आइये मिलते है यूनियन बजट 2017 के पीछे छिपे इन 5 सुपरस्टार से

नई दिल्ली: गतः 01 फरवरी 2017 को भारत के वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली द्वारा आम बजट 2017-2018 पेस किये जाने के बाद से ही देश में एक बहस सी छिड़ गयी हैं| हालाँकि अपने  अभिभाषण के दौरान वित्तमंत्री श्री जेटली जी ने अपने सरकार के कई उपलब्धियों को गिनवाते हुए यूनियन बजट 2017  को अब तक का सबसे बढ़िया बजट बताया|लेकिन विपक्षी पार्टियों ने विमुद्रीकरण के इस अफरा तफरी भड़ी माहौल में इस बजट को टोटल फ़ैल करार दिया हैं| जो भी हो  इस आम बजट 2017 में किसानों, युवाओं, गरीबों और गांव के विकास पर खासा जोर दिया गया है।

हम में से अधिकांश लोगो को बजट से काफी अपेक्षाए होती हैं| बजट के आधार पर ही हम अपने सेविंग्स एवं लाइफस्टाइल को बेहतर करने का सपना देखते हैं| मगर बजट पढ़ते या सुनते वक़्त क्या एक बार भी आपको इसके पीछे छुपे उन सुपरस्टार की याद आती हैं जो हर  मुमकिन दायरे एवं वादों से हमारे लिए विकास की योजनाये लाते हैं| खैर हमे उनसे क्या..? मगर बजट बनाने में उनकी सहयोगिता को आप यूँ तो नकार नहीं सकते| आइये डालते हैं एक नजर यूनियन बजट 2017 को बनाने वाले उन 5 चहेरों पर जिनके बिना यह बजट अधुरा सा था|

1. Arvind Subramanian, Chief Economic Advisor

कभी Peterson Institute for International Economics के वरिष्ठ फेलो रह चुके अरविंद सुब्रमण्यन की गिनती भारत के कुछ बेहद ही प्रतिभाशाली अर्थशास्त्री में की जाती हैं| भारत अर्थव्यवस्था के वर्तमान मुख्य आर्थिक सलाहकार अरबिंद कभी भूतपूर्व गवर्नर रघुराम जी के साथ भी काम कर चुके हैं| मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में इनका मुख्य कार्य आर्थिक स्थिरता बनाए रखना एवं  निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियों तैयार करना हैं| वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण का मसौदा तैयार करने का सारा दारोमदार भी इन्ही के कंधो पर हैं|

2. Ashok Lavasa, Finance Secretary

हरियाणा कैडर के 1980 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक लवासा भारत के वित्त सचिव भी हैं| यूनियन बजट 2017 बनाने से लेकर उन्हें अंतिम रूप से संघटित करने वाले टीम का प्रतिनिधित्व का कार्य इन्ही का है| वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के इंचार्ज के रूप में  में इनका काम सरकार के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य की मांग एवं उम्मीदों के बीच एक संतुलन बनाये रखना हैं| राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने और सार्वजनिक खर्च को बढ़ावा दे विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है|

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3. Hasmukh Adhia, Secretary, Department of Revenue

गुजरात कैडर के 1981 बैच के आईएस अधिकारी, हसमुख अधिया भारत के राजस्व सचिव है|  बजट 2016 के कर प्रस्तावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हसमुख जी ने ही उन प्रस्तावों के पीछे का तर्क समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरकार में रहते इनका मुख्य कार्य, कर अधिकारियों के खिलाफ उठ रहे शिकायतों एवं मुकदमेबाजी को कम करने का होता है| यूनियन बजट 2017  में, इनका  मुख्य कार्य Demonetisation घोषणा के दौरान बड़े स्तर पर क़ानूनी रूप से कर संग्रह करना था|

4. Shantikanta Das, Secretary, Department of Economic Affairs

तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के आईएएस अधिकारी Shantikanta दास बजट के कामकाज के साथ अच्छी तरह से वाकिफ है| आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में, इनका प्रधान कर्तव्य समस्या से मुक्त एक ऐसा बजट पेश करने की होती हैं जो सारे अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम हो| यूनियन बजट 2017 में, इनका मुख्य कार्य  demonetisation के बाद पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को फिर से सुचारू ढंग से चलाना एवं निजी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने का हैं|

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5. Neeraj Kumar Gupta, Secretary, Department of Investment and Public Asset Management

निवेश और सार्वजनिक एसेट मैनेजमेंट के सचिव के रूप में, नीरज कुमार गुप्ता “सामरिक संपत्ति की बिक्री (strategic asset sales) के सरकार के एजेंडे को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। घाटे में चल रही कंपनियों के समापन से ले  भारतीय सरकारी कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाने का दारोमदार भी इन्ही के ऊपर है| यूनियन बजट  2017 में इनका मुख्य कार्य सरकारी उद्यमों के लिए संसाधन जुटाने और नए निवेश को आकर्षित करने का है।

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