गुरमीत राम रहीम से जुड़े रेप केस के वो तथ्य जिसे आप शायद नहीं जानते होंगें..

भारत में गुरमीत राम रहीम के बारे में शायद ही कोई शख्स होगा जो नहीं जनता होगा. फिर भी हम आपको संक्षिप्त में उनका परिचय दे रहे हैं. गुरमीत राम रहीम सिंह डेरा सच्चा सौदा सिरसा (हरियाणा) के प्रमुख है तथा डेरा सच्चा सौदा की कमान राम रहीम ने 90 के दशक से संभाली हुई है.

25 अगस्त 2017 को पंजाब की एक सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को एक साध्वीं के बलात्कार के आरोप में सजा सुनाई है, क्या है यह मामला हम आपको यहाँ विस्तार से बताने जा रहे हैं.

सिरसा जो कि हरियाणा का एक जिला है तथा यह डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय भी है. बात 2002 की है, डेरा में एक नियम हुआ करता है कि हर आदमी एक दुसरे को प्रेमी बुलाते थे कहानी एक लड़की की है जो वहां साध्वी हुआ करती थी. लोग कहते हैं कि उस लड़की का योन शोषण होता था लड़की का भाई डेरे में मेनेजर के पद पर कार्यरत था. जब बहन ने भाई को सारी बात बताई तो भाई का दिल टूट गया वो अपनी बहन को वापस अपने घर लेकर चला गया. ये बाते कई और डेरा से जुड़े लोगो को मालूम था कि डेरे में कुछ ना कुछ गड़बड़ जरुर है. परन्तु किसी ने इस बात को इतना तूल नहीं दिया जिसका प्रमुख कारण गुरमीत राम रहीम का डर था. गुरमीत राम रहीम के खौफ़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिरसा में जब आप किसी से इस घटना में बारे पूछेंगे तो वो आपको खुल के नहीं बतायेगा.

राम रहीम गुरु जी
राम रहीम गुरु जी

13 मई 2002 को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी भाजपेयी के नाम पर एक ख़त मिला. ख़त एक गुमनाम महिला ने लिखा था लेकिन उसने अपना नाम जाहिर नहीं किया.

ख़त में जो चीजें लिखी गई थी वो काफ़ी भयभीत करती है, उस ख़त में लिखी बातों को हम यहाँ आपके साथ साँझा कर रहे हैं:

श्री मान जी,

मैं पंजाब कि रहने वाली हूँ और अब पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा (हरियाणा) में साधू लड़की के रूप में काम कर रही हूँ. सैकड़ो लड़कियां डेरे में 16 से 18 घंटे काम करती हैं. हमारा यहाँ शारीरिक शोषण किया जा रहा है और डेरा महाराज गुरमीत सिंह द्वारा योनिक शोषण (बलात्कार) किया जा रहा है. मैं एक BA पास लड़की हूँ. मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु है जिनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधू बनी थी.

साधू बनने के दो साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की प्रेमाशया साधू गुरजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि महाराज ने गुफ़ा (महराज के रहने का स्थान) में बुलाया है. मैं क्यूंकि पहली बार वहां जा रही थी. मैं बहुत खुश थी. यह जानकर कि आज ख़ुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है. गुफ़ा में उपर जाकर जब मैंने देखा महराज बेड पर बैठे है.

हाथ में रिमोट है सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है. बेड पर सिराने की और रिवाल्वर रखा हुआ है. मैं ये सब देखकर हैरान रह गई मुझे चक्कर आने लगा मेरे पैर के नीचे से ज़मीन खिसक गई. यह क्या हो रहा है. महाराज ऐसे होंगे मैंने सपने में भी नहीं सोचा था. महाराज ने टीवी बंद किया व मुझे साथ बैठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हे अपनी ख़ास प्यारी समझकर बुलाया है. मेरा यह पहला दिन था. महाराज ने मेरे को बाहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं. तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते है क्युकि तुमने हमरे साथ साधू बनते वक़्त तन मन धन सतगुरु को अर्पण करने को कहा था. सो अब ये तन मन हमारा है. मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि कोई शक नहीं हम ही खुदा है. जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है. तो उन्होंने कहा:

श्री कृष्ण भगवान् थे उनके वहां 360 गोपियाँ थी. जिनसे वह हर रोज प्रेम लीला करते थे. फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं वह कोई नई बात नहीं है.

