तो इस प्रकार महादेव ने दिया रावण को उसका नाम

How Ravana Got His Name From Mahadev in Hindi : यदि रामायण के सम्पूर्ण चरित्र को एक तरफ रख दिया जाये एवं दूसरी तरफ रावण को तो शायद अपने ज्ञान, पराक्रम एवं शौर्य के फलस्वरूप रावण का ही पलड़ा भारी होता | जी हाँ.. कुछ तो बात थी इस शिवभक्त में जो तीनो लोक इनके साहस एवं शौर्य से डरते थे | शिव भक्ति को अपने जीवन का पर्याय मान चुके रावण कितने बड़े शिवभक्त थे ये बात तो खैर हम सब को पता है |

How Ravana Got His Name From Mahadev in Hindi :

अक्सर शिव को प्रसन्न करने हेतु तप एवं साधना में विलीन रहने वाले रावण शिव के प्रति अगाध प्रेम रखते थे और यही वजह थी कि बार-बार वे महादेव को अपने साथ लंका चलने की जिद करते रहते |एक बार रावण शिव को मनाने हेतु कैलाश चले गए परन्तु वहाँ शिव को अपनी साधना में विलीन देख उन्होंने सम्पूर्ण कैलाश को उठा लंका ले चलने का मन बनाया |

ऐसे में भोले शंकर की साधना में विघ्न पड़ता देख महादेव काफी रुष्ट हुए एवं अपने पैर से कैलाश पर्वत को दबा दिया जिससे कि रावण का हाथ उसके अन्दर ही दब कर रह गया | दर्द एवं पीड़ा से कहारते रावण की चींख इतनी भयावह थी की तीनो लोक उससे थर्रा उठे | उस वक़्त भी रावण ने शिव के प्रति अपनी भक्ति नहीं छोड़ी एवं  विषम परिस्थिति के बावजूद भी अपने आराध्य को प्रसन्न करने हेतु अपने शरीर की नसों को तान उन्ही से वीणा बजा महादेव को खुश करने का प्रयत्न करने लगे |

अपने भक्त के इस अनुपम भक्ति को देख महादेव काफी प्रसन्न हुए एवं बदले में उपहार स्वरुप रावण को कई शक्तिया भी दी साथ ही लंकेश को रावण की भी उपाधि मिली | रावण का मतलब होता है सिंह के समान गरजने वाला |

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है. रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो. हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है.

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