आगे बढ़ना हैं तो याद रखे श्री कृष्ण द्वारा कही ये 4 बाते..

Gita Saar in Hindi: गीता पूरे संसार में एक ऐसी किताब के रुप में जानी जाती है जो सत्य से पर्दा हटाती है। श्रीकृष्ण गीता में अर्जुन को नहीं अपितु पूरे संसार को ज्ञान की ऐसी बातें बताते हैं जो आपको अंदर से बेहद मजबूत बना देती हैं। आईये जानते हैं ऐसा क्यों कहा श्री कृष्ण ने गीता में…

यूँ तो हम सभी जानते हैं कि इस संसार में मृत्यु सबसे बड़ा सत्य है और ये भयभीत भी करता है लेकिन एक सम्मानित व्यक्ति के लिए अपमान मृत्यु से भी अधिक दुखदायी होता है। और वह कभी भी इसका सामना नहीं करना चाहता है। एक सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबकुछ होता है।

  • जब बुद्धि मोहरुपी दलदल को पार कर लेती है तो तुम्हें वैराग्य प्राप्त होता है

श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि मोह दलदल की भांति है जो लोगों को बहका देता है और उसी में उलझे रहने को विवश कर देता है । लेकिन जब आप इस मोह से बाहर आ जाते हैं तब आपको सिर्फ एक शांत वातावरण दिखाई देता है उसमें सिर्फ आप होते हैं और आपकी आत्मा जो कि ईश्वर का स्वरुप होती है। आप खुद से ही वार्तालाप करने में लीन रहते हैं। जब आप मोह से बाहर आ जाते हैं तब आप शांत हो जाते हैं आपके ऊपर सिर्फ आपका नियंत्रण होता है। उस समय आपको असीम शांति यानि की वैराग्य प्राप्त होता है।

  •  प्राणी जन्म से पहले अप्रकट थे और मृत्यु के बाद भी अप्रकट हो जाते हैं तो फिर शोक क्यों

श्री कृष्ण गीता में अर्जुन से कहते हैं कि सभी मनुष्य जन्म से पहले आपको दिखाई नहीं देते हैं और ना ही आप उनके बारें में कुछ जानते हैं लेकिन मृत्यु के बाद भी वो उसी अवस्था को प्राप्त होते हैं तो फिर किसी की मृत्यु पर इतना शोक क्यों। सिर्फ आत्मा ने शरीर छोड़ा है वो स्वयं कभी समाप्त नहीं होती है। वो मुझमें समाहित हो जाती है। मैं हूँ तुम्हारे अंदर और मरने के बाद पूनः खुद में आ जाता हूँ। यहाँ सिर्फ फर्क इतना ही है जन्म और मृत्यु के बीच आत्मा शरीर के साथ प्रकट होती है। किसी की मृत्यु पर शोक करने का कोई कारण नहीं है सिवाय मोह के।

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  • आत्मा ना गीली होती है, ना जलती है, ना सूखती है और ना ही कटती है

आत्मा मैं हूँ और आत्मा को ना कोई गीला कर सकता है, ना अग्नि जला सकती है, ना वायु सुखा सकती है और शस्त्र काट सकते हैं। आत्मा शक्ति है और इस शक्ति का विनाश नहीं होता है। जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु हुई है उसका जन्म निश्चित है। मनुष्य को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण की आवश्यकता है उसे क्रोध से अपनी बुद्धि की रक्षा करने की आवश्यकता है। और ऐसा करने पर वह परमात्मा से मिलता है।

अगर आप भी अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या के अलावा खुद का मन शांत करना चाहते हैं तो गीता का पाठ जरुर करें और इसके अर्थ को समझें। अपने धरम से जुड़े ऐसे ही मजेदार बातों की जानकारी के लिए हमारे धरम एवं संस्कृति पेज से जुड़ना न भूले|

Tag: Gita Saar in Hindi

Nandini Singh

नंदिनी सिंह ट्रेंडिंगऑवर में एडिटोरियल प्रड्यूसर हैं|

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