यह कि हम चाहें तो इस रिवाल्वर से तुम्हारे प्राण पखेरू उड़कर दाह संस्कार कर सकते हैं तुम्हारे घर वाले हर प्रकार से हमारे पर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम है. वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते यह तुम्हे अच्छी तरह से पता है.

यह कि हमारी सरकार में बहुत चलती है. हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री केन्द्रीय मंत्री हमारे चरण छुते है.राजनितिक हमसे समर्थन लेते है पैसे लेते हैं और हमारे खिलाफ कभी नहीं जा सकते. हम तुम्हारे परिवार से नौकरी लगे सदस्यों को बरखास्त करवा देंगे. सभी सदस्यों को मरवा देंगे और सबुत भी नहीं छोड़ेंगे ये तुझे अच्छी तरह से पता है कि हमने गद्दी के पहले भी डेरे के प्रबंधक वजीर चाँद को ख़त्म करवा दिया था. जिनका आज तक अता पता नहीं है. ना ही कोई सबूत बकाया है. जो कि पैसे के बल पर हम राजनितिक व पुलिस और न्याय को खरीद लेंगे. इस तरह मेरे साथ मुह काला किया और पिछले तीन माह में 20-30 बार किया जा चूका है. आज मुझको पता चला कि मेरे से पहले जो लड़कियां रहती थी उनके साथ भी मुह काला किया गया है. डेरे में मौजूद 35, 40 साधू लड़की जिसकी उम्र 35, 40 वर्ष की उम्र से अधिक है जो शादी की उम्र से निकल चुकी है उन्होंने परिस्थितियों से समझोता कर लिया है इनमे ज्यादा लड़कियां बीए, एमए, बीऐड पास है घरवालों के कट्टर अन्धविश्वासी होने के कारण नरक का जीवन जी रही है.

हमें सफ़ेद कपड़े पहना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख न उठाकर देखना, आदमी से पांच दस फुट की दूरी पर रहना, महाराज का आदेश है. महिलाये दिखने में तो देवी है मगर हमारी हालत वेश्याओ जैसी है. मैंने एक बार अपने परिवार वालों को बताया कि यहाँ डेरे में सब कुछ ठीक नहीं है तो मेरे घर वाले गुस्से में होते हुए कहने लगे कि अगर भगवान के पास रहते हुए ठीक नहीं है तो कहाँ ठीक है. तेरे मन में बुरे विचार आने लग गए है. सतगुरु का सिमरण किया कर. मैं मजबूर हूँ यहाँ सतगुरु का आदेश मानना पड़ता है यहाँ कोई भी दो लड़कियां आपस में बात नहीं कर सकती घर वालों को टेलिफोन मिलाकर बात नहीं कर सकती. घर वालों का हमारे नाम फोन आए तो हमें बात करने का महाराज के आदेशानुसार हमें हुक्म नहीं है. यदि कोई लड़की किसी से डेरे की इस सच्चाई की बात करती है तो महाराज का हुकुम है कि उसका मुह बंद कर दो पिछले दिनों भटिंडा (पंजाब) की लड़की साधू ने जब महाराज की काली करतूतों का सभी लड़कियों के सामने खुलासा किया तो कई साधु लड़कियों ने मिलकर उसे पीटा. जो आज भी घर पर इस मार के कारण घर के बिस्तर पर पड़ी है. जिसका पिता सेवादारों से नाम कटवा कर चुपचाप घर बैठा दिया है. जो चाहते हुए भी बदनामी और महाराज के डर से किसी को कुछ नहीं बता रही.

