अगले 20 सालो तक भाजपा ही रहेगी केंद्र में

लहराते केशरिया झंडे एवं मोदी-मोदी के मंत्रोचारण करती भीड़ के उत्साह से यह अनुमान लगाया जा सकता है किआखिर लोगो के दिलों में क्या है | आज लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीतने के बाद सत्ता में आयी भाजपा निरंतर ही विपक्षियों के गुस्से का शिकार होती रही है परन्तु इन सबसे परे एक इंसान है जिसने तमाम विपरीत परिस्तिथियों में भी कमल खिलाने में बेतहासा सफलता पाई है |

मोदी के भाषणों एवं विकास सम्बंधित भाजपा सरकार की रणनीति अब काम करती दिखाई दे रही है | परन्तु अक्सर हम भाजपा मतलब मोदी ही मान लेते हैं आज भाजपा सरकार में मोदी के अलावा भी कई खास खूबियाँ है जो भाजपा को अपने विपक्षियों से अलग बनाती है | अभी हाल में असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हरा सत्ता में आयी भाजपा का जोश एवं उत्साह दोनों चरम सीमा पर है | तो क्या यहाँ से यह कायसे लगायी जा सकती है की अगले 20 सालो तक भाजपा की ही सरकार रहेगी केंद्र में… आइये डालते है नजर उन 5 मुख्य कारणों पर जो इस विचार को काफी हद तक सही साबित करती है –

बेहतर एवं ईमानदार टीम: एक अकेला चना क्या भाड़ फोड़ेगा… आज भाजपा सरकार में केवल मोदी जी ही नहीं हैं जो विकास के कर्णधार बने हुए हैं | उनके अलावा भी टीम में सुषमा स्वराज, सुरेश प्रभु, मनोहर परिकर एवं अरुण जेटली जैसे दिग्गज मौजूद हैं | जिन्होंने हाल ही में भारतीय विकास को एक नया आयाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है |

नो डायनेस्टी रूल: अक्सर कांग्रेस एवं अन्य क्षेत्रीय राजनितिक पार्टियों में परिवारवाद की मानसिकता देखने को मिलती है | परन्तु भाजपा सरकार में टैलेंट को सम्मान दिया जाता है | आज भारत में भाजपा ही शायद ऐसी पार्टी है जहाँ आगे बढ़ने का समान मौका दिया जाता है | यही वजह है कि एक चाय वाला भी आज PM बन जाता है | निश्चित तौर पर अपने कार्यकर्ताओं के लिए अच्छा सोचने वाली भाजपा आने वाले दिनों में अपना परिवार और भी बड़ा कर पायेगी |

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एक बड़ा विस्तृत नेटवर्क: RSS, किसान संघ, ABVP, विद्या भारती जैसे अनेको सदस्यों एवं करोड़ो कार्यकर्ताओं के सहयोग से आज भाजपा इस मुकाम तक पहुँची है जहाँ से वो लोगो की समस्याओं/सुझावों को और भी बेहतर तरीके से सड़क से संसद तक पहुँचा सके |

एक आदर्श मापदंड: कहते हैं वक़्त एवं इमान बदलते देर नहीं लगती मगर हाँ, थोड़ी सावधानी बरत इस पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है | बात चाहे किसी अन्य क्षेत्रीय पार्टी से गठजोड़ की हो या फिर किसी क्षेत्र से अपने उम्मीदवार को खड़ा करने की आज बिना विकास की मानसिकता लिए भाजपा में प्रवेश कर पाना काफी हद तक वर्जित ही समझिये !

भारतीय संस्कृति के प्रति झुकाव: भारत एवं भारत की अनमोल कला-संस्कृति के प्रति भाजपा सरकार का अच्छा खासा झुकाव रहता है | हालाँकि शुरुवाती दौर में पार्टी अपने मूल मकसद से थोड़ी भटक जरुर गयी थी परन्तु सोशल हारमनी, विश्व बंधुत्व एवं मानवता के प्रति संघ की सोच ने निश्चित तौर पर लोगो के दिल में भाजपा कि छवि साफ करने का काम किया है

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