जाने Loan Default से जुड़े अपने अधिकारों को

जाने Loan Default से जुड़े अपने अधिकारों को (Loan Defaulter Legal Right in Hindi): हम में से न जाने कितने ही युवा हर रोज़ एक नया सपना बुनते हैं कि मेरे पास खुद का बंगला हो, बड़ी कंपनी का मालिक बनू और न जाने क्या क्या | ऐसे में अपने सपनो को हकीक़त में बदलने के लिए आपकी मेहनत एवं लगन के साथ-साथ जिस चीज की सबसे ज्यादा जरुरत होती है वो है पैसा | पैसे के अभाव में आज न जाने कितने युवा उधमी के सपने अधूरे ही रह जाते हैं |

ऐसे में आर्थिक मदद की वजह से कही कोई सपना दम न तोड़ ले इसके लिए सरकार ने Banking Sector बनाये | ग्राहकों के पैसे को ग्राहकों से जमाकर दूसरी तरफ जरुरतमंद ग्राहकों को थोडा High Interest में दे बैंक मुनाफा कमाती है वही दूसरी तरफ जरुरतमंदों का काम भी बड़े आसानी से निकल जाता है | आज आम इन्सान आगे बढ़ने के लिए काफी हद तक लोन पर आश्रित रहता है | परन्तु तब क्या जब आप लोन Repay करने में असमर्थ हो अथवा आपका खाता NPA (Non Performing Asset) हो जाये | ऐसे में कई बार उचित मार्गदर्शन एवं जागरूकता के अभाव में ग्राहकों द्वारा गलत कदम भी उठाते हुए देखा गया है | Loan Repayment न कर पाने पर ग्राहकों के भी कुछ Legal Right होते है जिनका उपयोग कर ग्राहक थोड़े दिन की मोहलत जरुर पा सकते है :

Loan Defaulter Legal Right in Hindi :

(1) लीगल नोटिस का अधिकार: बैंक द्वारा उठाये गए किसी भी ठोस कदम से पहले आपको लीगल नोटिस भेजना का अधिकार होता है |यदि आपका अकाउंट 90 दिनों से Non-Performing (NPA) है अथवा बैंक अब आपकी Property नीलाम भी करना चाहती है फिर भी आपको 30 दिन पहले एक लीगल नोटिस बैंक को भेजना ही पड़ेगा | ध्यान दे बैंक आपसे लोन वापस लेने के लिए किसी तरह की जोड़ जबरदस्ती नहीं कर सकता |

(2) आप निर्धारित कर सकते है सही वैल्यू : यदि किसी कारणवस आपकी प्रॉपर्टी बेचीं जाती है तो ऐसा नहीं कि बैंक को सारा पैसा रखने का अधिकार है | यदि आप बैंक द्वारा लगाये गए Auction Price से संतुष्ट नहीं है तो आप बैंक को कोई हाई वैल्यू कस्टमर से मिलवाकर अपनी प्रॉपर्टी का सही वैल्यू निर्धारित कर सकते हैं |

(3) लौटाने होगें बाकि पैसे: ध्यान दे ऐसा नहीं की प्रॉपर्टी के नीलामी के बाद बैंक सारा पैसा रख लेगी | आपके द्वारा ली गयी लोन के साथ ब्याज एवं नीलामी कराने में लगे व्यय को काट कर बैंक आपको बाकि के पैसे लौटा देगी | आप पैसा क्लेम करने के लिए बैंक से लिखित में एक दरखास्त कर सकते हैं |

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(4) सुनवाई का अधिकार: प्रॉपर्टी नीलामी लास्ट आप्शन है | ध्यान रहे सारा खेल विश्वास का है यदि आप पहले से ही बैंक के प्रति इमानदार बने रहेंगे तो बैंक आपको थोडा बहुत रियायत दे सकती है | ज्ञात हो की किसी भी तरह के परेशानियों में तुरंत बैंक मेनेजर से संपर्क कर अपनी पूरी परेशानी बता कोई बीच का रास्ता अवश्य निकाले |

(5) कर सकते है इसकी शिकायत: ध्यान दे केवल क़र्ज़ नहीं चूका पाना आपको मुजरिम नहीं बना देता | यदि आप विल्फुल डिफाल्टर नहीं है एवं बैंक लोन नहीं चूका पाने में आपकी असमर्थता की एक जायज वजह है तो बैंक आप पर लोन रीपेमेंट के लिए दवाव नहीं डाल सकती | रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गाइडेंस के तहत बैंक लोन वापस लेने के लिए आप पर किसी तरह से कोई अमानवीय हरकत नहीं कर सकती |

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फोटो : टाइम्स ऑफ़ इंडिया

Mahendra

Adv. Mahendra is a law professional and legal advisor at Lucknow High Court and member of Awadh Bar Association (ABA).

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