इन तरीको से बढ़ाये अपनी टीचिंग एबिलिटी

गुरु गोविंद दाऊ खड़े, काके लागु पाँव

बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताये

एक उज्जवल समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका को नदारंदाज़ नहीं किया जा सकता | हमारे समाज के मूल आधार गढ़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका एक शिक्षक की ही होती है | शिक्षक ही अपने गुणों एवं आदर्शो से आने वाले पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं | वर्तमान शिक्षण पद्धति में नित दिन होते सुधारो एवं कम्पटीशन के बढ़ते बोझ ने आज बच्चो के साथ-साथ शिक्षको को भी अपडेट रहने पे मजबूर कर दिया है |

हमेशा से ही समाज में शिक्षको को एक उच्च आदर्श के रूप में देखा जाता रहा है इसलिए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी काफी हद तक बढ़ जाती है | मगर अब लद गए वो दिन जब शिक्षको को ही ज्ञान का अंतिम स्तम्भ माना जाता था | टेक्नोलॉजी प्रधान इस संसार में आज गूगल (एक सर्च इंजन) आपकी गलतियों को नदारंदाज़ करने नहीं देगा | अतः शिक्षको को भी समय-समय पर अपनी शिक्षण पद्धिति में कुछ मुलभुत बदलाव लाने की जरुरत होती है | प्रस्तुत आलेख के माध्यम से हमारे टीचिंग एक्सपर्ट ने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स की एक सुंची बनायीं है जो आपके शिक्षण पद्धिति में सुधार लाकर आपको बच्चो के बीच स्टार बना देगी :

 

  • ओरिजिनल बने: आप ये कभी न भूले की जाने-अनजाने में हजारो बच्चो की निगाहे आप पर होती है एवं ना जाने कितनी ही नज़रे आपको अपना आदर्श मानती होगी | आपके द्वारा की गयी गलतियाँ बच्चे आसानी से सिख सकते हैं | ध्यान दे दिखावटीपन से आप बच्चो के नजरो में गिर भी सकते हैं इसलिए आप जैसे भी हैं बस कोशिश करे ओरिजिनल रहने की |

 

  • इनोवेटिव बने: ये बात अपने दिमाग में हमेशा के लिए डाल लें की हर विद्वान आदमी एक अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता और न ही एक शिक्षक पूर्ण विद्वान | अपने ज्ञान को सही एवं आसन तरीके से बच्चो तक पहुँचाना एक शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है |अपने डिलीवरी स्टाइल को थोडा इनोवेटिव एवं फन लविंग बनाने की कोशिश करे |

 

  • मेलजोल बढ़ाये: अकेले चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता | एक टीम में काम करना एवं हमेसा अपना बेस्ट देने के लिए लालायित रहना कई मायने में बच्चो एवं मैनेजमेंट के नजर में आपके छवि सुधार सकती है | कोशिश करे अपने बच्चो, स्टाफ आदि से मेल-जोल बनाये रखने की, क्या पता आपकी एक मुस्कान सामने वालो के लिए वरदान साबित हो |

 

  • समर्पित रहे: हमेशा अपने कार्य के प्रति समर्पित रहे | अपने जिम्मेदारियों को समझे एवं उसे पुरा कर सदैव कुछ नया करने की कोशिश करें | हमेशा कुछ अलग करने की मौके तलाशना एवं बच्चों को उसके लिए प्रेरित करना ही आपका लक्ष्य होना चाहिए | याद रखें की किसी भी संस्था में हमेसा अपना 100% देने वालो को ही सफलता मिलती है |

 

  • ट्यूशन के लोभ को त्यागे: यदि आपमें काबिलियत है तो यकीन मानिये बच्चे आपकी मुरीद जरुर बनेंगे | ट्यूशन से दो पैसे अधिक कमाने की चाहत में अक्सर देखा जाता है की शिक्षक बच्चो को ट्यूशन पढने के लिए फाॅर्स करने लगते हैं,  कोशिश करे ऐसा नहीं करने की | ऐसा करने से न सिर्फ आप बच्चो के सामने अपने इज्जत खोते हैं वरन दुसरे स्टाफ के साथ भी आपके प्यार में कमी आती है |

 

  • बच्चो को प्रेरित करते रहें: समय-समय पर बच्चो को प्रेरित करने एवं कहानियां सुनाने कि आपकी आदत बच्चो में उर्जा का संचार करती है | ध्यान दे हफ्ते में एक दिन जरुर आप बच्चो को थोडा हँसा दे या फिर किसी भी प्रेरणादायक कहानियों से उनका मार्गदर्शन करते रहें |

 

  • ‘ना’ कहना भी सीखें: हमेशा दूसरों से खुद को बेहतर साबित करने के होड़ में हम कहीं अपने बच्चो का भविष्य तो बर्बाद नहीं कर रहे…? ध्यान दे ये जरुरी नहीं की आपको सब कुछ पता हो | कोशिश करें ‘ना बोलना’ सिखने की | आज के इस दौड़ में बच्चे जब गूगल में जाकर आपके दिये गए उत्तर को चेक करेंगे तब आपकी चोरी पकड़ी जाएगी |

 

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  • रियल एक्साम्प्ल का प्रयोग करे: एक औसत शिक्षक और एक कामयाब टीचर के बीच सिर्फ और सिर्फ नॉलेज डिलीवरी का अंतर होता है | कोशिश करे अपने लेक्चर में ज्यादा से ज्यादा रियल एक्साम्प्ल डालने की, हो सके तो पढाई के दौड़ान आप मानचित्र, ग्लोब अथवा किसी भी रियल ऑब्जेक्ट का इस्तेमाल करते रहें ताकि बच्चो को आपके ज्ञान से खुद को जोड़ने में आसानी हो |

 

  • जिंदगी के इस पराव का दिल से मजा ले: भारतीय समाज में युवाओं के बीच ये आम मानसिकता है कि जब तक कही नौकरी न मिल जाये या फिर मै लाइफ में सेटल्ड न हो जाऊ तब तक कही पढ़ा ही लेता हूँ | आपको सबसे पहले इस मानसिकता से बाहर निकलना पड़ेगा | यकीन मानिये दिल से यदि आप इस कार्य को करेंगे तो ये कार्य आपको आत्म-संतुष्टि के साथ बहुत कुछ दे सकता है और फिर यदि हम सब ऐसा ही सोचने लगे तो आखिर हमारे समाज के इस युवा वर्ग को समाज में स्थापित कौन करेगा….?

कोशिश करें बच्चो से घुलने-मिलने की बच्चे आपको हंसा सकते हैं, रुला सकते हैं एवं क्या पता आपको जीने की एक वजह भी दे सकते हैं !अतः आप सभी शिक्षक बंधुओ से हमारा परिवार ये आग्रह करता है की “ बच्चो को दिल से पढाते रहे एवं देश को आगे बढ़ाते रहे”

यदि आपके पास भी पढ़ाने के खट्टे-मीठे अनुभव है तो हमसे शेयर कीजिये उन्हें हम अपने पाठकों के बीच शेयर करेंगे |

Tredinghour

THNN (Trendinghour News Network).

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