चलिए चलते है श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन

Mathura Vrindavan Tourism in Hindi: इस भागदौर भरी जिंदगी से परेसान हो गए हैं एवं जीवन में फिर से नयी स्फूर्ति भरने हेतु अध्यात्म की तलाश में हैं तो फिर मथुरा वृंदावन की सैर आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती हैं| जिस नगर के रोम-रोम में श्री बांके बिहारी एवं लोगो के दिल में राधा-कृष्ण का प्यार हर मोर पर खुले बाँहों से आपका स्वागत करने को बेकरार बैठे हो, उस नगरी में एक बार तो अवस्य जाना बनता हैं| हमारी टीम ने भी अध्यात्म के खोज में कुछ दिनों के लिए जब काम से छुट्टी ले कही घूम आने की सोची तो हमारी पहली पसंद मथुरा एवं वृन्दावन ही निकली|

यूँ तो मथुरा एवं वृन्दावन में घुमने के लिए असंख्य छोटे-बड़े मंदिर हैं जिसके लिए शायद महीने भी कम पर जाये मगर यदि आप भी हमारे तरह समय के मार से परेशान हैं एवं 1 दिन में ही मथुरा-वृंदावन की सैर करना चाहते हैं तो यह लेख खास आपके लिए ही हैं| दिल्ली से सुबह 6 बजे हमारी टीम मथुरा के लिए रवाना हुई एवं पुरे दिन मथुरा-वृन्दावन की सैर कर रात को 11 बजे तक वापस दिल्ली आ गयी| आइये डालते है नजर 1 दिन में घुमे जाने वाली मथुरा-वृन्दावन के कुछ अति विशिस्ट मंदिरों एवं टूरिस्ट प्लेस की ओर जहा आपको एक बार तो जरुर जाना चाहिए|

Mathura Vrindavan Tourism in Hindi

(1) नन्द घाट( यमुना नदी): यह वही यमुना है जिसे कभी पिता वासुदेव जी ने  पार कर कृष्ण को कंस से बचाने हेतु मथुरा से नन्द गाँव लेकर आये थे| आज बेशक यमुना थोड़ी मैली हो चुकी है परन्तु लोगो की श्रध्दा आज भी वही हैं| मथुरा बस स्टैंड अथवा रेलवे स्टेशन से कोई भी गाड़ी किराये पर लेकर नन्द गाँव जाया जा सकता हैं|नन्द गाँव के इतिहास को समझाने के लिए आपको कोई गाइड तो नहीं मिल पायेगा मगर हाँ वहां के स्थानीय पंडित आपको पुरे नन्द ग्राम का परिचय अवस्य करवा देंगे| जाते वक़्त अपनी श्रद्धा से आप उन्हें जो भी दे देंगे वे ख़ुशी-खुशी रख लेते हैं|

yamuna dham in gokul

(2) श्री नन्द भवन: गोकुल में आये तो नंदभवन जाना न भूले| यहाँ के पंडितो से मिली जानकारी के अनुसार यह वही जगह हैं जहा कंस के कारागार में श्रीकृष्‍ण के जन्‍म के बाद वासुदेव ने उन्‍हें पहुंचाया था। जब जेल में कंस नवजात बच्चे को मारने पहुंचे तो वहां योगमाया को पा वो आग बबूला हो बैठे| आकाशवाणी हुई की कंस तुझे मारने वाला तो जन्म भी ले चूका हैं| ऐसे में राजा कंस पूतना को ये आदेश देते हैं कि गोकुल ग्राम में जा 6 दिन के नवजात बच्चे को मार दे परन्तु इसके उलट पूतना राक्षसनी ही मारी जाती हैं| तब से हर जन्माष्टमी के शुभारम्भ में यहाँ बड़े धूम-धाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता हैं|

nand bhawan mathura gokul
Nand Bhawan mathura gokul

(3) कृष्ण जन्मस्थल (मथुरा जेल): आपको पता ही होगा की श्री कृष्ण का जनम मथुरा कारावास में हुआ था परन्तु कंस से बचाने हेतु उन्हें रातोरात यमुना नदी पार करा गोकुल में पहुंचा दिया गया था| हालाँकि कालांतर में औरंगजेब ने मथुरा जन्मस्थली को तुड़वाकर वह जामा मस्जिद बना दिया परन्तु आज भी कृष्ण जन्मभूमि एवं मथुरा कारावास को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहाँ पर आते हैं|

