फेफड़े के कैंसर में जगह का भी फ़र्क पड़ता है

फेफड़े का कैंसर : हम जानते हैं कि धूम्रपान कैंसर का प्रमुख कारण है. हाल के शोध बताते हैं कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने का खासा असर धूम्रपान करने वाले लोगों की सेहत पर पड़ता है.

धूम्रपान फेफडों के कैंसर का भी मुख्य कारण है. Cancer Research UK के एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के उत्तर-पूर्वी हिस्से में रहने वाले को फेफड़ो का कैंसर होने की आशंका दक्षिण में रहने वालों की अपेक्षा कम होती है.

फेफड़ो का कैंसर आम है, इस तरह के मरीज आपको दुनियाँ के किसी भी कोने में मिल जाएँगे. इसमे सबसे बुरी बात यह है कि इसका पता तब चलता है जब ये बुरी तरह फ़ैल चूका होता है.

इसे भी पढ़ें : सर्दी-खांसी से हैं परेशान तो आजमायें ये 8 रामबाण घरेलु नुस्खे

शोध की बात करें तो 2012 से 2014 के बीच एक लाख लोगों में से 112 लोगों में ये खतरनाक बीमारी पाई गईं. परन्तु इसी समय में दक्षिण-पश्चिम में रहने वाले एक लाख मरीजों में से 65.9 फ़ीसदी को कैंसर का पता चला.

पुरे यूनाइटेड किंगडम (यूके) में कैंसर के एक लाख मरीजों में से 79.7 फ़ीसदी को फेफड़ो का कैंसर होता है जबकि लन्दन में यह आकड़ा 78.4 फ़ीसदी है.

आपको बता दे कि पुरे यूनाइटेड किंगडम में 43,500 लोगो फेफड़े के कैंसर से ग्रषित हैं.

इसे भी पढ़ें : क्या है पेट का कैंसर और उसका निदान

फ़ोटो : होप चेस्ट

Dr. Priya Shree

डॉक्टर हूँ, अब राइटर हो रही हूँ। क्लोमिस्ट ट्रेंडिंग ऑवर|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Have Entered Wrong Credentials