मेरी कहानी : आनंद देव (असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर) मिनिस्ट्री ऑफ़ शिपिंग

Anand Dev Interview बचपन से ही अपने बड़े-बुजुर्गो के मुँह हमने त्याग एवं समर्पण की ढ़ेरों कहानियाँ सुनी है| परन्तु जब हम किसी सपने को हकीक़त में बदलते देखते हैं तो वाकई में दिल से एक ही आवाज़ निकलती है “वाह”.!! अपनी मूलभूत जरूरतों से संघर्ष करते हुए जब कोई सपना वास्तविकता का दामन थामने की कोशिश करता है तो यकीन मानिये रास्ते और भी कठिन हो जाते हैं| परन्तु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो तमाम परेशानियों एवं विपरीत परिस्थितियों को धता बता कामयाबी की एक नयी मिशाल पेश करते हैं |

कौन कहता है आसमान में छेद नहीं होता

ज़रा एक पत्थर तबियत से तो उछाल कर देखो यारों

इंजीनियरिंग के दौरान अपनी माँ को खो देने का दर्द एवं बच्चों को एक उच्च शिक्षा देने हेतु अपने पिता को संघर्षरत देख युवा आनंद ने बचपन से ही ये मन बना लिया था कि मुझे लाइफ में कुछ “बड़ा” करना है | अच्छी खासी सॉफ्टवेर कंपनी में लगी जॉब छोड़ दी| SSC CGL के टफ कम्पटीशन को फाइट कर मिनिस्ट्री ऑफ़ शिपिंग में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर बन गए| अब तक के इस सफ़र का जायजा लेने जब हमारी टीम उनके घर पहुँची तब उनके स्वभाव को देख अनायास ही हमारे मुँह से वाह..!!! निकल गयी | कुछ दिनों पूर्व ही परिणय सूत्र में बंधे आनंद जी को हमारे परिवार की तरफ से शुभकामनाये देने के बाद हमने उनसे अपने अनुभवों को साँझा करने को कहा| उधर से दो टुक शब्दों में उनका जवाब आया कि स्मार्ट वर्क इस द टू सक्सेस” | आईये जानते हैं उनकी सफलता के राज स्वयं उनके शब्दों में…..

“जॉब के साथ-साथ टाइम निकाल कर कुछ बेहतर करने के मेरे प्रयासो को मैं अपनी सफलता का मूल मंत्र मानता हूँ | आज SSC CGL के एग्जाम को क्लियर कर भारतीय सरकार के अधीन एक ऑफिसर के रूप में कार्य करने की चाहत किसे नहीं होगी..? परन्तु सही मायनो में सफलता उन्ही को मिलती है जो अपने धुन के पक्के होते हैं | टाइम मैनेजमेंट, पॉजिटिव सोच एवं दृढ इच्छा शक्ति ही आपकी जीत निर्धारित करेगी | हम भी कुछ बातों का ध्यान रख अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त हो सकते हैं |


From Anand Dev Interview


(1) पॉजिटिव बने: गीता में ये कहा गया है कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है एवं जो होने वाला है वो भी अच्छे के लिए ही होगा | कम्पटीशन टफ होने की वजह से अक्सर लोग अपनी सफलता को अपने प्रयास से जोड़ने लगते हैं एवं विफल होने पर ढेर सारी नकारात्मक बाते घर करने लगती हैं | कोशिश करें ऐसे मुश्किल हालात में खुद को पॉजिटिव बनाये रखने की | संगीत एवं थोड़ा बहुत मनोरंजन आपको रिलैक्स कर निश्चित रूप से एक नयी उर्जा का प्रवाह करेगा |

(2) प्रॉपर प्लानिंग: कम समय में ज्यादा से ज्यादा स्कोर करने हेतु सिलेबस की बेहतर पकड़ ही आपको फायदा पहुचायेगी | ज्ञात रहे स्पीड एवं एक्यूरेसी वो मापदंड है जो आपको एक बेहतर टाइम मैनेजमेंट दे सकती है | हमेशा याद रखें कि आपको क्या करना है..? ये आपको अनचाही मेहनत से बचाएगा | विभिन्न सेगमेंट के लिए आप विभिन्न तरह से तैयारी कर सकते हैं |

Subject Wise Tips from Anand Dev Interviews :

