और इस तरह हनुमान बने हम सब के बजरंगबली

Why Hanuman is known as Bajrangbali: राम नाम की महिमा को अपने मन में बसा हनुमान जी आज हम भक्तो में सर्वोपरी हो गए हैं | प्रभु राम के प्रति हनुमान की भक्ति हम सब के लिए एक सीख है परन्तु क्या आपको पता है कि हनुमान जी को बजरंगबली क्यूँ कहा जाता है |

बात तब की है जब लंका को जीत प्रभु राम  सीता माता के साथ खुशी-ख़ुशी अयोध्या लौट वह राम राज्य स्थापित करते हैं | ऐसे में एक बार सीता माता को कुमकुम(सिन्दूर) लगाते देख विचलित हनुमान माता सीता से इसका कारण पुछ बैठते हैं तो माता सीता हस्ते-हस्ते उन्हें जवाब देती हैं कि ये सिन्दूर मेरे आराध्य प्रभु राम की लम्बी उम्र के लिए है |

कलयुग केवल नाम अधारा, सुमरी सुमरी नर पुत्र हो पारा”

 जी हाँ..ऐसे में हनुमान जी माता सीता से ये पूछते हैं कि क्या इसको लगाने से प्रभु राम की आयु में वृद्धि होगी..? और अगर ऐसा है तो मैं भी ये कुमकुम लगाऊँगा |इसी कारण हनुमानजी कुमकुम को अपने सम्पूर्ण शरीर में लगा लेते हैं जिससे कि उनका सारा शरीर नारंगी रंग का हो जाता है | उनकी इस क्रिया को देख सब लोग हँसने लगते हैं परन्तु जैसे ही प्रभु राम इसके पीछे का मकसद समझते हैं वैसे ही अपने भक्त की भक्ति देख अति प्रसन्न हो हनुमान को बजरंगबली(नारंगी रंग वाले) का ख़िताब देते हैं | आज भी मंगलभवन को उनकी भक्ति के लिए श्रद्धालु उनके शरीर में कुमकुम का लेप लगाते हैं | तो भैया इस प्रकार हनुमानजी बने हम सब के बजरंगली |

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है. रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो. हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है.

धरम सम्बंधित ऐसे ही ढेर सारे मजेदार कहानियों से जुड़े रहने के लिए हमारे धरम एवं संस्कृति पेज पर बने रहे.

फोटो साभार: soulsteer

Tag: Why Hanuman is known as Bajrangbali

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Have Entered Wrong Credentials