क्यों केजरीवाल के ज्यादातर विरोधी दिल्ली के बाहर वालें हैं

मैं दिल्ली में पिछले 12 साल से रह रहा हूँ और कम से कम मैंने पिछली कांग्रेस सरकार के 10 साल के कार्यकाल को तो देखा ही है | यदि कोई मेरे से ये पूछे की क्या फर्क रहा है पिछली और अब की सरकार में तो मेरा सीधा और सरल उत्तर होगा केजरीवाल सरकार किसी भी मामले में दुसरे सरकारों से काफी बेहतर है| दिल्ली विधान सभा चुनाव में 70 में से 67 सीट केजरीवाल को मिले हैं जबकि सच्चाई यह है की आज दोबारा दिल्ली में चुनाव हो तो ये आंकरा 70/70 का होगा|

कारण :

  1. केजरीवाल सरकार अपने एक साल के कार्यकाल में अमिर लोगो के लिए ऐसा कुछ ख़ास नहीं किया जिनसे की वे केजरीवाल के आँख का तारा बन सके लेकिन निचले तबके के लोगों के लिए उसने काफी कुछ किया जैसे सस्ती बिजली और पानी, स्कूल नामांकन में साफ और सुथरी निति, ऑटो में PDS, सफाई कर्मचारी का स्थायी नियुक्ति, ट्रेफिक में ओड इवन सिस्टम, स्वछता अभियान वगेरह वगेरह | निजाबुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास बेच रहे एक जूस वाले ने कहा “हम सोभाग्य वाले हैं जो केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री मिला |”

  2. कुछ ऐसे भी आरोप लगे जिनसे दिल्ली का एक तबका खासा नाराज़ था जैसे दिल्ली सरकार द्वारा प्रचार प्रसार में 500 करोड़ खर्च करना परन्तु केजरीवाल सरकार लोगो को ये समझाने में कामयाब रही की ये खर्च पार्टी पर नहीं मुलभुत मुद्दों पर हुई है जैसे कि – भ्रस्टाचार के खिलाफ जारी किये गए हेल्पलाइन, डेंगू जागरूकता, क्लीन दिल्ली एप्प, ट्रेफिक कण्ट्रोल इत्यादि| कुछ इसी तरह की बात तब सामने आयी जब दिल्ली में विधायकों की सैलरी 50,000 से बढ़ा 2,00000 कर दिया गया हालाँकि बाद में दिल्ली सरकार द्वारा जारी की गई दलील में कहा गया सिर्फ विधायकों का ही नहीं डॉक्टर, इंजिनियर और दुसरे सरकारी अफ़सर की भी सैलरी बढाई जाएगी|

arvind kejriwal new pic
Delhi CM Arvind Kejriwal
  1.  इसमे कोई सक नहीं की दिल्ली फिर से संवार रही है| जो भी छोटे मोटे बदलाव दिल्ली में हो रहा है उसे दिल्ली में रहने वाली जनता ही समझ सकती है क्यूंकि मीडिया में ऐसे खबर को जगह नहीं मिलती|

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  1. दिल्ली से बाहर रहने वालों के लिए दिल्ली की खबर जानने का सबसे बढ़िया साधन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ही है और सब जानते ही हैं की किस तरह TRPs के लिए ZEE news, इंडिया टीवी, आज तक, टाइम्स नाउ इत्यादि हमेशा केजरीवाल के गलतियों को ढूढने में लगा रहता है|

  2. एक रिपोर्ट के मुताबिक 80% केजरीवाल के विरोधी फेक प्रोफाइल वाले लोग हैं मतलब ऐसे लोग जो दुसरे नामों से प्रोफाइल बना कर केजरीवाल के खिलाफ पोस्ट तैयार करना फोटो पोस्ट करना जैसे काम को अंजाम देते हैं|

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