मेरी कहानी : नीतू सिंह (डायरेक्टर के.डी कैंपस)

संघर्ष के सामने पराजित होता अंधेरा

आज एक ऐसी महान हस्ती से मुलाकात की जिनकी शुरुआत झारखंड के गिरिडीह सेे हुई ,मध्यमवर्गीय परिवार मे पैदा हुई, वहाँ से शुरू हुआ सफर बेहद थकावट वाला, गालियों परेशानियो, चुनौतियो, तानो सेे भरा हुआ था |

फिर भी संघर्ष बड़ा था तो नियती कामयाबी भी बड़ी देने वाली थी, कदम कदम पर मिलने वाले धोखे और परेशानी भी उसका कुछ नही बिगाड़ पाई हर परेशानी हर चुनौती ने उसकी कठिन और दिल से की गई मेहनत के सामने घुटने टेक दिये |
जी हाँ मै बात कर रहा हूँ पहले पैरामाउंट कोचिंग (Paramount Coaching) और अब के.डी कैंपस (K.D Campus) की संस्थापिका नीतू सिंह जी के बारे मे !!

नीतू सिंह जी वो महिला है जो इस देश की लाखो लड़कियो के लिए प्रेरणास्रोत है |

“उनका मानना है कि आप पर अगर अत्याचार हो तो उसका खुलकर विरोध करो हिम्मत जुटाओ और खुद को साबित करो , चाहे अत्याचार करने वाला कोई अपना ही क्यो ना हो “

संघर्ष की भट्ठी मे तपकर कुंदन बनी नीतू सिंह वो आदर्श महिला है जिन्होंने पारिवारिक ,राजनैतिक ,सामाजिक , व्यवसायिक स्तर पर अनेक बार अग्नि परीक्षा दी है लेकिन कभी हार नही मानी हर बार खुद को नये तरीके से साबित किया |

नीतू सिंह (डायरेक्टर के.डी कैंपस) इंटरव्यू ट्रेंडिंगऑवर
Left – सोमवीर आर्या  Right – नीतू सिंह (डायरेक्टर के.डी कैंपस)

चाहे वो पैरामाउंट को बिना पैसे शुरू करके अपनी मेहनत और काबिलियत के बलबूते पर देशभर मे पहचान दिलाना हो !  या फिर पैरामाउंट मे अपनो के द्वारा धोखे से सबकुछ छीन लिया जाने के बाद केडी कैंपस की स्थापना करके महज 11 महीने मे SSC की कोचिंग के क्षेत्र मे देशभर मे मार्केट पर कब्जा करने की बात हो !! उन्होंने हर आरोप और हर धोखे का जबाब अपनी काबिलियत से मार्केट मे दिया है |
बतौर नीतू सिंह – “कामयाबी ठीक उस एक कदम आगे खड़ी होती है जहा से थक हारकर हम वापिस लौट जाते है |”

आज इंटरव्यू के रूप मे नीतू सिंह मैम से तकरीबन 90 मिनट्स की मुलाकात मे बहुत कुछ सीखने को मिला, उन्होंने सभी सवालो का जबाब बड़ी सहजता सरलता और जिम्मेदारी से दिया |
उन्होंने बताया किस तरीके से झारखंड के गिरिडीह जैसे छोटे कस्बे से बडे सपने लेकर दिल्ली आई नीतू दिल्ली विश्वविद्यालय से वकालत की पढ़ाई करने बाद कोचिंग के क्षेत्र मे लाखो छात्रो कि पंसद नीतू सिंह मैम बन गई !!
वह अपनी कामयाबी का सारा श्रेय अपनी मेहनत और अपने छात्रो को देती है |

उनका मानना है ” कि मेरे छात्र ही मेरे लिये सबकुछ है उनके और मेरे बीच मेरे स्टाफ का कोई सूत्र नही होता मेरे छात्रो को किसी प्रकार की परेशानी ना हो और वो मुझसे सीधा अपनी समस्या रख सके ये मेरी प्राथमिकता होती है | ”
वह फेसबुक के जरिये भी अपने छात्रो के संपर्क मे रहना और उनके सवालो का जबाब देना जरूरी समझती है !!
नीतू सिंह मैम वो कामयाब महिला है, जिन्होंने विकट परिस्थितियो मे भी उम्मीद से अधिक पसीना बहाकर खुद को मजबूती के साथ साबित किया है |

आज के.डी कैंपस इतने कम समय मे उनकी मेहनत की बदौलत लगभग पुरे उत्तर भारत मे SSC की कोचिंग के क्षेत्र मे नंबर 1 कोचिंग संस्थान के रूप मे पहचान बना चुका है | इसके पीछे उनका कठोर संघर्ष उनके स्टाफ की मेहनत और लाखो छात्रो का प्यार है | उनकी कामयाबी आज किसी परिचय की मोहताज नही है !
वो उन हजारो छात्रो के लिये प्रेरणास्रोत है जो जीवन मे छोटे से संघर्ष और चुनौती से और छोटी सी असफलता से निराश होकर आत्महत्या कर लेते है |

उनके संघर्ष को देखते हुए किसी कवि की ये 2 पंक्तिया सार्थक नजर आती है –” वो कोई और चिराग होगे जो हवाओ से बूझ जाते है , हमने तो जलने का हुनर ही तुफानो से सीखा है !! “
उनका मानना है गलत का डटकर विरोध करे , और संघर्ष ना छोड़े सफलता जरूर मिलेगी !

उम्मीद करता हू एक आयरन लेडी की सच्ची और संघर्ष भरी कहानी आपको खुद से लड़ने की ताकत देगी |

अंत मे किसी कवि की 2 पंक्तिया :

उसूलो पर जहा आंच आये तो टकराना जरूरी है ,
जो जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है !!

इस इंटरव्यू को यूट्यूब पर देखें :

somveer arya

सोमवीर आर्य हंसराज कॉलेज (D.U) में स्टूडेंट यूनियन के वाईस प्रेसिडेंट हैं |

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