‘जीतने के लिये ‘ फ़िल्म ‘अजहर’ से लिरिक्स एंड गाने

‘जीतने के लिये ‘ फ़िल्म ‘अजहर’ से लिरिक्स एंड गाने : जीतने के लिये  के.के   द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है अमाल मल्लिक   ने जबकि सगीत लिखा है कुमार   ने |

गायक : के.के
संगीत:  अमाल मल्लिक
बोल:   कुमार 
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

आसमान भी हारता है
ज़मीन पे वक़्त गुजारता है
फिर से ऊँचाइयों की छह में

ज़िन्दगी जो टूटती है
होंसला मिल ही जाता है राह में

फिर उड़ेगा दिल उन् उड़ानों में
फिर लडेगा दिल दो जहानों से

जीतने के लिये ओ…
जीतने के लिये….
जेतने के लिये ….

कहते हैं यह इरादे सभी
टूटा हूँ मैं बिखरा नहीं
धुप में जो पिघल जाए
मैं वोह बर्फ का टुकड़ा नहीं

न डरेगा दिल इन् तुफानो से
फिर लडेगा दिल दो जहानों से

जीतने के लिये ओ…
जीतने के लिये…
जीतने के लिये…

दिन में देखि राते कई
होने लगी सुबह नयी
अंधेरों की दरारों से अब
दिखे लगी है रौशनी

न डरेगा दिल इम्तिहानो से
फिर लडेगा दिल दो जहानों से

जीतने के लिये ओ…
जीतने के लिये…
जीतने के लिये….

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'जीतने के लिये ' फ़िल्म ‘अजहर’ से लिरिक्स एंड गाने
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