कानपुर हादसे की खुली पोल, अब तो नहीं बच पायेगा पाकिस्तान

कानपुर: भाई कुछ लोगो को जब तक उनकी औकात नहीं दिखाई जाये तब तक वे हमेसा सर पर ही चढ़े रहते है| अन्तराष्ट्रीय मंच पर भारत द्वारा पेश की गयी दलीलों एवं अन्य मित्र राष्ट्रों के सहयोग से पाकिस्तान के ऊपर कुटनीतिक बढ़त हासिल करने वाले भारत ने अभी अमन एवं चैन की शुरुवात ही की थी कि इतने में फिर से एक बार पाकिस्तान अपने नापाक मनसूबो का सबुत दे बैठा| बताते चले कि पिछले साल नवम्बर 2016 में यूपी के कानपुर में हुई रेल दुर्घटना के मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है| सूत्रों की माने तो इनमें से एक आरोपी ने घटना में पाकिस्तान के खुपिया एजेंसी ISI के संलिप्त होने के बात को भी स्वीकार किया है|

मुख्य आरोपी मोतीलाल पासवान ने  यूपी के आंतकरोधी दस्ते (ATS) के सामने  गुरुवार को यह स्वीकार किया है कि घटना को अंजाम देने के लिए उसने प्रेशर कूकर में बारूद भरकर रेल ट्रैक पर बिछाया था| यहाँ आपको बताते चले कि पिछले साल नवंबर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस कानपुर से 100 KM दूर ट्रैक से उतर गई थी जिसमें 150 लोग मारे गए थे| घटना के समय से जाँच परताल में लगी एजेंसी इसमें किसी विदेशी आतंकवादी संघटन का अनुमान लगा रही थी जो कि मोतीलाल पासवान के बयान के बाद एक तौर पर साफ़ हो चुकी है|

इसे भी पढ़े: भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी छाया PM मोदी का ‘स्वच्छता अभियान’

ATS एजेंसी द्वारा हुयी गहन पूछताछ के बाद यह बताया जा रहा है कि मोतीलाल पासवान ने एक 10 लीटर के प्रेशर कूकर को IED के रूप में विकसित किया था| इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर शमशुल हुडा को इस काम की जिम्मेदारी दी गयी थी|उसी के कहने पर अभियुक्तों ने ट्रैक पर IED बिछाया था| घटना को अंजाम देने में बृज किशोर गिरी नाम के एक शख्स का नाम सामने आ रहा है जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था| जहाँ एक ओर गिरफ्तार हुए अभियुक्त कानपपुर रेल हादसे के बारे में नए तथ्य  उजागर कर रहे है तो वही दूसरी ओर ISI के तथाकथित मदद के बाद एक बार फिर से ये सवाल उठ खड़ा हो गया है कि क्या पाकिस्तान वाकई में दोस्ती के लायक है..?

ब्लॉग: पाकिस्तान के जिहादी सोच की जड़

UP ATS ने अपने बयान में यह बताया कि “पूछताछ के दौरान अभियुक्तों  ने यह स्वीकार किया कि ISI के ही कहने पर उन्होंने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया”| पाकिस्तान को अन्तरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर चीन के दावे को खंडित करने के लिए अगर जरुरत पड़ी तो तथ्य जुटाने के लिए दुर्घटनास्थल की एक बार फिर से फोरेंसिक जांच की जाएगी| खैर अब इन सबूतों के जरिये सुरक्षा एजेंसी पाकिस्तान को किस हद तक घेरती हैं यह तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा मगर कयासे तो यही लगायी जा रही है कि सबूतों के पुख्ता हो जाने के बाद पाकिस्तान की खैर नहीं|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Have Entered Wrong Credentials