राम रहीम के साथ रहने वाली इस लड़की के बारे में जान कर आपके होश उड़ जाएगे

आज कल बाबा राम रहीम के साथ-साथ हनीप्रीत इंसान भी ट्रेंड कर रही है, हर कोई यही जानना चाहता है कि राम रहीम के साथ वो लड़की कौन है जो सजा मिलने के बाद भी हेलिकोप्टर में उसके साथ थी.

बिना देरी किये हम आपको यहाँ बता देना चाहते हैं कि हनीप्रीत इंसान बाबा की मुह बोली बेटी है जिसे कुछ साल पहले राम रहीम ने अडॉप्ट किया है, हालाँकि इसके पीछे कि कहानी जान कर आपको हैरानी भी होगी.

हनीप्रीत इंसान योग करती हुई
हनीप्रीत इंसान योग करती हुई. Photo: Instagram

गुरमीत राम रहीम की दो सगी बेटी है तथा एक बेटा है. लेकिन जब बात प्यार की आती है तो राम रहीम ज्यादा प्यार अपनी मुह बोली बेटी हनीप्रीत इंसान से करता है. सोशल मीडिया पर हनीप्रीत इंसान काफ़ी ज्यादा एक्टिव रहती है तथा अपने बाबा के साथ विडियो भी शेयर करती है.

तो बाबा को कैसे मिल गई उसकी बेटी जिसके बिना बाबा एक पल भी नहीं रह सकते

हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा था जो डेरा सच्चा सौदा की अनुयायी थीं. प्रियंका 1999 में अपने पति की वजह से जुड़ी. उसी साल हनीप्रीत की शादी विश्वास गुप्ता नाम के व्यक्ति से हुई थी. विश्वास गुप्ता का परिवार पिछले कई सालों से डेरा के साथ जुड़ा हुआ था. यहाँ आपको बता दे कि 1990 में गुरमीत डेरे के प्रमुख बने थे. हनीप्रीत तथा विश्वास गुप्ता की शादी राम रहीम के उपस्थिति में ही हुई थी.

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बात 2009 की है राम रहीम ने अपने डेरे में एक पार्टी का आयोजन किया और उसी पार्टी में ये घोषणा की कि प्रियंका तनेजा अब हनीप्रीत के नाम से जानी जाएगी तथा बाबा की मुह बोली बेटी होगी.

राम रहीम हनीप्रीत के साथ
राम रहीम हनीप्रीत के साथ

मुह बोली बेटी के अलावा और क्या रिश्ता है हनीप्रीत का राम रहीम से

ख़बर ने उस वक़्त तुल पकड़ी जब मई 2011 को हनीप्रीत का पति विश्वास गुप्ता ने आरोप लगाया कि बाबा राम रहीम की उसकी पत्नी हनीप्रीत से अवेध संबंध है.

एक दिन जब मैं बाबा के गुफ़ा में रह रहा था, उनके रूम्स इक्कठे होते हैं. जब मैं बाबा के कमरे से गुजर रहा था तो देखा बाबा जी का रूम खुला है और दोनों सेक्स कर रहे थे आपस में. उन्होंने जब मुझे देखा तो वे Shocked हो गए मैं भी Shocked हो गया.

2011 में इंडिया टीवी द्वारा किये गए रिपोर्ट का एक अंश.

विश्वास गुप्ता करनाल डिस्ट्रिक्ट की घरौंदा सीट से दो बार विधायक रहे रुलिया राम के पोते हैं. विश्वास के पिता एमपी गुप्ता ने ही डेरा को सबसे पहले अपनाया था. तब उसके गुरु राम रहीम नहीं, शाह सतनाम हुआ करते थे. आपको बता दे कि शाह सतनाम वही थे जिनके जाने के बाद गुरमीत को डेरा के ‘पिताजी’ का दर्जा मिला था. शुरुआती दिनों में एमपी गुप्ता और गुरमीत गुरु भाई कहलाते थे, क्योंकि दोनों ही शाह सतनाम के अनुयायी थे. बाद में बहुत ही कम उम्र में गुरमीत डेरा सच्चा सौदा के चीफ बन गए.

विश्वास गुप्ता ने पहले भी कहा कि उनकी पत्नी पर शुरू से बाबा की बुरी नजर थी. इसीलिए उन्होंने उसे मुंह बोली बेटी बनाया था. विश्वास ने ये भी कहा था कि बाबा और पत्नी को साथ देखने के बाद बाबा ने उन्हें धमकी दी थी कि वो उनके पूरे परिवार को मार डालेंगे. जिसके चलते विश्वास और उनके परिवार को डेरा और शहर छोड़कर वहां से भागना पड़ा. मगर हनीप्रीत बाबा के साथ रहती रहीं.

गुरमीत राम रहीम से टकराना आसान नहीं

यहाँ आपको बता दे कि विश्वास गुप्ता और एमएल गुप्ता ने बाबा के आगे घुटने टेक दिए थे. गुरमीत पर आरोप लगाने के अगले ही साल दोनों एक डेरा के एक सत्संग में गिड़गिड़ाते हुए देखे गए. उनका कहना था कि वो शर्मिंदा हैं कि उन्हें बाहरी लोगों ने भड़का दिया था. उन्होंने पब्लिक में रोते हुए कहा कि उनके आरोप निराधार और झूठे थे. उन्होंने हनीप्रीत से भी उसी वक़्त पब्लिक में माफ़ी मांगी. उनके मुताबिक़ जबसे उन्होंने बाबा के खिलाफ बोला, उनके घर में बीमारियों का अंबार लग गया. तबसे एक भी रात सुकून से सो नहीं पाए.

राम रहीम का इतना भौकाल है कि उनके एक आवाज पर उनके अनुयाई भारत जालाने तक कि धमकी देने से नहीं डरते. नेता से लेकर अभी नेता तक उनके चरणों में रहते हैं. राम रहीम इलाके के सभी नेताओं का बड़ा वोट बैंक है, इस बात में कोई दो राय नहीं. अब जड़ा सोचिए कि जब नेताओं पर किसी आदमी का इतना प्रभाव हो सकता है, तो एक आम व्यक्ति पर कितना होगा.