जब राज कपूर बने रूस वासियों के लिए फेस ऑफ़ ओप्टीमिस्म

Facts About Raj Kapoor: जीना इसी का नाम है…..!!!!!किसी ने बहुत सच कहा है कि यदि भारतीय सिनेमा एक खुला आसमान है तो राज कपूर उसके सबसे बड़े शोमैन एवं सितारे | आवारा, श्री 420, मेरा नाम जोकर, सत्यम शिवम् सुन्दरम जैसे असाधारण मूवी के कर्णधार एवं बॉलीवुड के कई दिग्गजों के लिए प्रेरणास्रोत रहे मिस्टर कपूर के फिल्मों के प्रति दिलचस्पी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती | पर क्या आपको पता है कि सामाजिक मुद्दों को काफी सहजता से परदे में उतारने की कला में माहिर राज कपूर सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों मे भी काफी पॉपुलर थे |

जी हाँ.. आज भी रूस में उनकी मूवी को काफी पसंद किया जाता है एवं रूस वासियों के लिए वे बस एक सिने स्टार नहीं बल्कि “Face Of Optimism” भी थे | दरअसल द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रूस की इकॉनोमी बुरी तरह से बर्बाद हो गई थी | लोग बिना खाने के मर रहे थे एवं गरीबी अपने चरम पर थी | उस वक़्त भुखमरी एवं फ़ूड क्राइसिस की वजह से समाज में ढेरों अपराध जन्म ले रहे थे | ऐसे में वहाँ की जनता ने जब राज कपूर की फिल्म आवारा देखी तो उनके जीने का नजरिया ही बदल गया |

गरीबी में भी मुस्कुराकर चल दिए वाली मानसिकता को जीवंत कर देने वाले राजकपूर को देख लोगों को ये एहसास हुआ कि इन मुश्किल हालातों में भी खुस रहा जा सकता है और फिर वहाँ से उन्हें जीने की एक बड़ी वजह मिली | यही वजह थी कि राज कपूर को वहाँ भगवान का दर्ज़ा मिला | खैर उनकी आवारा मूवी को तो कल्ट क्लासिक का दर्ज़ा हासिल है | रूस के प्रति उनके प्यार को उन्होंने एक बार फिर अपने फिल्म मेरा नाम जोकर से एक नयी ऊँचाई दे ये साबित कर दिया कि प्यार एवं सिनेमा किसी सरहद की मोहताज नहीं होती |

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