ओखरे : प्रकृति की गोद में बसा एक ख़ूबसूरत गाँव

Okhrey Tourism in Hindi: अजी सुनते हो, बच्चो की गर्मियों की छुट्टियाँ भी ख़त्म होने वाली हैं और हम कहीं गए भी नहीं | चलो न कहीं किसी हिल-स्टेशन से घूमकर आते हैं | अरे मुझे पता है, इसलिए तो मैंने इस बार तुम लोगों को सिक्किम घुमाने का सोचा है | वहीं चलेंगे |

“ अरे वाह सिक्किम………..!!!!!!!”

जी हाँ… सिक्किम..!! पहाड़ो की गोद में बसा एक छोटा सा राज्य | यूँ तो अपने ख़ूबसूरत परिदृश्यों एवं मनमोहक प्रकृति के लिए विख्यात सिक्किम में घुमने लायक कई जगह मिल जायेंगी परन्तु यदि ट्रेकिंग करना अथवा ख़ूबसूरत पहाड़ियों के बीच जीव-जन्तुओं को देखना आपकी कमजोरी है तो शायद ओखरे की वादियाँ आपको वो सब कुछ दे सकती हैं जिसकी आप कामना करते हैं |

Okhrey Tourism in Hindi:

ओखरे-एक नजर में:-

ओखरे पश्चिमी सिक्किम में पहाड़ो की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव है जो की अपनी विविधता एवं मूलतः ट्रेकिंग के दीवानों के लिए विश्व-विख्यात है | राजधानी गंगटोक से 110 किलोमीटर की दुरी में बसा ये गाँव मूलतः शेरपा मूल के लोगों का निवास स्थल है | टूरिस्ट यहाँ की खुबसूरत वादियों, पास ही बसे रोडोडेंड्रन पार्क एवं कंचनजंगा के मनमोहक परिदृश्यों का लुत्फ़ उठाने हेतु दूर-दूर से आते हैं |

क्या देखें:-

हिल्ले-वारसी रोडोडेंड्रन ट्रेकिंग का बेस होने की वजह से ओखरे काफी प्रसिद्ध है | इसके अलावा भी पर्यटक निम्नलिखित टूरिस्ट स्पॉट का मजा उठा सकते हैं-

  • रोडोडेंड्रन पार्क
  • उगेन थोंग मिओन लिंग मोनेस्ट्री
  • साईं मंदिर, दाराम्दीन (ओखरे से 28 किलोमीटर)
  • हिल्ले (ओखरे से 10 किलोमीटर)
  • जुरेली दारा (ओखरे से 18 किलोमीटर)
  • ओलोंग मोनेस्ट्री (ओखरे से 20 किलोमीटर)

इसके अलावा पर्यटक किटेन फाल्स, दोडक हेलिपैड, बटरफ्लाई शेप वैली एवं कंचनजंगा के आकर्षक दृश्यों का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं |

ओखरे सिक्किम
ओखरे सिक्किम

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क्या करे:-

ओखरे मूलतः ट्रेकिंग के लिए विख्यात है | हर साल हजारों देशी-विदेशी शैलानी ट्रेकिंग का लुत्फ़ उठाने ओखरे आते हैं | कंचनजंगा का मनोरम दृश्य एवं बेहद ही खुबसूरत रोडोडेंड्रन फूलो की खूबसूरती कई मायनो में आपके जीवन को रंगों से भर देगी | बुद्धिस्ट मोनेस्ट्री, नेचुरल पार्क एवं आकर्षक बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी के साथ आप रात में लोकल लोगों के साथ बॉनफायर का भी मजा ले सकते हैं | यकीन मानिये यहाँ के लोगो की मुस्कान एवं सिम्प्लिसिटी आपके जीवन को यादगार बना देगी |

कैसे पहुँचे:-

सिलीगुड़ी से लगभग 130 किलोमीटर की दूरी में बसे ओखरे गाँव तक पहुँचने के लिए आपको सिलिगुड़ी से ढेरो जीप, बस या फिर अन्य प्राइवेट गाड़िया आसानी से मिल जाएगी |

नजदीकी रेलवे स्टेशन: न्यू जलपाईगुड़ी (NJP), दूरी 130 किलोमीटर

नजदीकी एअरपोर्ट: बागडोगरा इंटरनेशनल एअरपोर्ट, दूरी 125 किलोमीटर

ओखरे जाने का रूट:    सिलीगुड़ी— तीस्ता बाज़ार—जोरथांग—-सोम्बरिया—ओखरे

साईं मंदिर ओखरे सिक्किम
साईं मंदिर ओखरे सिक्किम

कब जाये:

यूँ तो ओखरे हर साल अपने दर्शको का अभिवादन करता है परन्तु यदि आपका मकसद ट्रेकिंग करना है तो मार्च-अप्रैल का महीना सबसे अनुकूल होता है | इस मौसम में आप रोडोडेंड्रन फूलों को अपनी पूरी रंगत में देख सकते हैं | कंचनजंगा का लुत्फ़ उठाने हेतु आप अक्टूबर से मार्च तक यहाँ आ सकते है |

लोजिंग और फूडिंग :

आप चाहे तो सिलीगुड़ी में स्टे कर सकते हैं या फिर ओखरे के आस-पास ही पर्यटको हेतु बनाये गए होटल्स में रह सकते हैं | यदि बात-चीत कर लोकल लोगों को मना सके तो फिर उनके साथ उनके घरों में भी रहने का मौका मिल सकता है | यहाँ आपको डीलक्स, लॉज एवं होम स्टे जैसी तमाम सुविधाएं आसानी से मिल जाएगी |तो फिर देर किस बात की आज ही अपना बैग पैक करे एवं निकल पड़े रोमांच से भरपूर इस सफ़र का लुत्फ़ उठाने |

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