प्रोफेसर मोदी की एग्जाम टिप्स: मन की बात में कहा स्माइल मोर,स्कोर मोर

बड़ा अच्छा लगता है जब किसी अपने से कोई मन की बात करते हैं| भागदौर भड़ी ये ज़िन्दगी और प्रतिस्पर्धा की दौर हमें एक ऐसे भीड़ से रुबरु करवाती है जहाँ पल-पल चेहरे पर नकाब बदलते हैं| ऐसे में किसी अपनों को दिल की बात बताना वाकई में हमारी उर्जा दोगुनी कर देती हैं| प्रधानमंत्री ने जब लोगो से सीधे रूप में “मन की बात” के तहत जुड़ने की बात कही तो मुझें यकीं न था कि ये सफल भी हो पायेगा| परन्तु हर बार मोदी जी को अपने देश से सुझाव मांगते एवं सांझा करते सुन दिल को तस्सली होती है कि अभी भी हमारे पास एक दुसरे के लिए टाइम हैं|

रविवार को आकाशवाणी में प्रसारित हुई “मन की बात” में इस बार का मुद्दा था ” बोर्ड एग्जाम”| मोदी जी ने इस बार प्रोफेसर की भूमिका अदा करते हुए न सिर्फ बच्चो को एग्जाम में बेहतर करने का गुड़ सिखाया बल्कि बच्चों का मनोबल बढाने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी|पेश हैं मोदी जी की  मन की बात से जुड़ीं कुछ खास बातो पर हमारी एक स्पेशल रिपोर्ट|

 प्लेज़र( Pleasure) और प्रेशर (pressure) का अंतर समझे

अपने कार्यकर्म के दौडान श्रृष्टि नामक एक क्षात्रा से यह पूछने पर कि क्या एग्जाम के दौरान हमारे आस-पास के वातारवरण को थोडा खुशनुमा नहीं बनाया जा सकता..? पर मोदी जी ने यह सन्देश दिया कि एग्जाम से डरे नहीं बल्कि एग्जाम को हमेसा एक उत्सव के तरह ले ताकि आप उसमे सर्वश्रेष्ठ कर पाए| आपको एग्जाम को सुखद अवसर के रूप में लेना परेगा तभी आप जीवन में कुछ बड़ा कर पायेंगे|जो बच्चे इसे दवाब समझते है उन्हें बाद में जाकर पछताना परता हैं| उन्होंने कहा कि जो परीक्षा को Pleasure मानेगा वो पायेगा और जो एग्जाम को प्रेशर समझेंगे वो जीवन भर पछतायेगा|

इसे भी पढ़े: जानिए आखिर क्यों है मोदी दुनिया के PM नंबर 1

कहा कलाम साहब से सीखों

मोदी साहब ने बच्चों का आशावाद रहते हुए कभी हार न मानने को भी कहा| उनके शब्दों में कोई विफलता आपके जीवन को निर्धारित नहीं कर सकती| उन्होंने कलाम साहब का उदहारण देते हुए यह भी कहा कि वे भी वायेसेना में भर्ती होना चाहते थे, एक बार एग्जाम भी दिया मगर फ़ैल हो गए| मगर उन्होंने हार नहीं मानी| अगर वे भी उस दिन अपने विफलता से घबड़ाकर यूँ मायूस हो जाते तो तो शायद आज भारत को इतना बड़ा वैज्ञानिक और राष्ट्रपति नहीं मिल पाता|

इसे भी पढ़े: जाने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

सचिन का भी दिया उदहारण

जहाँ एक तरफ उन्होंने बच्चों को पढाई का लेसन दिया वही दूसरी और उन्हें जीवन में खेल-कूद के अहमियत से भी रूबरू करवाया गया| सचिन का उदहारण देते हए उन्होंने कहा कि हालाँकि सचिन ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे पर उन्होंने इन बातो से हार न मानते हुए खेल के जरिए पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी|मोदी जी का कहना था कि प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं बल्कि खुद से करनी पड़ेगी तभी जीत संभव हैं|

इसे भी पढ़े: क्या कुछ नहीं झेला इन सिलेब्रिटीज ने

जाते-जाते देश को दिया होम वर्क

अपने मन की बात से बच्चों को उनका पाठ पढ़ा प्रधानमंत्री मोदी जी ने लगे हाथ देशवासियों को प्यारा सा होमवर्क भी दे दिया| उन्होंने देश के लोगो से उन लोगो के बारे में लिखने का आग्रह भी किया जिन्हें अभी हाल ही में हमारे गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया| उनके शब्दों में उन वीरों के जीवन पर बनी तथ्य को पढ़ आपको बड़ा आश्चर्य एवं गर्व होगा|

खैर जो भी हो एक राष्ट्र निर्माण में हमारे युवाओं की सहभागिता तो नकारी नहीं जा सकती| बोर्ड एग्जाम में सामिल हो रहे तमाम विद्यार्थियों से हमारा यह अनुरोध है कि वे धीरज न हारे एवं मेहनत करते रहे| कामयाबी जरुर मिलेगी| साथ ही हम अभिभावकों से भी यह अनुरोध करते हैं कि आप अपने बच्चों के समक्ष किसी भी तरह के नकारात्मक वातावरण का निर्माण न करे इससे बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता हैं||

 

One thought on “प्रोफेसर मोदी की एग्जाम टिप्स: मन की बात में कहा स्माइल मोर,स्कोर मोर

  • July 9, 2017 at 5:25 pm
    Permalink

    Aapne bahut hi achhi jankari di

    Reply

Leave a Reply