‘अँखियाँ’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने

‘अँखियाँ’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने :  अँखियाँ कनिका कपूर द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है अर्जुन हरजाई ने जबकि सगीत लिखा है कुम्मार ने |

गायक :  कनिका कपूर 
संगीत:   अर्जुन हरजाई
बोल:     कुम्मार
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

रब्ब जाने क्यूँ दिए फासले (2)
रोंदियाँ ने छम छम करके

तेरी यादों में मार्के (2)
भूल गयी आन जिन्दरी दे रास्ते
अँखियाँ ने अँखियाँ नु

रब्ब जाने क्यूँ दिए फासले (2)
दुनिया की भीड़ में मैं तनहा सी हो गयी
पाकर जो तुझको खोया

खुद ही मैं खो गयो (2)
क्या बताऊँ तेरे बिन
काजल से है यह दिन
तारे भी बुझे बुझे हैं रात में
अँखियाँ ने अँखियाँ नु

रब्ब जाने क्यूँ दिए फासले (2)
राहों में बैठे बैठे
नैन पथरा गए
खुशियों के होंठों पे

दर्द कैसे आ गए (2)
सपने जो रूठे रूठे
जुड़ के जो दिल है टूटे

टूटी हैं लकीरे भी ये हाथ में
अँखियाँ ने अँखियाँ नु
रब्ब जाने क्यूँ दिए फासले (2)

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‘अँखियाँ’ फ़िल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ से लिरिक्स एंड गाने
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