सफलता का मूल मंत्र ! डर के आगे जीत है

यार मैं न एक नया काम स्टार्ट करना चाहता हूँ, पर डर लगता है कहीं कामयाब नहीं हो पाया तो जो है हाथ में वो भी नहीं रह पायेगा..हाँ यार छोड़ न इतनी अच्छी जगह काम कर रहा है सब कुछ तो है तेरे पास फिर रिस्क क्यूँ लेना चाहता है….?
जी हाँ, डर….!!!!! डर किसे नहीं लगता यहाँ कोई मौत से डरता है तो कोई ज़िन्दगी से, कोई हार से डरता है तो कोई जीत से, दुनिया में बेशक ही कुछ नया करने के लिए साहस की जरुरत पड़ती है परन्तु कॉम्पटीशन की इस दुनिया में अक्सर सफलता उसी को मिलती है जिनके पास भीड़ से हटकर कुछ नया करने का दम-ख़म होता है | सही मायने में ‘जो डर गया वो घर गया’ वाली बात को सिद्ध करते हुए आज सफल लोगो की एक ही बात अलग होती है और वो है उनका निडर स्वाभाव |

हम सभी लाइफ में अपनी आम जिंदगी से बाहर निकल ऐशो-आराम से भरपूर एक ऐसे स्वप्न की कल्पना तो जरुर करते होंगे जिनमे सारी सुख-सुविधाए हमारे डंके की चोट पर मौजूद हो, परन्तु हम में से कितने लोग उन सपनो को साकार भी कर पाते हैं | 10 में से यदि 9 लोगो के लाइफ स्टाइल एवं सफलता की गाथा को देखा जाये तो उनका हुनर एवं काबिलियत के अलावा जो गुण उनकी सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरुरी होता है वो है उनका निडर स्वाभाव | जरा सोचिये यदि हम अपने कार्य से संतुष्ट हो अपनी जिंदगी को वहीँ ख़त्म कर देंगे तो फिर भविष्य में बूढ़े होने के बाद हमें हमेशा इसी बात का अफ़सोस रह जायेगा की काश मैंने सही समय पर वो कदम उठा लिया होता तो शायद आज मेरी ज़िन्दगी कुछ और होती | आज यदि आपको आगे बढ़ना है तो निश्चित रूप से आपको रिस्क लेना ही पड़ेगा |

1. बात चाहे कोई नया कारोबार शुरू करने की हो या फिर कैरियर गढ़ने की बिना रिस्क लिए आप सफल नहीं हो सकते | Business को तो रिस्क का ही खेल समझा जाता है | एक प्रॉपर प्लानिंग आपकी सफलता के चांसेस तो बढ़ा सकती है परन्तु किसी भी कार्य के प्रति आप कभी भी 100% आशान्वित नहीं हो सकते |

2. यहाँ बहुत सारे हमारे दोस्त आज रिस्क को जुए के रूप में देखते हैं | उनका मानना है की रिस्क लेना है तो बड़ा रिस्क लेते हैं यदि पास हुए तो ठीक वरना कुछ और, परन्तु हम अपने पाठको से ये निवेदन करते हैं की आप छोटे-छोटे रिस्क उठाये ताकि वक़्त रहने पर उसकी भरपाई भी कर सकें |

3. याद रहें कि रिस्क लेने के बाद यदि सफलता आपके हाथ लग भी जाती है तो इससे पूरी तरह आश्वस्त न हो जाएँ | भाग्य एक बार साथ दे सकता है बार-बार नहीं | अतः हमारा आपसे यही निवेदन है की आप कभी भी रिस्क लें तो ये जरुर सुनिश्चित करलें की आपने अपना पुरा होम-वर्क किया हो |

4. हमेशा अपने अनुभव एवं क्षमता के मुताबिक ही कार्य करें | ध्यान दें आपकी क्षमता एवं काबिलियत को आप से बेहतर कोई नहीं जान सकता | अतः दूर के ढोल के लिए नजदीक का नुकशान करने वाली आदत से हमेशा बचने की कोशिश करें |

5. कुछ लोग रिस्क को अपने भाग्य से जोड़ आर-पार की बाते करने लगते हैं | समझने की आर-पार वाली कोई बात नहीं होती | आपके साथ आपकी जिम्मेदारियाँ भी होती हैं अतः कोशिश करें कैलक्युलेटिव रिस्क लेने की |

6. कई बार लोग शेयर, ब्रोकिंग या फिर रियल स्टेट में भी रिस्क लेकर भारी मुनाफा कमाते हुए अनायास ही दिख जाते हैं परन्तु ध्यान दें की किसी भी आदमी की सफलता एवं क्षमता से खुद की काबिलियत का आंकलन न करें | आपके अन्दर की प्रतिभा तभी निखर के सामने आएगी जब आप अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आस्वस्त हो जायेंगे |

पाठक बंधू हमेशा ध्यान दें की जब भी आप अपने कारोबार या कैरियर में रिस्क लेने के बारे में सोचे तो कृपया अपने अनुभव, अपने ज्ञान एवं अपनी क्षमता का आंकलन जरुर कर लें | बुजुर्ग एवं सफल व्यक्तियों से परामर्श आपको काफी मदद पहुँचा सकती है परन्तु यदि आप कुछ नया करने की सोच रहे हैं तो एक बैकअप प्लान हमेशा साथ लेकर चलें | यकीन मानिये जीत आपकी ही होगी |

फ़ोटो : Openclipart

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Have Entered Wrong Credentials