समझे महिलाओ में होने वाले इनफर्टिलिटी के कारणों एवं लक्षणों को

आज हम आपको महिलाओं के बांझपन (Infertility Treatment in Hindi) से जुडी तमाम जानकारियां शेयर करने जा रहे हैं| एक शादीशुदा जोड़ा जिस प्यार से अपने आने वाले दिनों की सपने बुनता है यदि उन सपनो का केंद्र बिंदु संतान को समझा जाये तो इसमें कोई दो राय नहीं | मगर कभी-कभी इनफर्टिलिटी की वजह से कई महिलाये बच्चा जन्म देने में असक्षम हो जाते हैं या यूँ कहे की लगातार कोशिशो के बावजूद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है| ऐसे महिलाओ को परिवार एवं समाज से बहुत सारे मानसिक यातनाओ का शिकार बनना पड़ता है |

अक्सर हमारा समाज महिलाओ को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा उनका बहिष्कार करने लगते हैं परन्तु इन सबसे परे आज हमारे समाज को जरुरत है कि वो महिलाओ में होने वाले इन रोगो को अच्छी तरह से समझे एवं इस मुश्किल हालात में उनका साथ दे.

क्या होती है इनफर्टिलिटी (What is Infertility):

इनफर्टिलिटी प्रजनन प्रणाली में होने वाली एक दोष हैं जिसके फलस्वरूप महिलाये बच्चे जनने में सक्षम नहीं हो पाती हैं. कई बार महिलाये किसी दुर्घटनावश या फिर गर्भपात करने के वजह से भी इनफर्टिलिटी का शिकार हो जाती हैं. कभी-कभी कोई अंदरूनी चोट, मासिक चक्र में आई गड़बड़ी एवं होर्मोनस में आये बदलाव भी इसका मुख्य वजह बन जाती हैं. इस रोग को ही बोल चाल के भाषा में बाँझपन कहा जाता हैं.

 इनफर्टिलिटी के लक्षण (Infertility Symptoms):

साधारणत कई बार की कोशिशो के बावजूद भी बच्चा नही जन पाने को ही इनफर्टिलिटी का सबसे बड़ा लक्षण समझा जाता है परन्तु महिलाओ में आये शारीरिक एवं मानसिक बदलाव का अध्ययन कर भी हम इन लक्षणों को समझ सकते हैं |

  • सामान्य से कम वजन होना या दिन-ब-दिन वजन में कमी आना |
  • हर समय मानसिक तनाव या फिर उदास भरे माहौल में रहना एवं सबसे चिढ- चिढा बर्ताव करना |
  • अनियमित माहवारी या महीने में दो-तीन बार माहवारी होना |
  • सेक्स के दौरान काफ़ी जल्दी डिस्चार्ज हो जाना या फिर सेक्स के प्रति खासी दिलचस्पी नहीं दिखाना |
  • गर्भधारण के प्रयास के बावजूद भी गर्भ का नहीं ठहर पाना |

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इनफर्टिलिटी के कारण (Reason for Infertility):

अमूमन होर्मोनेस में आये असंतुलन या फिर किसी गंभीर आंतरिक चोट के वजह से महिलाये इनफर्टिलिटी का शिकार हो जाती है | आईये डालते है एक नजर इनफर्टिलिटी के लक्षणों पर :

  • किसी एंटीबायोटिक या फिर सेक्स सम्बंधित दवाइयों का लम्बे समय तक सेवन करना |
  • कुपोषण या फिर एक बेहतर आहार शैली के अभाव में जन्मी होर्मोनेस में असंतुलन भी इसकी एक मुख्य वजह होती है |
  • गर्भपात करते वक़्त हुए भूल की वजह से भी कई बार महिलाये गर्भधारण नहीं कर पाती.
  • धूम्रपान या अल्कोहल का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना |
  • वजन बढ़ने या फिर मोटापा जनित रोगों के वजह से भी कई बार गर्भधारण में दिक्कते आती है |
  • माहवारी में अनियमितता या फिर लम्बी बीमारी का शिकार होना |
  • गर्भाशय अथवा डिम्बकोष में किसी तरह की बीमारी या रोग होने से भी इनफर्टिलिटी की संभानाए बढ़ जाती है |
इनफर्टिलिटी रोकने के उपाय (Infertility Treatment in Hindi):

हालाँकि इनफर्टिलिटी एक गंभीर समस्या हो सकती है परन्तु यदि समय रहते इन लक्षणों को पहचान इसका रोकथाम किया गया तो भविष्य में इनफर्टिलिटी से बचा जा सकता है |

  • धुम्रपान अथवा अल्कोहल के सेवन से परहेज करें |
  • किसी भी तरह की दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें |
  • समय-समय पर सेक्स सम्बंधित हो रही परेशानियों को अपने पार्टनर एवं डॉक्टर से जरुर साँझा करें |
  • भोजन में प्रचुर मात्रा में हरी सब्जी, विटामिन्स एवं अन्य पोषक तत्वों को शामिल करें, इससे होर्मोनेस का संतुलन बना रहेगा |

जीवन में योग, व्यायाम एवं अन्य कसरतो के अहमियत को समझे. ध्यान दे सुबह जॉगिंग करने की आदत भी आपको काफी फायदा पंहुचा सकती हैं|

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