‘सेहरा’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने

‘सेहरा’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने : सेहरा अंकित तिवारी द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है संदीप नाथ ने जबकि सगीत लिखा है अंकित तिवारी ने |

गायक :  अंकित तिवारी
संगीत:   अंकित तिवारी
बोल:     संदीप नाथ
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

[youtube https://www.youtube.com/watch?v=X9cPHr09TJ0&w=560&h=315]

इक वजह ढूंढते, बेवजह ढूंढते
खो गया मैं जहाँ में जहाँ ढूंढते
कुछ सिला ढूंढते, सिल्सिल्स ढूंढते
आ गया मैं कहाँ से कहाँ ढूंढते

हर जगह, हर गली, मज़िलें न मिले
यूं ही साँसों में सांस लिये
सेहरा मेरे रूबरू, बंजारा मैं क्या करू
सेहरा मेरे रूबरू, बंजारा मैं क्या करू

रास्ते हमेशा सफ़र ही रहे
चैन के पल भी मुख़्तसर रहे (2)

इक बयान – बा मिला, कारवां ढूंढते
यूं ही साँसों में सांसें लिये
सेहरा मेरे रूबरू, बंजारा मैं क्या करू
सेहरा मेरे रूबरू, बंजारा मैं क्या करू

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‘सेहरा’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने
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