हनुमान जी के भूख से डर गयी सीता माता

Hanuman Ji and Sita Maa Story in Hindi : अपने प्रभु राम के प्रति बजरंगबली की भक्ति को कौन नहीं जानता | आज केवल राम नाम की महिमा से ही बजरंगबली भक्तो में सर्वश्रेठ बने हुए हैं | यूँ तो रामायण में भक्त बजरंगबली के बारे में ढेरो प्रसंग पढ़ने को मिलते हैं पर कुछ बाते ऐसी हैं जो हनुमान जी को ओरो से अलग बनाती है | ऐसा ही एक वाक्य का उल्लेख यहाँ हम कर रहे हैं |

Hanuman Ji and Sita Maa Story in Hindi : 

तो बात तब की है जब माता सीता राजपाट छोड़ अपने दोनों बच्चों के साथ मुनि बाल्मीकि के आश्रम में रह रही थी | ऐसे में एक बार माता सीता से उनका हाल-चाल पूछने भक्त हनुमान उनकी कुटिया में पहुँच जाते हैं | वहाँ जाकर वे माता सीता से उनके हाथों का कुछ बना खिलाने का अनुरोध करते हैं | अपने अनन्य भक्त की इस मांग से उद्वेलित हो माता सीता उनके लिए अपने हाथों से ढेरो लजीज पकवान एवं व्यंजन बनाती हैं |

हनुमान जी, जो कि काफी भूखे थे चट करते ही सारा भोजन समाप्त कर देते हैं | ऐसे में भूख शांत न होने का हवाला दे वे सीता माता से और कुछ खिलाने की विनती करते हैं | और फिर देखते ही देखते भक्त हनुमान माता सीता के आश्रम का सारा राशन ख़तम कर देते हैं |फिर भी भक्त हनुमान की भूख न शांत होते देख माता सीता अंत में प्रभु राम से पूछती हैं कि आखिर किस तरह उनकी भूख शांत की जाये |

ऐसे में प्रभु राम माता सीता को ये कहते हैं कि भक्त हनुमान की भूख ऐसे शांत नहीं होगी | आप उन्हें तुलसी पत्ते के साथ थोड़ा भोजन करा दें | प्रभु राम के कहे अनुसार माता सीता हनुमान जी को तुलसी पत्ते के साथ थोड़ा भोजन करा देती हैं जिससे तुरंत ही भक्त हनुमान की भूख शांत हो जाती है |

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है. रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो. हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है.

अपने धरम एवं संस्कृति से जुड़े ऐसे ही मजेदार बाते जानने के लिए हमारे धरम एवं संस्कृति पेज पर बने रहे.