सावन के महीने में एक प्योर शिवभक्त द्वारा भांग कि महिमा का बखान

Benifits of Eating Bhang in Hindi : बोल बम का नारा है बाबा तू सहारा है, बोल बम का नारा है बाब तू सहारा है..जी हाँ, सावन का महीना आते ही हवाओं में मानो शिवभक्ति का ऐसा रंग घुलता है कि कोई भी शिव भक्त बिना इसके रंग में डूबे नहीं रह सकता | कुछ तो बात है देव आदि देव महादेव में जो भक्त उनकी आस्था में अपने सारे दुखो का निवारण ढूंड ही लेता है.. बाबा के दरबार से आखिर कौन खाली हाथ लौटता है भला..?

ऐसे में बाबा की नगरी बाबाधाम ( देवघर) जा बाबा को जल चढाने कि इच्छा हुई तो मै भी निकल पड़ा काँवर ले महादेव के नगरी के ओर. रास्ते में भक्तो के जोश को देख एक बार तो जरुर लगा कि वाकई भक्ति में बहुत शक्ति होती है परन्तु न जाने मेरा शरीर मुझे क्यूँ धोका देने में तुला हुआ था. मेरी हालत देख एक शिव भक्त ने मुझे भांग ऑफर करते हुए कहा “इसे खा लो बाबा का प्रसाद है आनंद आएगा एवं तुम्हारे सारे दर्द दुर होंगे”.

मूलतः बंगाल से होने की वजह से भांग को लेकर बचपन से ही हमारी सोच बहुत भिन्न थी | समाज में भांग खाने वालो को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था | ऐसे में मुझें असमंजस में देख एक भक्त ने कहा “ भैया का सोचत हो, खा ल न..” और फिर मैंने जीवन में पहली बार बाबा का नाम ले भांग गटक लिया | उस असीम सुख को मै आज भी नहीं भूल पाया हूँ | उस दिन मेरे साथ जो भी हुआ उसे सोच मेरी हसी आज भी नहीं रूकती | उस दिन मैंने भांग से जुड़े कई आश्चर्यजनक बाते सीखी जिसे समाज में रखने हेतु मैंने यह लेख लिखने के सोची. आइये जानते है भांग से जुड़े कुछ ऐसे ही तथ्यों के बारे में..

1. असीम सुख-प्राप्ति: भांग खाने वाले अक्सर हस्ते-मुस्कुराते हुए देखे जा सकते है | उनकी मुस्कान शायद सामने वालो को पागलपन लगे परन्तु इन सब से परे भांग का सेवन आपको असीम सुख देता है | चाहे हो कोई गंभीर समस्या या फिर किसी गम में डूबे हुए ही क्यूँ न हों | बस थोडा सा भांग खाइए और सब कुछ छु मंतर.

2. सम्पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक: आदि काल से ही भांग एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है | कब्ज़, एसिडिटी, कुपाचन एवं भूख नहीं लगने जैसे समस्याओं में भांग एक रामबाण का काम करता है | ये भी मुमकिन है कि भांग का सेवन कर आप 10-15 रोटियां आराम से चट कर जाये.

3. पॉकेट फ्रेंडली: जी हाँ..महंगाई कि मार हमारे खान-पान को भी बुरी तरह प्रभावित करती है ऐसे में महंगी दारू एवं अन्य चीजो से पॉकेट का तो हो गया बेडा गर्ग. ऐसे में मात्र 1 रूपए में भांग आपको पुरे 1 करोड़ का नशा दे सकता है. यूँ ही भांग इतना पॉकेट फ्रेंडली नहीं है |

4. अलग-अलग वैरायटी में उपलब्ध: भांग को जलेबी, लस्सी, बर्फी, पेठा, कुल्फी, लड्डू इत्यादि किसी भी रूप में बनाया एवं सामने वाले के सामने परोसा जा सकता है. टेस्टी मिठाइयों में भांग का अर्क चाहने वालो के लिए अनमोल हो सकती है.

5. मानसिक एकाग्रता में वृधि: अक्सर भांग खाने वाले ये दलील देते है  कि इससे वाणी में सोम्यता एवं ठहराव आता है. कुछ भी काम करने से पहले बस थोडा सा भांग एवं कंसंट्रेशन ऐसा कि मानो एवेरेस्ट फ़तेह कर जाये. खैर इसके आवेश में हर कोई यही सोचता है कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं.

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत आर्टिकल किसी व्यक्ति विशेष के अनुभव की कहानी है. इस लेख के माध्यम से लेखक एवं ट्रेंडिंग ऑवर परिवार किसी भी तरह से भांग के सेवन को प्रोत्साहित नहीं करती. रीडर्स से अनुरोध है कि वे अपने विवेक से काम ले. इस लेख में छपी किसी भी तरह कि सत्यता, प्रमाणिकता अथवा लेख के उद्भव हेतु ट्रेंडिंग ऑवर परिवार किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं होगी.

Benifits of Eating Bhang in Hindi

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