‘जीते हैं चल ’ फ़िल्म ‘नीरजा’ से लिरिक्स एंड गाने

‘जीते हैं चल ’ फ़िल्म ‘नीरजा’ से लिरिक्स एंड गाने : जीते हैं चल कविता सेठ द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है  विशाल खुराना ने जबकि सगीत लिखा है  प्रसून जोशी   ने |

गायक : कविता सेठ
संगीत:   विशाल खुराना
बोल:    प्रसून जोशी
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगंधिम पुष्टिवर्धनम
उर्वारुकमिव बन्धनं
मृत्योर मुक्षीय मामृतात

कहता यह पल
खुद से निकल
जीते हैं चल
जीते हैं चल
जीते हैं चल

ग़म मुसाफिर था जाने दे
धुप आँगन में आने दे

जीते हैं चल 3

तलवों के नीचे है ठंडी सी एक धरती
कहती हैं आजा दौड़ेंगे

यादों के बक्सों में जिंदा सी खुशबू है
कहती है सब पीछे छोड़ेंगे

उंगलियों से कल की रेट बहने दे
आज और अभी में खुद को रहने दे

कहता यह पल
खुद से निकल

जीते हैं चल
जीते हैं चल
जीते हैं चल

एक टुकड़ा हसीन चख ले
इक डाली ज़िन्दगी रख ले

जीते हैं चल 3

हिचकी रुक जाने दे
सिसकी थम जाने दे

इस पल की ये गुजारिश है
मरना क्यूँ,जी लेना
बूंदों को पी लेना

तेरे ही सपनो की बारिश है
पानियों को रस्ते तू बनाने दे
रौशनी के पीछे खुद को जाने दे

कहता यह पल
खुद से निकल

जीते हैं चल
जीते हैं चल
जीते हैं चल

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगंधिम पुष्टिवर्धनम
उर्वारुकमिव बन्धनं
मृत्योर मुक्षीय मामृतात
उर्वारुकमिव बन्धनं
मृत्योर मुक्षीय मामृतात

कहता यह पल
खुद से निकल
जीते हैं चल

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‘जीते हैं चल ’ फ़िल्म ‘नीरजा’ से लिरिक्स एंड गाने
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