क्या आप जानते है कि हनुमान जी को कैसे मिला उनका नाम

How Hanuman Ji got his name in Hindi: अंजनीपुत्र हनुमान बाल्यकाल से ही अपार शक्तियों की वजह से काफी शक्तिशाली बन गए थे | तमाम ऋषि- मुनियों एवं देवताओं के आशीर्वाद ने हनुमानजी को अनूठे शक्तियों का मालिक बना दिया था | बचपन से ही अति चंचल हनुमान कभी इधर जाते तो कभी उधर |

अपनी शक्तियों की वजह से कई बार वे मुनियों को रुष्ट भी कर देते तो कई बार बुरे को मार वे लोगों के हितैषी बन जाते | माँ अंजनी की बातों का जोड़ उनपर कहाँ पड़ने वाला था | अपने भक्तो के बीच पवनपुत्र, संकटमोचक, बजरंगबली जैसे कई नामों से जाने जाने वाले बजरंगबली को हनुमान नाम क्यों दिया गया इसके बारे में शायद ही बहुत कम लोग जानते होंगे |

दरअसल संस्कृति में हनु का अर्थ होता है जबड़ा(jaw) एवं मान का अर्थ होता है बिगड़ा हुआ | अतार्थ हनुमान का मतलब होता है  बिगड़े जबड़े वाला इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है | बचपन में एक बार बजरंगबली को बड़े जोरो की भूख लगी एवं आकाश में लाल सूरज को देख उन्हें ऐसा लगा कि शायद ये कोई स्वादिष्ट लाल फल है | ऐसे में हनुमान जी उस फल को खाने हेतु उड़ान भरते हैं |

इस बात से देवताओं में हाहाकार मच जाता है परन्तु सवाल ये उठता है कि देवताओं के प्रिय हनुमानजी को आखिर कैसे रोका जाये |ऐसे में देवराज इंद्र हनुमान जी को रोकने हेतु उन पर अपने बज्रासन का वार करते हैं जिससे कि वे धरती में गिर जाते हैं | ये वार इतना ताकतवर होता है कि उनका जबड़ा ही सदा के लिए बिगड़ जाता है ऐसे में तमाम देवतागण उन्हें ढेरों शक्तियां उपहार स्वरुप देते हैं एवं उसी दिन से उनका नाम हनुमान पड़ जाता है |

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है | रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो | हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है|

अपने धरम एवं संस्कृति से जुड़े ऐसे ही मजेदार बाते जानने के लिए हमारे धरम एवं संस्कृति पेज पर बने रहे|

Tag: How Hanuman Ji got his name in Hindi

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Have Entered Wrong Credentials