आखिर क्या है बुलेट ट्रेन, भारत और बुलेट ट्रेन

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भारत जैसा विशाल देश जो की उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में हिन्द महासागर तक एवं पूर्व में अरुणाचल से लेकर पश्चिम में गुजरात तक फैली है, में रेलवे के योगदान को नाकारा नहीं जा सकता | यातायात के लिए लोगो की पहली पसंद बन चुकी भारतीय रेल में निश्चित रूप से ही भारत की आत्मा वास करती है | आज भारत की अखंडता को जोड़ती रेलवे भी अपने अंदर आये बदलाव के चरणों से होकर गुजर रही है | स्टीम इंजन की छूक छूक से निकल कर आज हम बुलेट ट्रेन के बारे में बाते करने लगे हैं | आईये  जानते हैं की आखिर क्या है ये बुलेट ट्रेन…

हाई स्पीड रेल या बुलेट ट्रेन

हाई स्पीड रेल (HSR) लाइन उन रेलवे ट्रैक को कहा जाता है जिसके ऊपर से रेलगाड़िया 200 या 200 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज गति पर दौड़ती है | अभी भारत में सबसे तेज़ दौड़ने वाली रेलगाड़ी का ख़िताब गतिमान एक्सप्रेस को जाता है जो की दिल्ली से आगरा तक की अपनी दूरी में लगभग 160  किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से भागती है | निश्चित रूप से रेलवे लाइन में आये मूलभूत बदलाव एवं एक उचित प्रशिक्षण के फलस्वरूप आज हम बुलेट ट्रेन के सपनो को सीखने एवं उसको सही ठहराने लगे हैं | ये बुलेट ट्रेन हमारे सफ़र को निश्चित रूप से काफी छोटा एवं आरामदायक बना सकती है

कितना सच कितना झूठ

2014 जनरल इलेक्शन में एक अहम् चुनावी मुद्दा बन चुकी बुलेट ट्रेन के सपने को भाजपा एवं तमाम विरोधी पार्टियों ने खूब भुनाना चाहा | अपने चुनावी वादे को पुरा करने हेतु भाजपा सरकार ने जापान सरकार के साथ हाथ मिलाकर पहले चरण में लगभग 500  किलोमीटर इस परियोजना को हरी झंडी दिखा दी | बताते चले कि बुलेट ट्रेन रेल परियोजना के तहत पहले चरण में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एवं अहमदाबाद को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गयी है |

रुकावटें और भी हैं

बताते चले कि बुलेट ट्रेन के ट्रैक को बनाने में आम ट्रैको की अपेक्षा लगभग 100 से 140 करोड़ रूपए के अतिरिक्त खर्चा आता है जो की इस परियोजना को काफी महंगी बना देती है | अभी हाल ही में हुए पठानकोट आतंकवादी हमले में अपने कई जवान खोने के बाद जनता ने भी ये कहकर इस परियोजना का विरोध करना शुरू कर दिया था की हमे बुलेट ट्रेन नहीं बल्कि अपने जवानों के लिए पहले बुलेट प्रूफ जैकेट चाहिए | फ़िलहाल इस महत्वकांक्षी परियोजना में लोगो की दिलचस्पी एवं विपक्षियों की लगातार नारेबाजी ने इस परियोजना के भविष्य को काफी हद तक सुनिश्चित करने का काम किया है | सुव्यवस्थित ट्रैक की कमी,प्रशिक्षित स्टाफ का आभाव एवं अन्य तकनीकी खामियों के बीच अभी भी ये प्रोजेक्ट दूर के ढोल के सामान प्रतीत हो रहा है |

फायदे और भी हैं

कल्पना कीजिये जब कोई हाई स्पीड रेल आपको कुछ ही घंटो में आपकी मंजिल तक पहुँचा दे एवं दिन ढलते ही आप अपना काम कर दोवारा अपने घर वापस भी आ जाएँ तो कैसा रहेगा?

समय की बचत एवं लम्बी दुरी तय करने में आई दिक्कतों को दूर करने के साथ-साथ बुलेट ट्रेन के कई और फायदे भी हैं | आईये डालते हैं एक नज़र

  1. ये प्रोजेक्ट बिज़नस क्लास के लोगो क लिए काफी फायदेमंद हो सकती है या फिर उन लोगों के लिए जिनको अपने व्यापार के लिए काफी ज्यादा भ्रमण करना पड़ता है |
  2. वे लोग जो समय एवं थकान से बचने के लिए हवाई यात्रा करने के लिए बाध्य थे उनके लिए भी ये परियोजना एक मील की पत्थर साबित होगी |
  3. मूलभूत सुविधाओं में आयी विकास के साथ साथ रेलवे के अन्य सेक्टर्स जैसे की सफाई,मेंटिनेंस एवं अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकेगा |
  4. तमाम छोटे बड़े शहरो को जोड़ कर ये परियोजना हमारे विकसित एवं विकाशशील शहरों के बीच की खाई को थोड़ा पाटने का काम अवश्य करेगी |
  5. नयी ढांचागत सुविधाओं के विकाश हेतु खुब सारे नए रोज़गार के अवसर भी खुलेंगे जो हमारे देश के युवा वर्ग को एक बेहतर भविष्य देने में सक्षम हो पायेंगे |

आशा करते हैं बुलेट ट्रेन के ऊपर हमारा ये आलेख आपको पसंद आया हो | आप अपने महत्वपूर्ण सुझाव हमसे साँझा करना ना भूलें, निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपना सुझाव दें |

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