जानिए इन 3 भारतीय धरोहरों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

आज हम आपको ऐसी तीन Indian Heritage Sites के बारे में बता रहे हैं जिनके निर्माण करने में कम से कम एक दशक से ज्यादा का वक्त लगा। आज ये तीनों जगह पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बन हर सालो लाखों लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं.

(1) ताजमहल(TajMahal):
ताजमहल
ताजमहल

(1) Indian Heritage Sites की जान ताजमहल सन् 1631 में बनना शुरू हुआ था और 1653 में बन कर तैयार हो गया था। इसको बनने में 22 साल लगे।

(2) ताजमहल मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज की याद मे बनवाया था। ताजमहल के बीचों-बीच मुमताज का मकबरा है जिसे बेहद सुंदर ढंग से सजाया गया है। इसे प्रेम का प्रतिक भी माना जाता है।

(3) इस पर की गई मुगल वस्तुकला विश्व भर में प्रसिध्द है। इसकी दीवारों को सफेद संगमरमर से बनवाया गया था।

(4) कहा जाता है कि जब महल तैयार हो गया था तब शाहजहां ने ये कह कर मजदूरों के हाथों को कटवा दिये थे कि अगर इनके हाथ नहीं होगे तो फिर ऐसा कोई महल दोबारा नहीं बना पाएंगें |

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(5) धन की इतने बडे पैमाने पर बर्बादी से नाराज होकर शहांजहां और मुमताज के बेटे औरंगजेब ने गद्दी पर कब्जा करके शहाजहाँ को आगरा के किले में कैद कर लिया जहाँ से वे रोज ताजमहल को निहारते थे।शहांजहाँ की मृत्यु के बाद उन्हे भी मुमताज के बगल में दबाया गया।

(2) कोणार्क सूर्य मंदिर (Konark Sun Temple):
कोणार्क मंदिर
कोणार्क मंदिर

(1) यह ओरिसा में स्थित भारत का बहुत प्रसिध्द मंदिर है जिसे नरसिंहदेव ने बनवाया था | यह मंदिर सुर्य भगवान को समर्पित है। इसलिए इस मंदिर को सुर्य देव भगवान के रथ की तरह बनवाया गया जो कि बेहद सुंदर मंदिर है।

(2) Indian Heritage Sites के इस मंदिर के निर्माण में लाल बलुआ पत्थर और काले ग्रेनाइट का इस्तमाल किया गया है।इस मंदिर को बनवाने में 12 साल का समय लगा था।

(3) इसमें सुर्य रथ की तरह 12 चक्र रूपी पहिये है और 7 घोडे बनाये गये हैं। परंतु अब 7 घोडों में से अब एक ही बचा है। अन्य 6 घोडे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

(4) यह मंदिर अब भी काफी सुंदर है। कई भागों का पुनर्निर्माण भी किया गया है।यह मंदिर अपनी अनुठी वास्तुशिल्प के लिए भी मसहुर है।

(3) स्वर्ण मंदिर (Golden Temple): 
गोल्डन टेम्पल
गोल्डन टेम्पल

(1) Indian Heritage Sites में एक स्वर्ण मंदिर का आसली नाम हरिमंदिर साहिब है परंतु सोने से बने होने के कारण इसका उपनाम स्वर्ण मंदिर पड़ गया।

(2) स्वर्ण मंदिर का निर्माण सन् 1585 के दिसंबर से आरंभ हूआ था। और पूर्ण रुप से सन् 1604 के अगस्त में बन कर तैयार हूआ।

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(3) स्वर्ण मंदिर के नक्शे की रूप रेखा गुरू अर्जुन देव ने रखी थी।स्वर्ण मंदिर पूर्ण रुप से संगमरमर से बना है और इसकी बाहरी दीवारो को स्वर्ण से सजाया गया।

(4)यह मंदिर पंजाब के अमृतसर में स्थित है।यहां हर साल लाखों श्रध्दालु इसके दर्शन करने आते हैं।

(5) स्वर्ण मंदिर में हर समय गुरुवाणी के सुर सुने जा सकते हैं| यहाँ कभी भी गुरुवाणी नही रुकती और लंगर की व्यवस्था 24 घंटे रहती है। स्वर्ण मंदिर में एक बेहद सुंदर व पवित्र सरोवर भी स्थित है जिसका निर्माण खुद गुरु राम दास ने अपने हाथों से किया था|

 

Nidhi Singh

Myself Nidhi Singh Bhadoriya. I have joined Trending Hour because of having great interest in Hindi Writing. It is a grateful for me to become part of the reputed Hindi Webportal Trending Hour which is engaged to serve quality based information for the readers. I have done B.A. from Delhi University and pursuing M.A from IGNOU

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