एक कुरुक्षेत्र जिले की एक साधु लड़की जो घर आ गई है उसने घर वालों को सब कुछ सच सच बता दिया है. उसका बड़ा भाई सेवादार था. जोकि सेवा छोड़कर डेरे से नाता तोड़ चुका है. संगरूर जिले की एक लड़की जिसने घर आकर पड़ोसियों को डेरे की काली करतूतों के बारे में बताया तो बन्दुक से लैश सेवादारों ने उसके घर आकर अंदर से कुण्डी लगा ली और धमकी देने लगे.

ख़त के अंत में साध्वी लिखती है कि इस ख़त में मैं अपने बारे में नहीं बताउंगी क्युकि ये लोग मेरे साथ-साथ और महिलाओं को और हमारे परिवार को मार दिया जाएगा. हमारा डॉक्टरी मुआइना किया जाए ताकि हमारे अभिभावकों और आपको पता चले कि हम कुवारी साध्वी है या नहीं. अगर नहीं हैं तो किसके द्वारा बर्बाद किये गए हैं.

तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी भाजपेयी के अलावा इस पत्र की एक एक कॉपी पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट, हरियाणा के मुख्यमंत्री, हरियाणा पुलिस के डायरेक्टर जनरल, सिरसा के एसपी तथा मीडिया को दी गई बदकिस्मती से यह मामला उस वक़्त कुछ ख़ास तुल नहीं पकड़ा जितना पकड़ना चाहिए था.

यहाँ आपको बताते चले की इतनी संवेदनशील मामलों के बावजूद जिम्मेदार लोगो ने इस पर कोई कारवाई नहीं की लेकिन 30 मई 2002 को सिरसा से निकलने वाली एक समाचार पत्र ने “पूरा सच” जो संध्या दैनिक है ने इस खबर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी इसके अलावा चंडीगढ़ से निकलने वाले एक अख़बार “देश सेवक” ने भी इस योन शोषण को जगह दी. अखबारों के साथ साथ उस ख़त की प्रतियाँ भी बांटी गई.

कोर्ट के सुनवाईं के बाद आगजनी करते अंधे भक्त
कोर्ट के सुनवाईं के बाद आगजनी करते अंधे भक्त

इस घटना के तह तक जाने के बाद पता चलता है कि पंजाब हाई कोर्ट ने इस गुमनाम ख़त की ख़ुद संज्ञान लेते हुए सिरसा के सेशन जज एम. एस. सुल्लर को आदेश दिया कि वो डेरा जाकर इस केस कि जाँच करें. एम. एस. सुल्लर ने जाँच कर हाईकोर्ट को रिपोर्ट दी जिसमे कहा गया कि डेरे के अन्दर सच में सब कुछ ठीक नहीं है तथा सुल्लर ने हाईकोर्ट से रिक्वेस्ट किया कि इसकी जाँच केंद्र कि किसी जाँच एजेंसी से करवाई जाय. इसके बाद 10 जुलाई 2002 को खबर आई कि डेरा में प्रबंधक रहे रणजीत सिंह कि हत्या हो गई है.

रणजीत सिंह की बहन भी डेरे में रहती थी लेकिन कुछ ही दिन पहले इन्ही सब कारणों से उसने डेरा छोड़ दिया था. कई लोगों ने तो ये भी कहने लगा कि जो पत्र प्रधानमंत्री के नाम लिखा गया है वो रणजीत सिंह की बहन ने ही लिखा है. रणजीत सिंह के हत्या का केस अभी भी कोर्ट में लंबित है, इसके मुख्य आरोपी भी राम रहीम ही हैं.

24 सितम्बर 2002 को पंजाब हाईकोर्ट ने इस मामले का ख़ुद संज्ञान लिया और इस केस के जाँच का आदेश सीबीआई को दे दी. सीबीआई को इस केस के जाँच के शुरुआती दौर में काफ़ी मुश्किले आई. पूछताछ के दौरान डेरे से 7 साधू लड़कियां मिली जो इस खबरों को सही बताई लेकिन बाद में 7 में से 5 लड़कियां अपने परिवार, पड़ोसी और डेरे के लोगो के डर से मुकर गई. 2 लड़कियों ने सीबीआई को केस के आखिरी पड़ाव तक सहयोग दिया.

