खर्राटे हो सकते हैं हृदयघात का कारण

खर्राटे लेने वालों की जनसंख्या बड़ी तेज़ी से बढ़ रही है. और विशेषज्ञ की माने तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. अक्सर हम इसे नजरअंदाज कर देते हैं या जो लोग इस रोग के गुजर रहे हैं उनका मज़ाक बनाते हैं.

आपकोबता दे कि इसे नजरअंदाज करना या खर्राटे लेने वाले व्यक्ति का मज़ाक बनाना सही नहीं है. खर्राटे लेने वाले व्यक्ति के तुरंत चिकित्सकीय  परामर्श लेने की जरूरत है. खर्राटे बड़ी तेजी से हमारे शरीर को नुकसान पहुचाते हैं.

नोट : खर्राटे की हम बात करे तो यह कई बार हमारे जीवनशैली और पर्यावरण के उपर भी निर्भर करता है.

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खर्राटे से होने वाले मुख्य रोग : 

ब्रोंकाइटिस  : आपने देखा होगा खर्राटे लेने वक्त गले में थरथराहट होती है ऐसा कंपन ब्रोंकाइटिस   में भी होता है. गले में इन्फेक्शन के साथ बलगम की भी समस्या होती है.

क्या कहते हैं कोरियाई शोधकर्ता :

 जो व्यक्ति प्रति सप्ताह छह से सात बार खर्राटे लेते हैं  उन्हें 68 % तक ब्रोंकाइटिस  होने की आशंका अधिक थी.

Henri Ford Hospital के शोधकर्ताओं के मुताबिक धमनियों में पपड़ी जमने के ख़तरे बढ़ जाते है| इससे आघात की आशंका अधिक हो जाती है.

क्यों होते हैं नींद में व्यवधान :

खर्राटे की वजह से आपने देखा होगा की बीच-बीच में नींद टूटती रहती है, तेज आवाज में खर्राटे भी आते हैं इसका कारण है. ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एनिया एक तरह की अक्षमता है जो सोते समय गले के रास्तें में व्यवधान पैदा करता है. इसका संबंध दिल संबंधी व कई अन्य गंभीर रोगों से हो सकता है.

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Dr. Priya Shree

डॉक्टर हूँ, अब राइटर हो रही हूँ। क्लोमिस्ट ट्रेंडिंग ऑवर|

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