(a) जनरल अवेयरनेस: यदि पूछे जाने वाले सवालों में से आप लीस्ट बेनिफिट-कट रेशियो निकालेंगे तो निश्चित रूप से जनरल अवेयरनेस के लिए हम जितना मेहनत करते हैं उतना हम स्कोर नहीं कर पाते | जनरल नॉलेज के लिए आप किसी भी बुक की सहायता ले सकते हैं एवं अवेयरनेस हेतु आप न्यूज़, इन्टरनेट इत्यादि का सहारा ले अपडेट रहने की कोशिश करें | ध्यान रखें बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरुरत नहीं बस अपडेट रहें |

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(b) रीजनिंग: हालाँकि रीजनिंग में पूछे जाने वाले अधिकांश सवालों के पैटर्न प्री-डिफाइंड होते हैं | हमे बस उन पैटर्न को अच्छे से समझने की जरुरत होती है | कांसेप्ट को अच्छी तरह से समझे एवं कोशिश करें ढेर सारे क्वेश्चन सेट को बनाने की इससे आपको टाइम मैनेज करने में आसानी होगी |

(c) मैथ्स: शायद आपकी तैयारी एवं आपकी सफलता के बीच की सबसे बड़ी कड़ी | कोशिश करें कांसेप्ट समझने की | आप अपने द्वारा कोई शोर्ट ट्रिक भी बना सकते हैं | ध्यान दें कैलकुलेशन स्पीड बढ़ाने के लिए ढेर सारी मेहनत की जरुरत नहीं केवल अपने प्रयास में निरंतरता लाने की जरुरत होती है | एक टाइम लिमिट बनायें एवं कोशिश करें हर सवाल को 1 मिनट के भीतर सोल्व करने की |

(d) इंग्लिश: शायद हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बचपन में ग्रामर एवं इंग्लिश लिटरेचर की एक बेहतर समझ के अभाव में इस ट्रिकी सब्जेक्ट में हम बस उलझ कर रह जाते हैं | किसी भी बेसिक ग्रामर बुक को थ्योरौली पढ़े एवं टेस्ट पेपर सोल्व करें | इंग्लिश न्यूज़ पेपर पढ़ अपनी वोकेबुलरी को भी थोड़ा स्ट्रोंग करने की कोशिश करें |

(3) प्रीवियस इयर क्वेश्चन पेपर सोल्व करें: SSC CGL में काफी बार ऐसा देखा गया है कि प्रीवियस इयर क्वेश्चन में ही कुछ मामूली बदलाव कर दोबारा उन्ही सवालों को पूछ लिया जाता है | लास्ट इयर के सवालों को सोल्व करने से न सिर्फ आपको सिलेबस की एक बेहतर समझ मिलेगी वरन 20-25 नंबर एक्स्ट्रा मार्क्स भी स्कोर करने में आसानी होगी | जो कि एक आम प्रतिभागी से आपको काफी दूर सफलता के पास ला खड़ा करेगी |

(4) मोक टेस्ट दें: मोक टेस्ट देने की आपकी आदत आपको बहुत लाभ पहुँचा सकती है | हर सेगमेंट में कट-ऑफ पूरा करने में भी ये आपकी काफी मदद करेगा एवं इससे आपको जरुरी स्पीड भी मिल जाएगी |

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किसी ने सच हि कहा है.. “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत” इंसान अगर चाहे तो क्या है जो वो नहीं कर सकता…? सपना तो हर कोई देखता है लेकिन हर सपने को सच करने के पीछे उसकी सच्ची लगन और मेहनत होनी चाहिए जिसके परिचायक एवं साक्ष्य स्वयं आनंद देव जी ने भी हम सबको दी | ट्रेंडिंगऑवर की समस्त टीम की और से आप सभी को आपके जीवन के हर संघर्ष से जीतने के लिए और आने वाले हर कॉम्पटीसन एग्जाम के लिए BEST OF LUCK….

यदि आपके पास भी समाज के कुछ ऐसे ही रियल हीरोज की कहानी है जिन्होंने विपरीत हालात में भी अपने दृढ संकल्प एवं इच्छा शक्ति से दुनिया को एक सीख देने का काम करा है तो हमें लिखे  mail@trendinghour.com पर

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