मूवी रिव्यू – दो लफ्जों की कहानी

फिल्म का नाम: दो लफ्जों की कहानी
डायरेक्टर: दीपक तिजोरी
स्टार कास्ट: रणदीप हुड्डा, काजल अग्रवाल
सर्टिफिकेट: U/A

ऐसा लगता है रणदीप हुड्डा इन दिनों काफी बिजी हैं और ये कोई नहीं बल्कि उनकी एक के बाद एक आ रही फिल्में साफ बता रही हैं। इस बार वो फिर से अपने दर्शकों का मनोरंजन करने में बिजी हैं अपनी एक और नई फिल्म के साथ जिसका नाम है दो लफ्जों की कहानी…

फिल्म की कहानी:

ये कहानी आपको मलेशिया ले जाती है जहाँ सूरज यानी की रणदीप हुड्डा अपना गुजर बसर करने के लिये एक के बाद एक लगातार तीन शिफ्टस में काम करता है। हालाकि सूरज पहले फाइटर हुआ करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक लड़की से होती है जिसका नाम है काजल अग्रवाल। और कुछ ही समय बाद वो काजल के प्यार में पड़ जाता है। लेकिन आगे कुछ हालात इस तरह से बनते हैं कि उसे दोबारा फाइटिंग शुरु करनी पड़ती है। लेकिन ऐसा क्या होता है कि उसे फाइटिंग शुरु करनी पड़ती है इसके लिये आपको पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी।

फिल्म की स्क्रिप्ट:

ये सोचने की गलती कतई ना करें की फिल्म की कहानी नई है क्योंकि ये फिल्म की कहानी साल 2011 में आईकोरियन फिल्म ‘Always’ से प्रभावित है। इसी फिल्म को हिंदी भाषा में बनाये जाने से पहले कन्नड़ भाषा में ‘बॉक्सर’ के नाम से पहले ही बनाया जा चुका है। फिल्म की स्टार्टिंग काफी अच्छी है…और इसके अलावा ये फिल्म में फिल्माई गई मलेशिया की लोकेशन भी जबरदस्त है।

फिल्म में अभिनय:

अगर बात की जाये अभिनय की तो इस बात में कोई दोराय नहीं है कि रणदीप हुड्डा की एक्टिंग स्कील्स काफी अच्छी हैं। और इस फिल्म में रेसलर का किरदार भी उन्होंने जमके सराहा । तो वहीं दूसरी तरफ काजल अग्रवाल पहले ही दर्शकों को प्रभावित कर चुकी हैं लेकिन इस फिल्म में वो आपको अपना दिवाना बनने पे मजबूर कर देगीं…काजल अग्रवाल और रणदीप हुड्डा दोनों ही एक दूसरे के साथ अच्छे लगते हैं।

दीपक तिजोरी का डायरेक्शन –

फिल्म के डारेक्टर दीपक तिजोरी की एक्टिंग स्किल हम लोग पहले ही देख चुके हैं लेकिन इस बार दर्शकों को अपनी डायेरक्शन से भी प्रभावित करने की सोच रहे हैं। इससे पहले वो ऊप्स और फरेब दो फ़िल्मों में अपने डायरेक्शन का कमाल दिखा चुके हैं लेकिन इस बार बारी है कुछ अलग करने की और इसलिए वो आ रहे हैं अपनी नई फिल्म दो लफ्जों की कहानी…

क्यूँ देखें फिल्म –

अगर आप काजल अग्रवाल या फिर रणदीप हुड्डा के फैन हैं तो फिल्म को जरुर देखें। इसके अलावा अगर आपको सीरियस स्टोरिज अच्छी लगती है तो भी ये फिल्म देखने जा सकते हैं।

फिल्म का संगीत:

संगीत का अच्छा होना कहीं ना कहीं जरुरी समझा जाता है लेकिन इस फिल्म का संगीत पहले से ही दर्शकों की जबान पर है जिसका मतलब है संगीत को लोगों ने पसंद किया है। इस फिल्म का गाना ‘जीना मरना’ म्यूजिक चार्ट में लिस्टेड है।

तो दोस्तों वीकेंड शुरु हो चुका है…ये फिल्म आपको बोर नहीं करेगी…अगर वीकेंड पर कोई खास काम नहीं है तो इस फिल्म को देखना बनता है Boss…

Summary
Review Date
Reviewed Item
मूवी रिव्यू दो लफ्जों की कहानी
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Nandini Singh

नंदिनी सिंह ट्रेंडिंगऑवर में एडिटोरियल प्रड्यूसर हैं|

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