जज़्बाती होना कहीं आपको नुकशान न पहुँचा दें

यार मेरे बॉस ने आज सारे एम्प्लाइज के सामने मेरी बेईज्ज़ती कर दी | मैं कल ही जाकर रिजाइन कर दूंगा | दिन-रात एक करके मैं काम करता हूँ और वो सिवा हुकुम चलाने के कुछ और नहीं जनता | नहीं मै तो कल पक्का रिजाइन करने वाला हूँ |

भाग-दौड़ भरी इस जीवन शैली में हम अक्सर अपने काम में अति व्यस्त रहते हैं | काम का बोझ एवं अपने लक्ष्य को पुरा करते करते अनायास ही हमारे मन में ये सवाल जरुर उठ जाता है | की आखिर इतना कुछ करने के बावजूद भी लोग मेरी कद्र क्यूँ नहीं करते हैं | कम समय में एक फिक्स टारगेट को पुरा करने एवं अन्य व्यक्तिगत समस्याओं के साथ हमारा तनाव भी उसी अनुपात में बढ़ता रहता है | और क्या मजाल किसी की उस तनावपूर्ण माहौल में हमे कोई आँखे दिखा दे | गुस्सा, आवेश एवं जज़्बात के एक बेहतर तालमेल के अभाव में आज की हमारी युवा पीढ़ी अनायास ही अपना आपा खो बैठती है परन्तु जब तक उनको अपनी गलतियों का एहसास होता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है | परन्तु ध्यान दें जरुरत से ज्यादा जज़्बाती होना भी कई मायने में आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है | पेश है एक रिपोर्ट :

अपनी भावनाओं पर रखे नियंत्रण: हमारी भावना एवं दुसरो के प्रति हमारी सोच ही हमारी सफलता के आयाम को गढ़ने में हमारी मदद करती है | अपनी भावनाओं पे कण्ट्रोल रखना ही आपको पूरी तरह मैच्योर बनाता है | अपनी भावनाओं एवं संवेदनाओं का उपयोग अपने नाश के लिए नहीं वरण कुछ सिखने के लिए करें | हमेशा खुद से ये सवाल पूछते रहें की मैं जो कर रहा हूँ क्या वो मैं सही तो कर रहा हूँ न…?

माफ़ी मांगने की आदत डालें: संवाद में कमी एवं भाषा के बेहतर उपयोग के अभाव में अक्सर हम कुछ ऐसा जरुर कह जाते हैं जो सामने वाले को हो सके तो पसंद न आये | जितना हो सके अपनी भाषा को सौम्य बनाने की कोशिश करें | यदि आपके द्वारा कही गयी किसी बात से कोई आहत हो भी जाये तो कोशिश करें उनसे माफ़ी मांग कर बात को वही ख़त्म कर देने की | गुस्से में जब आप अपने जज्बात खो देंगे तब शायद आप किसी अप्रिय घटना के शिकार भी हो सकते हैं |

रिएक्शन से पहले सोचें: एक अच्छा सेंस ऑफ़ ह्यूमर आपको जीवन में काफी आगे ले जा सकता है | ध्यान दें किसी भी टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने से पहले थोड़ा सोच जरुर लें | हो सकता है की जो बात कही गयी हो वो मात्र आपको विचलित करने हेतु कही गयी हो या फिर आपको निचा दिखाने की कोई चाल हो | याद रखें आपकी एक मोहक मुस्कान उनके इरादों पर पानी फेर सकती है |

तनाव से बचे: जरुरत से ज्यादा पाने की चाहत एवं काम का तनाव अक्सर हमारी सोचने समझने की शक्ति को थोड़ा कम जरूर कर देता है | जितना हो सके तनाव से बचने की कोशिश करें | म्यूजिक सुने, मूवी देखें या अपने काम से समय-समय पर थोड़ा ब्रेक लेते रहें | याद रहे आपकी इन छोटी–मोटी आदतों से आपके जीवन में एक बड़ा बदलाव आ सकता है |

शांत एवं मृदुल बनने का प्रयाश करें: ध्यान दें दुनिया में वो ही कामयाब हो पाते हैं जो दुसरो को बोलने का मौका दें | बीच-बीच में कुछ बोलने की आदत से हो सकता है सामने वाले को बुरा लगा | आप यदि चाहे तो धीरे-धीरे अपने संवाद में ठहराव लाने की कोशिश कर सकते हैं | आईने के पास जाकर कभी-कभी खुद से ये सवाल भी आप पूछ सकते हैं की क्या मेरी हरकतें सच में लोगों को विचलित करती है | ध्यान रहे इन सैद्धांतिक बदलावों को आप अपने कार्यशैली में इस्तेमाल कर बुलंधियों की एक नयी परिभाषा रच सकते हैं |

याद रखें जब भी कोई बात, घटना या फिर परिस्थिति आपकी भावना को उद्देव्लित करती है एवं आप कोई तीव्र प्रतिक्रिया करना चाहते हैं तो उस वक़्त लंबी एवं गहरी सांस लें | यदि संभव हो सके तो थोड़ा चहल-कदमी करें | पानी पिये, संगीत सुने या कुछ और जो आपको इन प्रतिक्रियाओं से दूर रखे | आपके द्वारा दिखाई गयी थोड़ी सी सूझ- बुझ एवं अकलमंदी आपको एक बेहतर भविष्य दे सकती है |

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