‘रूठा क्यूँ ‘1920’ से लिरिक्स एंड गाने

‘रूठा क्यूँ’ फ़िल्म ‘1920’ से लिरिक्स एंड गाने : रूठा क्यूँ  मोहित चौहान , पायल देव  द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है शरीब – तोशी  ने जबकि संगीत लिखा अज़ीम शिराज़ी ने |

गायक : मोहित चौहान , पायल देव
संगीत:  शरीब – तोशी
बोल:   अज़ीम शिराज़ी
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

रूठा क्यूँ मुझसे इतना खफा न होना इतना तू
सांसें भी तेरे बिना मैं न लूं
जाने क्यूँ बेवजह

ओ हो… रहने दे
तेरी मोहब्बतों में रहने दे
तेरी ख्वाबों में मुझे बहने दे
ऐसा होना दे तू ज़रा

मैं तोह तेरे शब् की सुबह हूँ न
हाथों की लकीरों में लिखा हूँ न (2)

ह्म्म्म…हो…
लाजिम है, जैसे साँसों के लिये लाजिम है
हवा
वैसे ही मेरे लिये ज़रूरी है होना तेरा
तेरे मेरे प्यार का रिश्ता सदियों रहेगा

सदियों रहा है न
मैं तोह तेरे शब् की सुबह हूँ न
हांथों की लकीरों में लिखी हूँ न
मैं तोह तेरे शब् की सुबह हूँ न
हाथों की लकीरों में लिखा हूँ न

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‘रूठा क्यूँ’ फ़िल्म ‘1920’ से लिरिक्स एंड गाने
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