krishna-janmbhioomi mathura
krishna-janmbhioomi mathura
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(4) पगला बाबा मंदिर( वृंदावन): मथुरा जन्मभूमि एवं गोकुल धाम के दर्शन के बाद दोपहर का लंच कर हम निकल परते हैं मंदिरों के नगरी वृन्दावन के ओर| यूँ तो वृन्दावन में 4000 से भी ज्यादा मंदिर हैं परन्तु हमारी कोशिश यही रही की हम कम समय में कुछ उत्कृष्ट मंदिरों के ही दर्शन करे| ऐसे में सबसे पहले हमें पगला बाबा की मंदिर मिली| यह मंदिर 7 तल्ला है जो की पूरी तरह से पगला बाबा के प्रभु के प्रति प्यार एवं समर्पण को समर्पित हैं|

pagla-baba-temple vrindavan
pagla-baba-temple vrindavan

(5) गोविन्द देव जी मंदिर( वृन्दावन): यदि यह मंदिर औरंगजेब के हाथों तबाह नहीं हुई होती तो शायद आज यह मंदिर वृन्दावन एवं समूचे भारत की शान होती| राजपूत शैली में बनी यह मंदिर कभी इतना विशाल थी की इसके 7वे तल्ले में जलने वाला दीपक दूर मथुरा से भी बड़ी आसानी से दिखाई दी जाती थी| परन्तु विनाश की साक्षी बनी इस मंदिर के अब सिर्फ अवशेष ही देखने को मिलते हैं| वृन्दावन आये तो इस मंदिर का दर्शन करना न भूले| गोविन्द जी मंदिर के ही साथ रास्ते के दुसरे तरफ ” Golden Tree” मंदिर हैं जो की दक्षिणी कारीगरी का अद्भुत मिशाल हैं| मंदिर के बीचों-बीच सोने का पेड़ दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण केंद्र हैं|

govind ji temple vrindavan
govind ji temple vrindavan

(6) प्रेम मंदिर( वृन्दावन): मथुरा-वृन्दावन के टूर का इससे सुखद अंत क्या होगा| रात को चलने वाले वाटर शो एवं घड़ी-घड़ी बदलने वाले लाइट्स के वजह से प्रेम मंदिर की सुन्दरता देखने को ही बनती हैं| जगतगुरु श्री कृपालु जी महाराज के ट्रस्ट से चलने वाले इस मंदिर को देखने का सबसे उपयुक्त समय शाम को 7 बजे से लेजकर 8 बजे तक का हैं| प्रेम मंदिर का दर्शन कर यहाँ से आप कोई भी ऑटो पकड़ हाईवे पहुँच सकते हैं जहाँ से पूरी रात आपको दिल्ली के लिए बस आराम से मिल जाएगी|

prem-mandir vrindavan
prem-mandir vrindavan
Mathura Vrindavan Tourism in Hindi

ध्यान देने लायक बाते:

(1) आप चाहे तो मथुरा स्टेशन अथवा बस-स्टैंड से अपनी सुविधा अनुसार कोई गाड़ी बुक करा सकते हैं| पुरे दिन के मथुरा-वृन्दावन सैर के लिए तरह-तरह के टूरिस्ट पैकेज बने हुए हैं|

(2) गोकुल ग्राम के समस्त इतिहास एवं अन्य तथ्यों को बारीकी से समझने के लिए पुजारी को साथ लेना अत्यंत आवश्यक हो जाता हैं| ध्यान दे जाते वक़्त कोई पुजारी आपसे जोर जबरदस्ती नहीं करता ये आपकी भक्ति हैं की आप बदले में उन्हें क्या देते हैं|

(3) नन्द भवन में दर्शन करते वक़्त पुजारी आपको दान-दक्षिणा के लिए कह सकते हैं| कृपया अपने विवेक से ही दान करे| ध्यान दे दान अपने मानसिक शांति के लिए की जाती हैं जिसके लिए कोई आपको बाध्य नहीं कर सकता|

(4) रहने के लिए आप चाहे तो मथुरा अथवा वृन्दावन में से कोई भी एक जगह पसंद कर सकते हैं| यहाँ आपको बजट होटल से ले काफी कम कीमतों पर धर्मशालाएं भी आसानी से मिल जाएगी|

हालाँकि हमारे टीम ने 12 घंटे के भीतर मथुरा-वृन्दावन के कुछ अत्यंत ही खुबसूरत दर्शनीय स्थलों का दौरा करने की कोशिश की परन्तु हमारी माने तो मथुरा-वृन्दावन घुमने हेतु 1 महिना भी शायद कम पर जाये| ऐसे बहुत से जगह हैं जिसका नाम हमने नहीं लिया परन्तु उन जगहों के बारे में जानने के लिए आपको मथुरा-वृन्दावन जरुर जाना चाहिए| यदि आप भी पवित्र Mathura Vrindavan Tourism in Hindi से जुडी कुछ बेहद ही रोचक तथ्य हमारे साथ साँझा करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स पर कमेंट करना न भूले|