कल…?? मगर आज रात तो मुझे दिल्ली वापस भी आना था…!!!

जरा सोचिये तब क्या जब लोगो ने उसी दिन की वापसी का प्लान बनाया हो| ऐसे हालत में तो बाघा का सपना अधुरा ही रह जायेगा न| इस पर ऑफिसर ने मुझे हस्ते हुए जवाब दिया की “इसमें हम आपकी कोई भी मदद नहीं कर सकते..I am sorry”| हालाँकि जाते-जाते ऑफिसर ने बाघा बॉर्डर से सम्बंधित मुझे कुछ महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए जो शायद आपको कही और न मिल पाए| अब अगली बार आप जब भी बॉर्डर जाने की सोचे तो इन बातो को जरुर ध्यान में रखे|

Important Tips For Wagah Border Travel Guide in Hindi

(1) बाघा बॉर्डर में भीड़ काफी ज्यादा रहती हैं एवं धक्का मुक्की में यह भी संभव हैं की कोई आपकी जेब काट ले| जी हाँ चारो तरफ से जवान से घिरे रहने के बावजूद भी आपको यहाँ जेबकतरों से सावधान रहना परेगा|

(2) ध्यान दे गेट से स्टेडियम की दुरी लगभग 1 Km की हैं| यदि आपके साथ कोई बुजुर्ग सफ़र कर रहे हैं तो आप BSF द्वारा संचालित बैटरी कार का उपयोग कर सकते हैं|

(3) हालाँकि Flag lowering ceremony सनसेट से पहले की जाती हैं इसी लिए साल के अलग-अलग पहर Ceremony Staring Time in Wagah Border बदलती रहती हैं| पर बेहतर यही होता हैं कि ठण्ड के समय आप यहाँ 2:30 बजे तक एवं गर्मी के दौरान 3 बजे तक पहुँच जाये| त्योहारों के वक़्त ज्यादा भीड़ रहती हैं, कोशिश करे उस वक़्त थोडा जल्दी पहुचने की|

(4) यदि संभव हो सके तो सुबह का टाइम निकाल एक बार खासा गाँव स्थित BSF Cantt जाकर अपनी सीट अग्रिम ही बुक करा ले| खासा गाँव अटारी बॉर्डर से कुछ ही किलोमीटरों की दुरी में स्थित हैं| वहाँ जाते वक़्त अपनी ID प्रूफ साथ लेना न भूले|

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(5) गर्मियों के वक़्त चिलचिलाती धुप से बचने के लिए अपने साथ टोपी ले जाना न भूले| वापस बाहर आते वक़्त गेट के पास से सेरेमनी की विडियो अथवा अन्य गिफ्ट आइटम खरीदने से पहले थोड़ी बहुत मोलभाव अवस्य कर ले|

(6) अमृतसर से अटारी जाने के लिए आपको बहुत सारे गाड़ी एवं प्राइवेट कार किराये में मिल जाएगी| ध्यान दे रास्ते में कही रुक कर खाना खाने के चक्कर में आप बॉर्डर के लिए लेट न हो जाये| बॉर्डर में भी आपको खाने-पीने की चीजे आसानी से मिल जाएगी|

आशा करते हैं हमारे टीम द्वारा जुटायी जानकारियां आगे भविष्य में आपके बहुत काम आएगी| यदि आप भी बाघा-अटारी बॉर्डर से जुड़ी ऐसे ही कुछ रोचक तथ्य हमारे साथ साँझा करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स पर कमेंट करना न भूले|

RANJITA MANDAL

Ranjita Mandal is a lawyer in Siliguri Court.

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