तो इस कारण रखी गयी सीता स्वयंवर की ये अनूठी शर्त

Facts about Sita Marriage in Hindi: जगतजननी माँ सीता के प्यार एवं पति राम के प्रति समभाव की मिसाल युगों-युगों तक गायी जाती रहेगी | मिथिला नरेश राजा जनक को अपने राज्य में कृषिपर्व मनाने के दौरान एक कलस में मिली माता सीता को बचपन से ही बड़े लाड़-प्यार से पाला गया | राजा जनक के समान तीक्ष्ण बुद्धि वाले सम्राट के हाथों एक अच्छी परवरिस पा सीता ने एक आदर्श नारी के सम्पूर्ण गुण विकसित कर लिए थे |

अब वक़्त आ गया था की सीता की शादी की जाये | ऐसे में सीता के स्वयंवर की बात चली जिसमे शिव धनुष के ऊपर प्रत्यंचा चढ़ा उसे तोड़ने वाले को ही सीता से विवाह योग्य माना जाता | परन्तु क्या आपको पता है कि आखिर सीता के स्वयंवर के लिए इस शर्त को क्यूँ रखा गया..?

महादेव भोले शंकर द्वारा दिए गये बाण को उठा पाना साधारण मनुष्य के लिए असंभव वाली बात थी | परन्तु एक बार बचपन में सीता खेलते-खेलते ही उस बाण को उठा बैठी | हालाँकि ये घटना माता सीता के लिए बहुत ही स्वाभाविक थी परन्तु राजा जनक के लिए ये घटना काफी असाधारण थी |

उन्हें ये जान काफी आश्चर्य हुआ कि सीता कोई साधारण स्त्री नहीं एवं इससे विवाह भी किसी साधारण पुरुष का नहीं हो सकता तो ये वजह थी जब राजा जनक ने सीता स्वयंवर के लिए ये शर्त आवश्यक रखी | हालाँकि विष्णु जी जब राम बन अवतरित हुए तब उन्होंने महादेव शंकर के बाण को उठा उसमे प्रत्यंचा चढ़ा राजा जनक की उस शर्त को पूरा कर सीता से विधिवत् विवाह किया |

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :   इस लेख में प्रकट कि गयी जानकारी लेखक द्वारा गहन अध्यन एवं रिसर्च के पश्चात दी गयी है. रीडर्स ध्यान दे कि कुछ तथ्य जुटाने हेतु महाग्रंथो के विभिन्न अध्यायो से मदद ली गयी है. ऐसे में रीडर्स से अनुरोध है कि वे लेख पढ़ते वक़्त किसी भी तरह से विचलित न हो. हमारा उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक आस्था को आहत करना नहीं है

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Tag: Facts about Sita Marriage in Hindi

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