और फिर फफक-फफक कर रो पड़ी स्मिता..

“ अरे आज रपट जाये तो हमे न उठैयो”

बरसात की बूंदों में भींगती स्मिता पाटिल की खूबसूरती देख किसी का भी मन मचल उठेगा | 80 के दशक में बॉलीवुड में यूँ तो ढेर सारी अभिनेत्रियों ने अपनी एक्टिंग टैलेंट से हम सब का दिल लूटा मगर इन सभी एक्ट्रेस में स्मिता पाटिल का नाम बड़े ही गर्व से लिया जाता है…एक औसत मिडिल क्लास फॅमिली की आदर्श नारी एव भारतीय एथनिक ब्यूटी के चरित्र को अपने सेक्स अपील से एक नई ऊँचाई देती स्मिता का फ़िल्मी करियर यूँ तो काफी छोटा था परन्तु अपने इस छोटे से काल में ही उन्होने दो-दो नेशनल अवार्ड्स जीत ये साबित कर दिया कि जिंदगी लम्बी नहीं बड़ी होनी चाहिए |

स्मिता का फ़िल्मी करियर यूँ तो काफी सक्सेसफुल रहा परन्तु क्या आपको पता है कि एक दौर ऐसा भी था जब एक ऑडिशन में नकारे जाने के कारण स्मिता सेट में ही फफक-फफक कर रो पड़ी थी | जी हाँ.. बात तब कि है जब स्मिता पाटिल दूरदर्शन में एंकर के रोल के लिए ऑडिशन देने गयी हुई थी परन्तु किसी कारणवस उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया ऐसे में वो उस समय दूरदर्शन के तत्कालीन डायरेक्टर याकूब सईद के पास जाकर जोर-जोर से रोने लगी | मामले को गंभीरता से लेते हुए याकूब जी ने अपने मेनेजर को स्मिता का ऑडिशन फिर से देखने को बोला |

याकूब जी के मेनेजर ने स्मिता को एक और मौका देने का सोचा मगर इस बार स्मिता ने कोई गलती नहीं की एवं उनका चयन कर लिया गया | खैर उसके बाद क्या हुआ ये किसी को बताने की जरुरत नहीं | स्मिता ने अपनी एक्टिंग से सिनेमा जगत को एक नई ऊँचाई दी | शायद इसलिए भारत सरकार ने फिल्मों के प्रति उनके योगदान से प्रभावित हो उन्हें पद्मश्री का ख़िताब दिया |

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फोटो साभार: scroll.in

 

 

 

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