‘अधूरी ज़िन्दगी’ फ़िल्म ‘तेरा सुरूर’ से लिरिक्स एंड गाने

‘अधूरी ज़िन्दगी’ फ़िल्म ‘तेरा सुरूर’ से लिरिक्स एंड गाने : अधूरी ज़िन्दगी ऋतुराज मोहंती  द्वारा गाए इस गाने को कंपोज़ किया है हिमेश रेशम्मिया ने जबकि सगीत लिखा है समीर अनजान ने |

गायक :  ऋतुराज मोहंती
संगीत:   हिमेश रेशम्मिया
बोल:     समीर अनजान
रिलीज़ कम्पनी : टी सीरीज

 

 

दिल अकेला है बड़ा
क्यूँ रहूनमें तनहा

यह इल्तेजा है , तुझसे मेरी
अधूरी  ज़िन्दगी है
तू करदे मुक़म्मल 2

दिल अकेला है बड़ा
क्यूँ रहूँ मैं तनहा

यह इल्तेजा है , तुझसे मेरी
अदुरी ज़िन्दगी है, तू करदे मुकम्मल
अधूरी ज़िन्दगी है, तू करदे मुकम्मल 2

जब भी कभी , फलक पे नज़र जो गयी
तोह सोचा मैंने हर पल ये ही, तू है खुदाया
मुसलसल ये ही, चलें हैं अरमानो में भी
गुफ्तगू तूने जो की, दिल को रुलाया

सजदों में  जब भी तेरा ही नाम लेके
ये सेर झुकाया
तेरे ही अस्को में मैंने ये क्यूँ
अपना ही अक्स पाया

दिल अकेला है बड़ा
क्यूँ रहूँ मैं तनहा

यह इल्तेजा है, तुझसे मेरी
अधूरी ज़िन्दगी है
तू करदे मुक़म्मल
अधूरी ज़िन्दगी है

तू करदे मुक़म्मल 2

अक्सर यहाँ मिला है सबको ही दगाह
मगर मुझको है मिली तेरी पनाहें
फिरता कहाँ मैं दर-दर तनहा यहाँ
जो रहती न यूँ मेरे संग तेरी दुआएं

माजी की यादें जलती हैं साथ
मुस्किल तुझे भुलाना
मुझको ये राते देती हैं ज़ख़्म
मरहम मुझे लगाना

दिल अकेला है बड़ा
क्यूँ रहूँ मैं तनहा

यह इल्तेजा है,तुझसे मेरी
अधूरी ज़िन्दगी है
तू करदे मुक़म्मल
अधूरी ज़िन्दगी है
तू करदे मुक़म्मल  2

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‘अधूरी ज़िन्दगी’ फ़िल्म ‘तेरा सुरूर’ से लिरिक्स एंड गाने
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