24 अक्तूबर 2002 को एक और पत्रकार की हत्या हुई नाम था रामचंद्र छत्रपति. पुलिस द्वारा दाखिल किये गए चार्जशीट में जिस दो सूटर का जिक्र किया गया वो डेरे से ही संबधित था. रामचंद्र छत्रपति “पूरा सच” के वरिष्ट पत्रकार थे उन्हें कई बार धमकियाँ मिल चुकी थी कि वो डेरा के खिलाफ कोई खबर नहीं छापे. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के हत्या का मुख्य साजिस करता भी राम रहीम है.

रामचंद्र छत्रपति
रामचंद्र छत्रपति

सीबीआई के अनुसार इतने लम्बे समय तक चले इस जाँच में राम रहीम सीबीआई के बुलाने पर कभी भी दिल्ली नहीं आए, आखिरकार हारकर सीबीआई टीम को ही सिरसा जाना पड़ा और तब राम रहीम से पूछताछ हो पाई. सीबीआई पर हर तरह से दवाब था चाहे वो पोलिटिकल हो या फिर राम रहीम के अनुयायी द्वारा प्रतारित किये जाने का. सुनवाई अम्बाला कोर्ट में शुरू हुई थी लेकिन राम रहीम का आतंक इतना था कि सुनवाई के दौरान हजारों की संख्या में पुलिस तैनात करना पड़ता था. कोर्ट ने तो इसकी सुनवाई के लिए अम्बाला एसपी के घर एक तत्कालीन कोर्ट का निर्माण कर दिया जहाँ सुवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा दी जाती थी. इस दौरान राम रहीम के हजारों समर्थक इकठ्ठे होते थे और नारेबाजी होती थी. 2005 में तो राम रहीम के लाखों समर्थक ने हंगामा खड़ा कर दिया था.

2005 में हाईकोर्ट के बाहर राम रहीम समर्थक की भीड़
हाईकोर्ट के बाहर राम रहीम समर्थक की भीड़

जुलाई 2007 में सीबीआई ने इस केस को अम्बाला सीबीआई कोर्ट से पंचकुला सीबीआई कोर्ट में ट्रान्सफर करा लिया. राम रहीम को पेशी पर बुलाने से प्रशाषण इतना तंग आ गया था कि बाद में राम रहीम को कोर्ट बुलाना ही बंद कर दिया गया उससे विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये ही पुच ताछ होती थी. जाँच के दौरान एक ऐसा भी मोड़ आया जब एक स्थानीय अख़बार ने 2 में से एक लड़की का नाम छाप दिया उसके बाद उस लड़की के घर पर डेरा समर्थकों का धमकी आना शुरू हो गया. लड़की के पति से एफिडेविट लिखवाने के लिए उसे डेरा बुलाया गया, बाद में लड़की के शिकायत पर उसे पुलिस सुरक्षा दी गई. पुलिस का एक छोटा सा कैंप उसके घर के आगे बनवाया गया. कुछ दिन बाद ही डेरा समर्थको द्वारा उस कैंप में आग लगा दी गई और धमकी दी गई कि इसी तरह तुम्हारे घर को भी आग के हवाले कर दिया जाएगा. बाद में पुलिस वालों के टेंट जलाने वालों पर मुकदमा दाखिल किया गया लेकिन इसका अब तक कोई न्याय नहीं हो पाया.

यहाँ बताते चले की हरयाणा-पंजाब हाई कोर्ट ने रेप के आरोपी गुरु राम रहीम को न्यायिक रिमांड में भेज दिया हैं जहाँ फैसला 28 तारीख को आनी हैं| देश और दुनिया के ऐसे ही ताजातरीन ख़बरों से जुड़े रहने के लिए आज ही हमारे न्यूज़ पेज को लिखे करे..

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