साल 2016 की 5 सबसे बड़ी खबरे जिसने भारतीय राजनीती में भूचाल ला दिया

राजनीती एक ऐसा शब्द जिसकी परिभाषा गढ़ने में शायद दिग्गजों के भी पसीने छुट जाये | बात चाहे चाणक्य निति से बाहर निकल साम्राज्यवाद की स्थापना की हो या फिर पूंजीवाद की सोच से निकल परिवारवाद की मानसिकता तक, राजनीती ने सही मायने में एक लम्बा रास्ता तय किया है | हालाँकि अभी भारतीय राजनीती की धुरी केवल मोदी तक ही सिमित रह गयी है फिर भी कुछ ऐसी खबरे हैं जो राजनीती में भूचाल ला देती है…

आज मोदी समर्थित या मोदी विरोधी दो ही तरह की खबरे देखने और सुनने को मिलती है | इस आलेख के माध्यम से हमने साल 2016 के अब तक के 5 उन सबसे बड़ी खबरों पर प्रकाश डाला है जिसने कई मायनो में भारत की राजनीती में भूचाल ला दिया | पेश है एक रिपोर्ट…

बिहार में पूर्ण शराबबंदी: नशे के साये में बिगड़ती युवा पीढ़ी एवं रोते-बिलखते परिजनों की खुशियों का तो उस वक़्त कोई ठिकाना नहीं रहा जब बिहार सरकार ने अल्कोहल एवं अन्य शराब सम्बंधित सामग्रियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया | आलम यहाँ तक पहुँच गया की अब नितीश सरकार को दुसरे राज्यों से भी पूर्ण शराबबंदी की अगुवाई हेतु आमंत्रण मिलने लगे है |

असम में खिलता कमल: शायद असम विधानसभा चुनाव ने कांग्रेस के रही सही उम्मीदों पर पानी फेरते हुए पार्टी हाई कमान तक ये सन्देश पहुँचा दिया होगा कि अब उन्हें डायनेस्टी रूल से बाहर निकल कुछ बेहतर सोचने की जरुरत है |

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आरक्षण की मांग के बीच सुलगता भारत: बढती बेरोजगारी एवं शिक्षा की घटती गुणवत्ता के बीच आज हमारी युवा पीढ़ी अच्छी खासी भ्रमित मालूम होती है | अभी गुजरात में पटेल आन्दोलन ठीक से शांत भी नहीं हो पाया था कि हरियाणा में जाटो द्वारा आरक्षण के नाम पर मचे उत्पात ने एक बार फिर भारत को दुनिया के समक्ष शर्मशार कर दिया |

मोदी विरोधी नारे एवं अवार्ड वापसी: पिछले वर्ष देश में इनटॉलेरेंस को एक नया आयाम मिला जब पढ़े लिखे कुछ शिक्षित वर्ग के लोगो ने अपने अवार्ड इस बात पर वापस कर दिए कि सरकार भारत में इनटॉलेरेंस को बढ़ावा दे रही है | मालदा एवं पुर्णिया दंगो से तो यही पता चलता है की आज भी हमारे समाज को एक बेहतर मानसिकता की कितनी जरुरत है | आज भी विकास के लक्ष्य से भटकती हमारी मानसिकता हर रोज़ कोई नया बखेड़ा खड़ा कर देती है |

पटरी पर लौटती आपसी रिश्ते: जहाँ एक ओर मोदी के विश्व भ्रमण ने विश्व समुदाय के बीच भारतीय छबि को और बेहतर बनाया वहीँ पड़ोसी देशो के साथ भी हमारे रिश्तो में अच्छा खासा सुधार देखने को मिला | 26 जनवरी को ओबामा की मेहमान नवाजी हो या फिर खुद का बना GPS सिस्टम विज्ञान के फील्ड में झंडे गाड़ने की, आज विश्व मानचित्र में भारत की उपस्तिथित मजबूत करने में हमें अच्छी खासी कामयाबी मिली है |